- लाल बाबू को अध्यक्ष, नित्यालाल कुमार को महासचिव और टाटा के आरके पांडेय को बनाया गया कार्यकारी अध्यक्ष
- अंतरिम समिति में कार्यकारी महासचिव, संयुक्त महासचिव एवं जोनल कोषाध्यक्ष का भी किया गया मनोनयन
- रेलवे मेंस कांग्रेस में दो धड़ों में नेतृत्व पर दावेदारी और कानूनी लड़ाई के बीच एक गुट ने जारी की कमेटी की लिस्ट
KOLKATA. दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस में आंदरुनी खींचतान के बीच 1 अगस्त 2025 को विशेष कार्यकारिणी बैठक बुलाकर एक गुट ने सर्वसम्मति से अंतरिम केंद्रीय समिति का गठन कर लिया है. दक्षिण पूर्व रेलवे, गार्डनरीच, कोलकाता स्थित रेलवे इंस्टिट्यूट में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता मो. मुशताक ने की थी. इस बैठक में विभिन्न शाखाओं/डिवीजनों से आए सक्रिय सदस्यों, निर्वाचित प्रतिनिधियों, कार्यसमिति सदस्यों एवं महासभा के सदस्यों ने भाग लिया. इस बैठक में अंतरिम केंद्रीय समिति का गठन करने के बाद इसकी सूचना दक्षिण पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी (PCPO) को लिखित रूप से दी गयी है.

आरके पांडेय, कार्यकारी अध्यक्ष, SERMC
रेलवे मेंस कांग्रेस के एक गुट के नेताओं ने बताया कि एक अगस्त की बैठक संगठन के वर्तमान केंद्रीय पदाधिकारियों के असंवैधानिक कार्यों के विरोध में बुलाई गई थी एवं सर्वसम्मति से संगठनात्मक, न्यायिक, प्रशासनिक एवं श्रमिक हितों से जुड़े विषयों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए अंतरिम केंद्रीय समिति का गठन किया गया. इसमें लाल बाबू को अध्यक्ष, नित्यालाल कुमार को महासचिव, चक्रधरपुर मंडल से आरके पांडेय को कार्यकारी अध्यक्ष, मुख्यालय से गोरखनाथ यादव को कार्यकारी महासचिव, आद्रा मंडल से अमर सिंह को संयुक्त महासचिव एवं रांची डिवीजन से पीडी तिवारी को जोनल कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई.
दपू रेलवे मेंस कांग्रेस के महासचिव नित्यलाल कुमार ने जारी बयान में बताया कि दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस अपने मूल उद्देश्यों श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली और संगठनात्मक पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्ध है और भविष्य में भी सिद्धांतों का पालन करती रहेगी. इस निर्णय की औपचारिक सूचना दक्षिण पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य कार्मिक अधिकारी (पीसीपीओ) को लिखित पत्र के माध्यम से 8 अगस्त 2025 को मिलकर दी गयी.
जारी बयान में कहा गया कि कोलकाता में आयोजित बैठक में शामिल सभी सदस्यों ने अंतरिम केंद्रीय समिति का गठन को संगठन के संविधान के अनुरूप मानते हुए सर्वसम्मति से पारित किया और इसे संगठन की एक आवश्यक और समयानुकूल पहल बताया है. रेलवे मेंस कांग्रेस में दो धड़ों में नेतृत्व पर दावेदारी को लेकर अभी कानूनी जिच चल रही है जो मामला न्यायालय में लंबित है. ऐसे में एक गुट ने अंतरिम केंद्रीय समिति का गठन कर रेल प्रशासन के सामने अपना दावा कर दिया है.
दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस की अंतरिम केंद्रीय समिति
















































































