नई दिल्ली. भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय संबंधों में लगातार आ रहे टकराव के बीच एक अच्छी खबर बुधवार को आयी है. भारत की ओर से बांग्लादेश रेलवे के लिए पहली आधुनिक 19-कोच वाली LHB (लिंक-हॉफमैन-बुश) ब्रॉड गेज पैसेंजर रेक रेल कोच फैक्ट्री (RCF), कपूरथला से हरी झंडी दिखाकर रवाना कर दी है. यह अत्याधुनिक रेक उस बड़े और महत्वपूर्ण अनुबंध का हिस्सा है जिसके तहत भारत द्वारा बांग्लादेश को कुल 200 ब्रॉड गेज पैसेंजर कोचों की आपूर्ति की जानी है.
200 आधुनिक कोचों की डील का है हिस्सा
इस पूरे प्रोजेक्ट की शुरुआत साल 2024 में हुई थी, जब बांग्लादेश रेलवे ने रेल इंडिया टेक्नोलॉजी एंड इकोनॉमिक सर्विस (RITES) के साथ 200 ब्रॉड गेज पैसेंजर कोचों की सप्लाई के लिए एक बड़ी डील पर हस्ताक्षर किए थे. इसके बाद, अप्रैल 2026 में बांग्लादेश के रेल मंत्री शाइख रबिउल आलम ने संसद में इसकी आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया था कि इन सभी आधुनिक कोचों को जून 2026 से दिसंबर 2027 के बीच चरणबद्ध तरीके से बांग्लादेश रेलवे के बेड़े में शामिल किया जाएगा. इसी कड़ी में पहली खेप के तौर पर 19 कोचों का यह पहला रेक तैयार किया गया है, जिसे अब डिलीवरी के लिए भेज दिया गया है. RITES के सीएमडी राहुल मित्थल ने पहले ही स्पष्ट किया था कि पहली रेक की सफल डिलीवरी के बाद उत्पादन की रफ्तार को और तेज किया जाएगा और चालू वित्त वर्ष के भीतर 3 से 4 और रेक भेजने की पूरी योजना है.
पहली 19-कोच रेक में शामिल कोचों का पूरा विवरण
कपूरथला स्थित रेल कोच फैक्ट्री से रवाना होने वाली इस पहली 19-कोच वाली पैसेंजर रेक में विभिन्न श्रेणियों और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विशेष कोच शामिल किए गए हैं. इसका पूरा विवरण इस प्रकार है:
- AC स्लीपर कार: 3 यूनिट्स
- AC चेयर कार: 3 यूनिट्स
- नॉन-AC चेयर कार: 11 यूनिट्स
- पावर कार: 2 यूनिट्स
अत्याधुनिक डिजाइन और यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं
बांग्लादेश रेलवे और वहां सफर करने वाले यात्रियों की प्राथमिकताओं और रूट की विशिष्ट जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इन LHB कोचों के डिजाइन में कई खास तकनीकी बदलाव किए गए हैं.
- आरामदायक सिटिंग: यात्रियों के सफर को बेहद आरामदायक बनाने के लिए कोचों में स्टेनलेस स्टील के आर्मरेस्ट और फुटरेस्ट के साथ आधुनिक रिक्लाइनिंग सीटें दी गई हैं, जिन्हें यात्री अपनी सुविधानुसार एडजस्ट कर सकते हैं.
- अतिरिक्त सुविधाएं: वातानुकूलित (AC) कोचों में बेहतरीन पंखे, आधुनिक और इंटीग्रेटेड सीसीटीवी (CCTV) सर्विलांस सिस्टम, तथा पैसेंजर अलार्म सिस्टम जैसी सुरक्षा सुविधाएं जोड़ी गई हैं. इसके अलावा यात्रा को सुगम बनाने के लिए आंशिक रूप से खुलने वाली खिड़कियां, बेबी केयर रूम और प्रेयर रूम (प्रार्थना कक्ष) की विशेष व्यवस्था भी की गई है.
मजबूत बनावट और उच्च सुरक्षा मानक
बांग्लादेश की स्थानीय परिचालन परिस्थितियों और सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए इन कोचों की इंजीनियरिंग पर विशेष जोर दिया गया है.
- मजबूत रूफ स्ट्रक्चर: पीक ट्रैफिक और भारी भीड़ के दौरान ट्रेन की छत पर यात्रियों के चढ़ने से पड़ने वाले अत्यधिक भार को सहन करने के लिए कोच की छत (रूफ स्ट्रक्चर) को बेहद मजबूत बनाया गया है.
- क्रैशवर्दी डिजाइन: इन कोचों को यूरोपीय सुरक्षा मानकों (EN 15227) के अनुरूप ‘क्रैशवर्दी’ डिजाइन दिया गया है. किसी भी अप्रिय दुर्घटना या टक्कर की स्थिति में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कार बॉडी शेल को नए सिरे से डिजाइन किया गया है.
- इलेक्ट्रिकल सिस्टम: बांग्लादेश रेलवे की विद्युत आवश्यकताओं के अनुकूल इन कोचों का इलेक्ट्रिकल सिस्टम 415 वोल्ट पर संचालित होने के लिए तैयार किया गया है, जबकि भारतीय रेलवे के कोचों में अमूमन 750 वोल्ट का सिस्टम उपयोग किया जाता है.
भारत-बांग्लादेश रेलवे सहयोग का बढ़ता दायरा
गौरतलब है कि RITES Limited पहले भी बांग्लादेश रेलवे को बड़ी मात्रा में रेलवे उपकरण, जैसे 120 ब्रॉड गेज LHB पैसेंजर कोच, 36 ब्रॉड गेज लोकोमोटिव और 10 मीटर गेज लोकोमोटिव सफलतापूर्वक सप्लाई कर चुका है. इस नई खेप के रवाना होने से दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी और परिवहन क्षेत्र का आपसी सहयोग और अधिक मजबूत होगा.
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