- Sr DEE(OP) पर JPO का पालन नहीं करने का आरोप, साल के अंतिम दिन आनन-फानन में जारी की गयी सूची
- LP (G) को प्रमोशन के बाद भी उसी स्थान पर पोस्टिंग दे गयी है, जहां वह ALP थे, ऐसा तीसरी बार हुआ है
- 10 से 15 साल से तबादले का इंतजार कर रहे सैकड़ों लोको पायलटों में छायी मायूसी, यूनियन के प्रति बढ़ा आक्रोश
- डीआरएम ऑफिस में जमीन पर बैठकर लोको पायलटों ने जताया आक्रोश, बात सुनने बाहर नहीं निकले DRM
ADRA. दक्षिण पूर्व रेलवे के आद्रा डिवीजन में भी सहायक लोको पायलटों की LP(Goods) में प्रमोशन सह पोस्टिंग सूची जारी होते ही हंगामा शुरू हो गया है. लोको पायलटों का आरोप है कि चक्रधरपुर डिवीजन की तरह की आद्रा में भी सीनियर डीईई (ओपी) ने साल 2025 के अंतिम दिन वेतन आयोग लागू होने का हवाला देकर आनन-फानन में प्रमोशन सह पोस्टिंग की सूची Sr DPO कार्यालय से जारी करायी, जिसमें नियमानुसार JPO का पालन नहीं किया गया है. इस सूची में सभी LP (G) को प्रमोशन के बाद भी उसी स्थान पर पोस्टिंग दे गयी है, जहां वह ALP थे. यह तीसरी बार हुआ है.
Sr DPO/ADRA कार्यालय से प्रमोशन सह पोस्टिंग की सूची जारी होते ही 10 से 15 साल से तबादले का इंतजार कर रहे सीनियर लोको पायलटों का आक्रोश फूट पड़ा है. लोको पायलटों ने Sr DEE (OP) अनिल कुमार गुप्ता की भूमिका और मंशा को सवालों के घेरे में खड़ा किया है. लोको पायलटों का कहना है कि नयी सूची जारी होने से उनके तबादले की संभावना ही खत्म हो गयी है जिसके लिए वह सीनियरिटी के साथ 10-15 साल से इंतजार रहे थे. हालांकि आक्रोशित लोगों पायलट शुक्रवार को संगठित होकर डीआरएम मुकेश गुप्ता से मिलने भी पहुंचे. डीआरएम कार्यालय में जमीन पर बैठकर सभी डीआरएम का इंतजार करते रहे लेकिन वह नहीं आये.
पोस्टिंग सूची जारी होने के बाद मची हलचल के बीच दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस (SERMC) और ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टॉफ एसोसिएशन (AILRSA) ने सूची को फिर से रिव्यू करने को लेकर डीआरएम को अनुरोध पत्र दिया गया है. इसमें चक्रधरपुर डीआरएम के एक्शन का हवाला देकर तत्काल हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया गया है. लोको पायलटों का कहना है कि अगर Sr DEE (OP)/ADRA द्वारा बनायी गयी सूची को रद्द कर JPO का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाये. अगर ऐसा नहीं किया गया तो 8 जनवरी को बड़े स्तर पर आंदोलन किया जायेगा.
दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस कांग्रेस (SERMC) के आद्रा डिविजनल रनिंग ब्रांच सचिव दिनेश कुमार ने रेलहंट से बातचीत में कहा कि JPO का पालन नहीं होने से सीनियर डीईई ओपी अनिल कुमार गुप्ता की मंशा ही सवालों के घेरे में आ जाती है. यह सीधे-सीधे मनमानी है जो कई सवालों को जल्द दे रही है. उन्होंने कहा कि चक्रधरपुर डिवीजन की तरह डीआरएम आद्रा को भी ऐसी व्यवस्था बनानी चाहिए ताकि सीनियर लोको पायलटों के साथ अन्याय नहीं हो.
SERMU के नेता गौतम मुखर्जी पर टिकी नजरें
चक्रधरपुर रेलमंडल के बाद आद्रा डिवीजन में भी Sr DEE (OP) के स्तर पर लोको पायलटों की तबादला सूची को लेकर उठ रहे आक्रोश के बीच रेलवे मेंस यूनियन के मौन को रेलकर्मी संदेह की नजर से देख रहे हैं. चक्रधरपुर में भी Sr DEE (OP)/CKP द्वारा जारी सूची में भेदभाव और पक्षपात के लग रहे तमाम आरोपों के बीच रेलवे मेंस यूनियन के स्तर पर कोई विरोध नहीं दर्ज कराया गया. यहां तो रेलवे यूनियन के बड़े नेताओं पर ही दलाली के आरोप लगे. कहां तो यहां तक जा रहा है कि डीआरएम के हस्तक्षेप के बाद जारी नयी सूची में भी फेरबदल कर Sr DEE (OP)/CKP पिछले दरवाजे से चुनिंदा LP(G) की पुराने स्थान पर बदले स्वरूप में वापसी सुनिश्चित कराने में जुटे हुए हैं. (विस्तृत खबर जल्द)
फिलहाल आद्रा में LP(Goods) की प्रमोशन सह पोस्टिंग सूची को लेकर उत्पन्न आक्रोश के बीच रेलवे मेंस यूनियन के मौन पर सवाल उठाने जाने लगे हैं. SER जोन में एकल मान्यता वाली यूनियन (SERMU) का गढ़ आद्रा को माना जाता है. रेलवे मेंस यूनियन के जोनल महामंत्री गौतम मुखर्जी से लेकर डिवीजनल को-ऑर्डिनेटर आशीष मुखर्जी जैसे केंद्रीय और दिग्गज नेता यही से आते हैं. प्रबंधन की मनमानी के बीच SERMU के दिग्गज नेताओं के मौन से लोको पायलटों में गहरी निराशा देखी जा रही है. रेलकर्मियों के अलावा यूनियन से जुड़े लोगों का भी कहना है कि SERMU जोन में एकल यूनियन है. ऐसे में रेलकर्मी समस्याओं पर बड़े नेताओं का मौन आने वाले चुनाव में उनके सामने जटिल परिस्थिति उत्पन्न कर सकता है.
क्या है JPO, इसका अनुपालन क्यों जरूरी मानते है LP
JPO (Joint Procedural Order) को Loco Pilots (Goods) के प्रमोशन के बाद पोस्टिंग का आधार माना जाता रहा है. इसके लिए आद्रा डिवीजन में अनारा को मेन स्टेशन माना गया है. यह परंपरा 2015 से लागू है जिसके तहत प्रमोशन पाने वाले Loco Pilots (Goods) की पोस्टिंग यहां की जाती है. फिर यहां से सीनियरिटी बेसिस पर लोको पायलटों को ऑन रिक्वेस्ट आद्रा-बोकारो-बांकुरा-भाेजुडीह आदि स्टेशन पर क्रमश: पोस्टिंग दी जाती है. इस कड़ी में कई लोको पायलट 10-10 साल से इस इंतजार में है कि Loco Pilots (Goods) के प्रमोशन पोस्टिंग के बाद उन्हें मौका मिलेगा. यहां सबसे अधिक मारामारी बोकारो को लेकर होती है. कहां तो यहां तक जा रहा कि बोकारो पोस्टिंग के लिए लोको पायलट बड़ी रकम देने को तैयार रहते हैं. ऐसे में लगातार तीसरी पर जारी प्राेमोशन पोस्टिंग सूची को लेकर यहां हंगामा मचा हुआ है.
रेलहंट का प्रयास है कि सच रेल प्रशासन के सामने आये. ऐसे में किसी को अपना पक्ष रखना है तो whatsapp 9905460502 पर भेज सकते है, पूरे सम्मान के साथ उसका संज्ञान लिया जायेगा.















































































