- चक्रधरपुर डिवीजन के आदित्यपुर के लोको पायलट प्रमोद कुमार माझी के प्रयास की जमकर सराहना कर रहे लोग
- आदित्यपुर के कल्पनापुरी का रहने वाला है युवक, घर जाकर भी जान देने का किया प्रयास, बचाने में दोस्त जख्मी
CHAKRADHARPUR. प्यार का दिवानापन इंसान को किस तरह मानसिक और शारीरिक रूप से आहत करता है इसकी बानगी बीते दिनों तक सामने आयी जब एक युवक जमशेदपुर के आदित्यपुर में रेलवे पटरी पर जान देने की नीयत से जाकर लेट गया. संयोग था कि उस समय आदित्यपुर के लोको पायलट प्रमोद कुमार माझी गुड्स ट्रेन लेकर डांगुवापोसी की ओर बढ़े थे जिनकी नजर पटरी पर लेटे व्यक्ति पर पड़ी. इस आशंका के साथ उन्होंने ट्रेन रोक दिया कि कोई रेलकर्मी रनओवर तो नहीं हो गया ?
किलोमीटर संख्या 255/7 पर ट्रेन रोकने के बाद आगे बढ़े लोको पायलट को पता चला कि एक युवक पटरी पर सिर रखकर जान देने की नीयत से लेटा है. युवक लगातार रो रहा था और प्यार में धोखा देने की बात कहकर जाने देने को आतुर था. युवक का कहना था कि वह पांच साल से प्रेम में था अब युवती किसी और के साथ शादी कर रही है सो वह यह सदमा सहन नहीं कर पा रहा. लोको पायलट प्रमोद कुमार माझी ने किसी तरह उन्हें परिवार का वास्ता दिया और यह समझाने का प्रयास किया कि जिस प्रेम को अंतिम सच मानकर जान देने की काेशिश कर रहा है वह गलत है और उसके ऐसा करने से उसके परिवार के सामने क्या परिस्थितियां उत्पन्न होगी इसका ख्याल करें.
लोको पायलट ने घटना की सूचना रेल कंट्रोल, टीएलसी और एलआई को दी और बताया कि इस घटना के कारण ट्रेन 12 मिनट तक लेट हुई है. वहीं लोको पायलट ने बेसुध युवक को स्थानीय लोगों की सुरक्षा में देते हुए ट्रेन को आगे बढ़ाया. घटना 03 फरवरी की शाम दोपहर 2.48 की बतायी जा रही है. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोग जमकर लोको पायलट की सराहना कर रहे. लोगों का कहना है समय रहते ट्रेन रोककर लोको पायलट प्रमोद कुमार माझी ने युवक को समझाया उसका असर हुआ कि एक जान बच गयी. प्रमोद कुमार माझी अपने सहयोगी वीके साहू के साथ ड्यूटी पर थे.
उधर, जानकारों का कहना है कि रेलवे पटरी से हटाये जाने के बाद लोग युवक को लेकर उसके घर आदित्यपुर स्थित कल्पनापुरी पहुंची. घर आकर भी युवक ने ब्लेड से गला काटकर आत्महत्या करने का प्रयास किया. हालांकि दोस्तों ने किसी तरह उसकी जान बचायी. वर्तमान में युवक सुरक्षित और सकुशल है. लोको पायलट की तत्परता से एक कीमती जान बच गयी. कहा जा रहा है कि यह महज संयोग था कि सामने गुड्स ट्रेन थी अगर उसी समय मेल-एक्सप्रेस ट्रेन आ गयी होती ताे युवक की मौत तय थी!
















































































