- आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) वाराणसी मंडल का 20वां त्रिवार्षिक अधिवेशन मऊ में उठे सवाल
- सर्वसम्मति से चुनाव प्रक्रिया में केपी यादव को मंडल मंत्री तथा ओपी विश्वकर्मा को मंडल अध्यक्ष चुना गया
Varanasi/Mau.
भारतीय रेलवे को देश की जीवनरेखा कहा जाता है, लेकिन इसे चौबीसों घंटे सुरक्षित और सुचारू रूप से चलाने वाले लोको पायलट (रनिंग कर्मचारी) खुद अत्यधिक मानसिक और शारीरिक तनाव के दौर से गुजर रहे हैं.
नियम-कानूनों की अनदेखी, छुट्टियों की कमी और अव्यावहारिक ड्यूटी के घंटों के कारण लोको पायलटों की कार्यक्षमता पर गंभीर असर पड़ रहा है, जिससे ट्रेन संचालन की सुरक्षा पर भी सवालिया निशान उठ रहे हैं.
इसी गंभीर समस्या को उजागर करने और अपनी जायज़ मांगों को प्रशासन के समक्ष रखने के लिए आल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA) वाराणसी मंडल का 20वां त्रिवार्षिक अधिवेशन मऊ के हिंदी भवन में आयोजित किया गया. इस अधिवेशन में सैंकड़ों की संख्या में लोको पायलटों ने भाग लिया और एकजुट होकर अपनी पीड़ा तथा समस्याओं को व्यक्त किया.
चुनाव और संगठन का पुनर्गठन
अधिवेशन के दौरान सर्वसम्मति से चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई, जिसमें केपी यादव को मंडल मंत्री तथा ओपी विश्वकर्मा को मंडल अध्यक्ष चुना गया. कार्यक्रम में जोनल अध्यक्ष जेएन शाह, जोनल सचिव विनय शर्मा, लाल जी यादव, एसएस हांडा, आदर्श गुप्ता, रविंद्र कुमार, राकेश पाल और ललित मोहन सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी और रनिंग कर्मचारी उपस्थित रहे.
लोको पायलटों की 6 प्रमुख मांगे:
अधिवेशन में रनिंग कर्मचारियों ने अपनी कार्य स्थितियों में सुधार के लिए रेल प्रशासन के सामने निम्नलिखित माँगे रखीं:
- पर्याप्त आवधिक विश्राम (Periodic Rest): पीरियोंडिकल रेस्ट (PR) देय होने पर 16 घंटे के मुख्यालय विश्राम के अतिरिक्त 30 घंटे का आवधिक विश्राम सुनिश्चित किया जाए, ताकि कुल 46 घंटे का विश्राम मिल सके.
- रात्रि ड्यूटी के बाद विश्राम: लगातार दो रात्रि ड्यूटी (Night Duty) करने के बाद लोको पायलटों को अनिवार्य रूप से संपूर्ण रात्रि विश्राम प्रदान किया जाए.
- समय पर मुख्यालय वापसी: ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की 36 घंटे के भीतर मुख्यालय वापसी सुनिश्चित की जाए.
- 9 घंटे की ड्यूटी सीमा: साइन-ऑन (Sign-on) करने के बाद 9 घंटे की ड्यूटी पूरी होते ही लोको पायलटों को तुरंत रिलीफ़ (Relief) दिया जाए.
- छुट्टियों की स्वीकृति: प्रतिदिन 30% अवकाश (Leaves) स्वीकृत करना अनिवार्य किया जाए, ताकि कर्मचारी पारिवारिक दायित्व निभा सकें.
- महिला कर्मचारियों के लिए राहत: महिला रनिंग कर्मचारियों की विशेष परिस्थितियों और स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें महीने में 60 घंटे का आवधिक विश्राम प्रदान किया जाए.
अधिवेशन में वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि लोको पायलटों की इन बुनियादी और न्यायसंगत मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो रनिंग कर्मचारी उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे.
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