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West Central Railway : रेलवे की चांदी का सिक्का निकला खोटा, रिटायर्ड कर्मचारियों के सम्मान में भी हो गया घोटाला!

  • पश्चिम मध्य रेलवे में रिटायर के बाद कर्मचारियों को दिया गया चांदी का सिक्का तांबे का निकला
  • जांच के बाद FIR दर्ज, इंदौर की कंपनी को किया गया ब्लैकलिस्ट, विजिलेंस कर रही जांच 

BHOPAL. रेलवे में सालों की सेवा के बाद रिटायर कर्मचारियों के आखों की चमक तब फीकी पड़ गयी जब उन्हें पता चला कि उन्हें सम्मान में दिया गया चांदी का सिक्का चांदी नहीं बल्कि तांबे का बना है. चांदी की बाजार में बढ़ती कीमतों ने रेलकर्मियों में तोहफे को लेकर खुशी भर दी थी. लेकिन जांच में नया तथ्य सामने आने के बाद न सिर्फ रेलवे की साख पर सवाल उठे है वरन सेवानिवृत्त रेलकर्मियों का सम्मान भी अब नया घोटाला बनकर सामने आया है.

सेवानिवृत्ति के बाद रेलकर्मियों ने सम्मान में मिला चांदी का सिक्का घरों में सजा रखा है. हालांकि चांदी की बढ़ती कीमतों के बीच जिज्ञासु कुछ कर्मचारियों ने सिक्कों की जांच करवाई तो पता चला कि सिक्कों में चांदी की मात्रा 0.23 प्रतिशत तक है. शेष हिस्सा तांबे व अन्य मिश्रित धातुओं का बना है. इस तथ्य को सेवानिवृत्त रेलकर्मी अपने सम्मान से जोड़कर देख रहे. आरोप लगने लगे है कि सिक्कों की खरीद में बड़ा घोटाला हुआ है जिसकी जांच की जानी चाहिए.

हालांकि मामला सामने आने के बाद रेल प्रशासन ने एफआईआर दर्ज करवाने के साथ ही मामले की जांच विजिलेंस विभाग को सौंपी गई है. अब इस मामले में अधिकारियों से लेकर सप्लायर की गर्दन फंसनी तय है. यह मामला सामने आने के बाद देश भर इसकी जांच की मांग उठने लगी है. कयास लगाये जा रहे हैं कि इस तरह का गोलमाल दूसरे जोन में भी हो सकता है.

जबलपुर की एक बेवसाइट ने इस मामले में पूरी रिपोर्ट प्रकाशित करते हुए बताया है कि पहले यह सिक्के केंद्र सरकार की टकसाल में तैयार किए जाते थे, लेकिन बाद में प्राइवेटाइजेशन के दौर में इसे जगह-जगह प्राइवेट एजेंसी को इसका ठेका दे दिया गया. इसका परिणाम यह सामने आया है. जहां सिक्का में  99 प्रतिशत चांदी होनी चाहिए थी वहां 99 प्रतिशत तांबा पाया जा रहा.

WCR के सीपीआरओ हर्षित श्रीवास्तव ने मीडिया को दी जानकारी में बताया कि पश्चिम मध्य रेलवे में अधिकारी या कर्मचारी के रिटायर पर विभाग की ओर से गोल्ड प्लेटेड चांदी का सिक्का दिया जाता है. सिक्कों को खुली निविदा के जरिए स्टोर विभाग खरीदता है. पिछले दिनों सतर्कता टीम को सिक्कों में गड़बड़ी की सूचना मिली. इसके बाद कुछ सिक्कों को सीज कर जांच करायी गयी. जांच रिपोर्ट का इंतजार है. यह आपूर्ति इंदौर की कंपनी ने की थी उसे ब्लैकलिस्टेड कर भोपाल के एक थाना में एफआईआर दर्ज करायी गयी है.

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