NEW DELHI. सिग्नल एवं दूरसंचार विभाग में कर्मचारियों की कमी से कार्य का दबाव बढ़ रहा है. यह दबाव संरक्षा और संरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा बन रहा है. विभाग में नई नई तकनीक आ रही रही है जिसमें नये नये गियरों के लिए कर्मचारियों की आवश्यकता महसूस की जा रही है. इसके लिए जरूरी है कि जल्द से जल्द नई नियुक्तियों के लिए प्रक्रिया शुरू की जाये.
रेलवे बोर्ड Member (Infrastructure) नवीन गुलाटी से मिलने के दौरान टीम IRSTMU की ओर से इन मुद्दों पर चिंता जतायी गयी. यूनियन के अध्यक्ष और महासचिव बीते दिनों कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर नवीन गुलाटीसे मिलने पहुंचे थे. इस दौरान अध्यक्ष नवीन कुमार और महासचिव आलोक चंद्र प्रकाश ने सिग्नल एवं टेलिकॉम विभाग में चल रहे अत्याधुनिक परिवर्तनों पर बात की.
यूनियन नेताओं ने सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग में स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाते हुए नई तकनीक के साथ नये गियरों के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति पर जोर दिया. Member (Infrastructure) ने सभी मुद्दों पर बात की और सकारात्मक विचार व्यक्त किये. उन्होंने कहा कि स्टाफ साइड की पक्षों को उन तक पहुंचाते रहने से जमीनी हकीकत समझने में मदद मिलती है.
IRSTMU ने इन मांगों को रखा
- रिस्क एंड हार्डशिप एलाउंस
- सिगनल की तरह टेलीकॉम में भी Grade 1 की सीधी भर्ती.
- केवल ज्वाइंटर को OFC की स्प्लाईसिंग का प्रशिक्षण.
- ट्रेनिंग स्कुलों में आधुनिक अपडेटेड कोर्स.
- CCTV मेनटेनस के लिए डिपो स्तर पर अलग युनिट.
- यॉर्ड स्टीक 2022 के अनुसार रिक्तियों की भर्ती.
- निर्धारित समय पर जैकेट, रेन कोर्ट, जुता, विंटर जैके, टॉर्च आदि सेफ्टी मैटेरियल की पूर्ति.
- रिस्कचरिंग 2023 में तकनीशियन ग्रेड 1, 2 एवं 3 को मर्ज कर एक कैटेगरी Technician (Signal) एवं Technician (Telecom) किया जाए.
- जिन मंडलों में रिस्कचरिंग 2016 ड्यू है उन्हें अप टू डेट किया जाए.
- सहायकों की L5 तक प्रोमोशन के लिए प्वाइंटसमैन कैडर का स्ट्रक्चर अपनाया जाए.
- सहायकों को MACP से L6 (GP4200) तक का पहुंचने का अवसर दिया जाए.
- सहायकों को ट्रैक मेंटेनर के समान MACP में L3 (GP2000) हटा कर सीधे L4 (GP2400) में भेजा जाए.


















































































