KANPUR. कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर विजिलेंस की टीम ने एक फर्जी रेलवे अधिकारी को गिरफ्तार किया. आरोपित ट्रेन में खुद को अधिकारी बताकर यात्रियों पर रौब जमा रहा था और उन्हें डराने-धमकाने का काम कर रहा था. शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया. पकड़े गए व्यक्ति के पास से फर्जी आईकार्ड और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वह लंबे समय से इस तरह की हरकतों में शामिल हो सकता है.
जानकारी के मुताबिक, शिव गंगा एक्सप्रेस के कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचते ही विजिलेंस टीम पहले से सतर्क हो गई थी. ट्रेन रुकते ही संदिग्ध युवक को घेरकर हिरासत में ले लिया गया. तलाशी के दौरान उसके पास से एक आईकार्ड, ड्यूटी पास और अन्य फर्जी कागजात मिले. आई कार्ड के अनुसार आरोपित का नाम संजय कुमार लिखा है. जो झांसी का रहने वाला है. इसके अलावा उसके पास से कुछ नकदी भी बरामद हुई है.
जांच में यह भी सामने आया है कि शातिर ट्रेन में खुद को रेलवे अधिकारी बताकर यात्रियों पर दबाव बनाता था और उन्हें नियमों का हवाला देकर डराता था. आशंका जताई जा रही है कि वह इसी तरीके से लोगों को गुमराह कर फायदा उठाता रहा होगा. विजिलेंस टीम अब आरोपित से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसके साथ कोई गिरोह तो सक्रिय नहीं है और वह कब से इस तरह की फर्जी गतिविधियों को अंजाम दे रहा था.
डिप्टी सीटीएम अकांशु गोविल ने शनिवार को बताया कि आरोपित के पास से बरामद दस्तावेज पूरी तरह फर्जी पाए गए हैं. मामले की जांच की जा रही है और सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि रेलवे में इस तरह की धोखाधड़ी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति खुद को अधिकारी बताकर संदिग्ध गतिविधि करता नजर आए तो उसकी सूचना तुरंत रेलवे या पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.


















































































