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BANDAMUNDA : एसएसई क्लर्क को कार्यालय में घुसकर निजी वाहन चालक ने मारा चाकू, गिरफ्तार

CKP/ROU. चक्रधरपुर रेल मंडल के बंडामुंडा में एक कार्यालय में घुसकर चार पहिया के चालक ने दीपक उज्जवल नामक इंजीनियरिंग विभाग के एक क्लर्क को चाकू से जानलेवा हमला कर बुरी तरह जख्मी कर दिया है. घायल क्लर्क का ईलाज बंडामुंडा रेलवे अस्पताल में चल रहा है. वह बंडामुंडा के एसएसई के अधीन सीनियर क्लर्क के पद पर कार्यरत है. घटना मंगलवार शाम साढ़े चार बजे की है. बताया जा रहा है की ठेके पर रेलवे में चल रहे चार पहिया वाहन के चालक के द्वारा क्लर्क पर चाकू से जानलेवा हमला कर घायल किया गया है. इस घटना के बाद से रेल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर रेलकर्मी भयभीत भी हैं और रेल प्रशासन से नाराज भी हैं. हालांकि पुलिस ने चालक राजू को हिरासत में ले लिया है.

जानकारी के मुताबिक मंगलवार शाम साढ़े चार बजे एक चार पहिया वाहन अचानक रेलवे क्लर्क दीपक उज्जवल के कार्यालय की गेट को धक्का मारते हुए अन्दर प्रवेश कर गयी. गेट पर धक्का मारने कि आवाज सुनकर क्लर्क दीपक बाहर निकला. उसने देखा की रेलवे में ठेके पर चल रही चार पहिया वाहन ने गेट को धक्का मार कर अन्दर घुसी है. दीपक ने इस घटना पर वाहन चालक को ऐसा करने पर जवाब तलब किया. जिससे वाहन चालक गुस्से में आ गया. वह दौड़कर अपने बाइक के पास गया और अपनी बाइक के डिक्की से एक चाकू निकाला और सीधे क्लर्क दीपक की पेट पर वार कर दिया. खुद को चाकू से बचाने के लिए दीपक ने चाकू को पकड़ने की कोशिश की जिससे उसके बाएं हाथ में चाकू लग गया. घटना के बाद वाहन चालक मौके से भाग खड़ा हुआ. वहीं आसपास मौजूद अन्य कर्मी दीपक को लेकर बंडामुंडा रेलवे अस्पताल पहुंचे. जहां दीपक की मरहम पट्टी की गयी.

ट्रेंडर पर चल रहे वाहन चालकों के पुलिस फेरिफिकेशन की मांग 

क्लर्क दीपक इस घटना के बाद खुद को असुरक्षित मान रहा है. उसने कहा की ऐसे हालात में कार्यालय में काम करना मुश्किल है, उसकी जान को खतरा है. बता दें की पुरे चक्रधरपुर रेल मंडल में सैकड़ों वाहन ठेके पर चलाये जाते हैं. लेकिन इन वाहनों को चलाने वाले चालकों की किसी तरह की ना तो जांच की जाती है और ना ही उनका कोई आचरण पत्र लिया जाता है. ठेकेदार अपनी सहूलियत के अनुसार किसी को भी रेलवे में वाहन चलाने के लिए भेज देते हैं. ऐसे में सवाल यही है कि बिना जांच-पड़ताल के रेलवे जैसे संवेदनशील सस्न्थान में अज्ञात वाहन चालकों से ठेकेदार द्वारा काम लेना कहां तक सही है?  अगर किसी चालक के द्वारा किसी दिन बड़ी घटना को अंजाम दिया गया तो इसका जिम्मेदार कौन होगा ? इस हादसे के बाद टेंडर पर लिये गये वाहनों को चलाने वाले ड्राईवरों की पहचान व पुलिस वेरिफिकेशन की मांग उठने लगी है.

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