IEAJD के संस्थापक सदस्य, पूर्व महासचिव व पूर्व अध्यक्ष काॅ अरुण पाल का जमशेदपुर के टीएमएच अस्पताल में गुरुवार को निधन हो गया. बीमा उद्योग के अलावा कई दशकों से मजदूर कर्मचारियों के बीच उनकी सर्वमान्य वाम जनवादी नेता की पहचान रखने वाले कॉम अरुण पाल पिछले कुछ माह से लगातार बीमार चल रहे थे. टीएमएच, जमशेदपुर में उन्होने अंतिम सांसे ली. काॅ अरुण की अंतिम यात्रा उलियान, कदमा स्थित निवास से निकली. उनका पार्वती घाट में अंतिम संस्कार किया गया.
कॉ अरुण का श्रमिक संगठन में अभूतपूर्व योगदान रहा. वह मार्गदर्शक एवं अभिभावक के रूप में मजदूरों के मददगार बने रहे. रेलवे यूनियन नेता तापस चटराज ने कॉ पाल को भावभीनी श्रद्धांजलि दी और कहा कि वह हमेशा हमारे दिल में रहेंगे. कॉ अरुण रेलवे मजदूर आंदोलन में सक्रिय रहे. 1968का केंद्रीय सरकारी कर्मचारी (रेल सहित) हड़ताल, 1973 में AILRSA हड़ताल, सन 1974 रेल मजदूर हड़ताल, 1981मे AILRSA का हड़ताल में सहयोग किया और संयुक्त समिति बनाकर आंदोलनकारियों का हौंसला बढ़ाने का काम किया था.
काॅ. अरुण पाल इंश्योरेंस सेक्टर के कर्मचारियों के लोकप्रिय संगठनकर्ता थे. सेवानिवृत होने के बाद भी जनवादी आंदोलन की गतिविधियों में जोर – शोर से भागीदारी करते थे. कॉ प्रकश विप्लव ने सीटू की ओर से कॉ पाल को श्रद्धांजलि अर्पित की. ऑल इंडिया इंश्योरेंस इम्पलाईज एशोसियेशन (AIIEA) के जमशेदपुर डिविजन के सदस्यों ने भी कॉ पाल को श्रद्धांजति अर्पित करते हुए कहा कि उन्होंने एक अभिभावक, मार्गदर्शक, संरक्षक खो दिया है.
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