KOTA. कोटा डीआरएम कार्यालय में रिटायरमेंट के बाद भी एक कर्मचारी को लगातार 3 महीने तक वेतन भुगतान का मामला सामने आया है. जानकारी मिलते ही प्रशासन ने महिला कार्यालय अधीक्षक को चार्ज शीट थमाई है. महावीर नाम के इस कर्मचारी ने वॉलंटरी रिटायरमेंट दिया था. लेकिन रिटायरमेंट के बाद भी इस महावीर के खाते में 3 महीने तक लगातार वेतन आया. वेतन आने का पता चलते ही महावीर ने मामले की जानकारी डीआरएम अकाउंट विभाग को दी. साथ ही रेलवे को 3 महीने का वेतन भी लौटा दिया.
इसके बाद अकाउंट विभाग में गड़बड़ी को ठीक कर मामले में कार्मिक विभाग की एक महिला कार्यालय अधीक्षक को इसके लिए जिम्मेदार माना. इसके बाद अधिकारियों ने ट्रांसफर कर महिला को माइनर चार्ज शीट एसएफ-11 पकड़ा दी. महिला का इसी साल जून में रिटायरमेंट है.
कुछ साल पहले ऐसी गलती एक महिला कर्मचारी भी कर चुकी है. इस महिला कर्मचारी ने एक लोको पायलट को करीब 5-6 लाख रुपए का अतिरिक्त वेतन भुगतान कर दिया था. गलती पकड़ने पर इस महिला को मेजर चार्ज शीट एसएफ-5 दी गई थी.
इसके बाद भी इस महिला ने एक और कर्मचारियों को अधिक वेतन भुगतान कर दिया. लेकिन इस दूसरी बार गलती के लिए अधिकारियों ने महिला के मुख्य कार्यालय अधीक्षक को जिम्मेदार माना. इसके लिए मुख्य कार्यालय अधीक्षक को एसएफ-5 देने की सिफारिश की गई. लेकिन रिटायरमेंट नजदीक देखते हुए मुख्य कार्यालय अधीक्षक के दो सुविधा पास बंद कर दिए गए. यह कार्यालय अधीक्षक का 31 दिसंबर को रिटायरमेंट हो गए.
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