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Freight train accident : आसनसोल डीआरएम के तबादले पर सोशल मीडिया में छिड़ी बहस, … रेलमंत्री दिखाये नैतिक साहस!

KOLKATA. सिमुलतला रेल हादसे के बाद रेलवे बोर्ड ने एक ही दिन दो आदेश जारी किये. एक आदेश में आसनसोल डीआरएम विनीता श्रीवास्तव का तत्काल प्रभाव से तबादला कर दिया है. उनकी जगह सुधीर कुमार शर्मा को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है. विनीता श्रीवास्तव का कार्यकाल डिवीजन में  महज पांच माह का रहा. जमुई के सिमुलतला में 27 दिसंबर को हुई मालगाड़ी दुर्घटना के बाद रेलवे बोर्ड का यह आदेश सामने आया है.

शुक्रवार 02 जनवरी 2026 को रेलवे बोर्ड से दो आदेश जारी किये गये. एक आदेश में आसनसोल डीआरएम का तबादला पश्चिम मध्य रेलवे में करने का फरमान सुनाया गया तो दूसरे  आदेश में मुरादाबाद डीआरएम संग्रम मोर्या को हटाकर इस्ट कोस्ट रेलवे भेजा गया है. उनकी जगह नार्दन रेलवे से राजकुमार सिंह को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है.

आसनसोल मंडल में परिचालन और सुरक्षा को बनाए रखने के लिए तत्काल प्रभाव से सुधीर कुमार शर्मा (सीएमएम / वैगन/ईआर) को डीआरएम की जिम्मेदारी सौंपी गयी है. यानी सुधीर कुमार शर्मा मंडल रेल प्रबंधक का अतिरिक्त कार्यभार देखेंगे.

हालांकि तबादला आदेश जारी होने के बाद से ही सोशल मीडिया पर रेलवे बोर्ड के चेयरमैन और रेलमंत्री तक पर सवाल उठाये जाने लगे हैं. इसमें डीआरएम की चयन प्रक्रिया और हाल में नियुक्त DRM के ऊपर पूर्व डीआरएम की अकर्मण्यता का बोझ तक होने की बात कही गयी. कहां तो यहां तक गया कि डीआरएम के कार्य का आकलन वे लोग कर रहे जो स्वयं डीआरएम नहीं बन सके. 

सोशल मीडिया में यह चर्चा भी तेज है कि अगर घटनाओं पर डीआरएम को बली का बकरा बनाया जा रहा तो लाल बहादुर शास्त्री और नीतीश कुमार की तरह रेलमंत्री नैतिक साहस दिखाकर घटनाओं की जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा क्यों नहीं देते? सोशल मीडिया में बालासोर हादसे से लेकर दूसरे हादसों की भी याद दिलाकर रेलमंत्री से नैतिक साहस दिखाने की अपील की जा रही है.

चर्चा में यह बात कही जा रही कि DRM को हटाने से क्या होगा… वास्तविक वज़ह को ढूंढने की सख्त जरूरत थी. vacancy को लेकर रेल कर्मचारियों पर भारी दबाव है. इसमें DRM क्या करेगा … रेल मंत्री को दंडित किया जाना चाहिए.

सोशल मीडिया पर चल रही चर्चा में रेलकर्मियों का तर्क है कि हर हादसे के बाद छोटे कर्मचारियों को तो रिमूव फार्म सर्विस कर दिया जाता है लेकिन बड़े अधिकारियों का सिर्फ तबादला होता है. यह भेदभाव ही सिस्टम को जिम्मेदारी तय करने नहीं देता और लापरवाही बढ़ती है.

Railhunt News Desk
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