नई दिल्ली. भारतीय रेल में बढ़ते हादसों को देखते हुए भारतीय नया कदम उठाने जा रही है। इसके तहत रेलवे के सभी कर्मचारी रेलवे की आंख और कान बनेंगे। कोई भी समस्या होने पर वह सीधे वरिष्ठ अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचा सकेंगे और उनकी पहचान भी गोपनीय रखी जाएगी।
दरअसल, रेलवे एक वेबसाइट लॉन्च करने जा रहा है। इसमें व्हिसलब्लोअर्स को एक प्लेटफॉर्म मुहैया करवाया जाएगा। इसमें वह सीधे उच्च अधिकारियों को सुरक्षा में हुई चूक के बारे में सीधे बता पाएंगे। इस वेबसाइट को रेलवे सूचना प्रणाली केंद्र ने बनाया है। इसके जरिए ट्रैकमैन से लेकर अधिकारी तक अपनी पहचान उजागर किए बिना खुलासा करके एक सुरक्षित यात्रा को सुनिश्चित कर सकेंगे। वेबसाइट के जरिए इंजीनियर द्वारा सुरक्षा के प्रोटोकॉल को तोड़ने से लेकर किसी के द्वारा ट्रेनों के रखरखाव में लापरवाही बरतने और ड्यूटी पर सोते गेटमैन तक के बारे में सूचना दी जा सकेगी। इस बेवसाइट की सीधे निगरानी रेल मंत्रालय के सुरक्षा विभाग द्वारा की जाएगी।
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्वनी लोहानी ने कहा- इसे सार्वभौमिक रिपोर्टिंग तंत्र कहा जाता है। हमें उम्मीद है कि यह वेबसाइट मार्च से शुरू हो जाएगी। बताते चलें कि एयर इंडिया के प्रबंध निदेशक और अध्यक्ष रहते हुए भी लोहानी ने इसी तरह की वेबसाइट को लॉन्च किया था।
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