- रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्री किरेन रिजिजू और डॉ. मनसुख मांडविया को रेलवे के अत्याधुनिक ‘वार रूम’ की कार्यप्रणाली से अवगत कराया
NEW DELHI. भारतीय रेलवे ने अपनी परिचालन व्यवस्था को और अधिक आधुनिक, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है. केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया को रेलवे के अत्याधुनिक ‘वार रूम’ की कार्यप्रणाली से अवगत कराया. इस दौरान मंत्रियों ने लाइव स्टेशन फीड, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणालियों और परिचालन संबंधी आंकड़ों के जरिए रेलवे गतिविधियों की निगरानी की पूरी व्यवस्था का प्रत्यक्ष अवलोकन किया.
एआई तकनीक से लैस केंद्रीय निगरानी प्रणाली
रेलवे का यह ‘वार रूम’ आधुनिक तकनीक का एक बेहतरीन उदाहरण है, जहां से देश के प्रमुख रेलवे स्टेशनों की हर गतिविधि पर बारीक नजर रखी जाती है. रेल मंत्री ने मंत्रियों को जानकारी देते हुए बताया कि इस वार रूम के जरिए नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन जैसे अत्यधिक व्यस्त स्टेशनों की लाइव फीड एक ही केंद्रीय स्थान से मॉनिटर की जा सकती है.
इस प्रणाली में प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज और स्टेशन परिसर के बाहर के क्षेत्रों को कवर करने वाले कैमरों के माध्यम से लाइव फुटेज प्राप्त की जाती है. अधिकारियों के पास किसी विशेष स्थान की स्थिति का बारीकी से जायजा लेने के लिए अलग-अलग कैमरा फीड को ज़ूम करने की विशेष सुविधा भी उपलब्ध है.
एआई आधारित विश्लेषण और त्वरित कार्रवाई
इस हाई-टेक वार रूम की सबसे बड़ी विशेषता इसकी कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित प्रणाली है. यह प्रणाली पूर्व-निर्धारित संकेतों और डेटा के आधार पर तुरंत यह जानकारी उपलब्ध करा सकती है कि किसी विशेष स्थान पर क्या घटना घटित हुई है. इससे रेलवे अधिकारियों को किसी भी अप्रिय घटना या स्थिति को तेजी से समझने और उसके अनुसार तुरंत उचित कदम उठाने में मदद मिलती है.
एआई तकनीक के माध्यम से यात्रियों की संख्या, उनकी आवाजाही और भीड़भाड़ के रुझानों का सटीक विश्लेषण किया जाता है.
त्योहारों और भीड़भाड़ के समय विशेष उपयोगी
भारतीय रेलवे में त्योहारों, छुट्टियों और भारी भीड़भाड़ वाले अवसरों पर यात्रियों का आवागमन अत्यधिक बढ़ जाता है. ऐसे समय में यात्रियों की सुरक्षा और प्रबंधन को सुनिश्चित करने के लिए यह वार रूम बेहद मददगार साबित होगा. इसके जरिए रेलवे अधिकारी भीड़ के पैटर्न में होने वाले बदलावों पर लगातार नजर रख सकते हैं, जिससे स्टेशनों पर भगदड़ या अव्यवस्था जैसी स्थितियों को समय रहते रोका जा सके.
ट्रेनों की आवाजाही और विलंब पर पैनी नजर
केवल स्टेशन परिसरों तक ही सीमित न रहते हुए, यह वार रूम ट्रेनों के संचालन और उनके समय की भी बारीकी से निगरानी करता है. प्रणाली की मदद से अधिकारी आसानी से यह पता लगा सकते हैं कि वर्तमान में कौन-सी ट्रेन कितनी देरी से चल रही है और उसके विलंब का मुख्य कारण क्या है.
इस लाइव डेटा और तकनीकी आकलन के आधार पर रेलवे की तकनीकी और परिचालन टीमें तुरंत स्थिति का आकलन करती हैं. वे आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करती हैं ताकि ट्रेनों की देरी को आगे बढ़ने से रोका जा सके और रेल यात्रियों को एक सुगम एवं समयबद्ध यात्रा का अनुभव मिल सके.
इस पूरी कार्यप्रणाली का अवलोकन करने के बाद दोनों केंद्रीय मंत्रियों ने रेलवे द्वारा तकनीक के उपयोग से सुरक्षा और सुगमता बढ़ाने के इस प्रयास की सराहना की. यह पहल आने वाले समय में भारतीय रेलवे के संचालन को पूरी तरह से डिजिटल और त्रुटिरहित बनाने में एक मील का पत्थर साबित होगी.
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