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TATANAGAR : रेलवे अस्पताल में खाना और पानी के लिए तरस रहे मरीज !, CMS को जानकारी तक नहीं

  • अस्पताल विजिटिंग कमेटी ने उठाये सवाल, क्षमता के अनुसार डॉक्टर व सुविधा नहीं मिलने पर जतायी चिंता 
  • 24 घंटे मिलेगी अस्पताल में डॉक्टर व मरीजों की जानकारी, रेलवे की ओर से जारी किया जायेगा मोबाइल नंबर
  • सीनी, आदित्यपुर और लोको कॉलोनी हेल्थ यूनिट को पूर्ण रूप से चालू किये जाने पर बनी सहमति     

JAMSHEDPUR. टाटानगर रेलवे अस्पताल पर लगभग 17500 पंजीकृत उम्मीद कार्ड होल्डर को सुविधा देने का दायित्व है लेकिन यहां मरीजों के लिए भोजन के साथ पानी की मुकम्मल व्यवस्था तक नहीं है. यही नहीं इसकी जानकारी सीएमएस तक को नहीं है. गुरुवार को अस्पताल विजिटिंग कमेटी की बैठक शुरू होने से पहले ही सदस्यों ने टाटानगर रेलवे अस्पताल की कुव्यवस्था को लेकर सीएमएस के रवैये व जानकारी पर गहरी नाराजगी जतायी. इसे लेकर बैठक से पहले ही यूनियन व सीएमएस में टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गयी. हालांकि बाद में अस्पताल की व्यवस्था में सुधार के आश्वासन के साथ कई बिंदुओं पर सहमति बनी.

अस्पताल प्रबंधन ने स्वीकार किया कि मरीजों को अस्पताल में उपलब्ध डॉक्टर एवं अन्य जानकारी दिने के लिए एक मोबाइल नंबर जारी किया जायेगा जो 24 घंटे चालू रहेगा. रेलवे अस्पताल में डॉक्टर कि कमी दूर करने के लिए डिवीजन से लेकर जोन स्तर तक प्रयास किया जायेगा. वहीं सीनी, आदित्यपुर और लोको कॉलोनी हेल्थ यूनिट को पूर्ण रूप से चालू करने पर भी सहमति बनी. कमेटी के सदस्यों ने रेफरल प्रणाली को पारदर्शी बनाने और नये अस्पताल के टाइअप करने का प्रस्ताव भी दिया. बैठक में एक और एंबुलेंस के अलावा इंडोर को पूरी तरह वतानुकूलित करने की मांग की गयी.

अस्पताल विजिटिंग कमेटी की बैठक में मुख्य स्वास्थ अधीक्षक (CMS) जय प्रकाश महाली के अलावा डॉक्टर राजू मोहन्ता और मेंस यूनियन के ओर से मंडल संयोजक एमके सिंह, जेपी साह, मोहमद फरीद, एसएन शिव, OBC संगठन की ओर से मुंद्रिका प्रसाद और अर्जुन साहू एवं SC /ST रेलवे कर्मचारी संघ की ओर से बिमल कुमार रजक एवं शम्भू करुवा, शिशिर शिंकू शामिल हुए थे.

अस्पताल में लाखों के उपकरण हो रहे खराब, निजी लैब पर चार लाख का खर्च 

अस्पताल विजिटिंंग कमेटी की बैठक में यह सवाल उठाया गया कि रेलवे अस्पताल में लाखों के उपकरण लैब में जांच नहीं होने के कारण बेकार हो रहे है जबकि जांच के नाम पर निजी लैब को हर माह चार लाख तक का भुगतान किया जा रहा है. कमेटी ने लैब को चालू कर इस खर्च को मैनेज करने का सुझाव दिया. अस्पताल के किचन एवं दूसरी जगह फिल्टर पानी उपलब्ध कराने, अस्पताल की क्षमता बढ़ाने की मांग को पूरा करने, बादाम पहाड़, डोंगवापोसी, सीनी आदि से आने वाले मरीजों के परिजनों के लिए अस्पताल परिसर में ठहरने की व्यवस्था करने की भी मांग रखी गयी.

प्राइवेट डॉक्टर समय से नहीं आते, डॉ चौधरी के समय की हो निगरानी 

कमेटी के सदस्यों ने यह बात भी उठायी कि रेलवे से भारी भरकम शुल्क वसूलने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों का अस्पताल में आने-जाने का कोई समय नहीं होता. इस कारण मरीजों को जांच के लिए काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. कई बार मरीज डॉक्टर के आने का घंटों इंतजार करते हैं. कमेटी ने हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ सौरभ चौधरी के आने -जाने कि समय पर सवाल उठाया और प्रबंधन को इस पर ध्यान देने को कहा. इसके अलावा न्यूरो, स्किन, ENT के नये विशेषज्ञ डाॅक्टर की मांग की गयी.

चक्रधरपुर से टाटा में अधिक मरीज, लेकिन सुविधा कम 

चक्रधरपुर मंडल अस्पताल से करीब चार हजार ज्यादा उम्मीद कार्ड होल्डर होने के वावजूद टाटा अस्पताल में कम डॉक्टर एवं कम सुविधा उपलब्ध होने पर कमेटी ने सवाल उठाये. कहा कि टाटानगर रेलवे अस्पताल से 17500 पंजीकृत उम्मीद कार्ड होल्डर है जबकि चक्रधरपुर में यह संख्या कम है. इसके बावजूद यहां सुविधाएं कम है.

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