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पार्सल एक्सप्रेस से ₹6 करोड़ का अवैध तांबा और एल्युमिनियम जब्त, बिना वैद्य चालान के कैसे हुआ लोड !

सांकेतिक तस्वीर AI

NEW DELHI. भारतीय रेलवे के सुरक्षा तंत्र और पार्सल परिवहन व्यवस्था की बड़ी लापरवाही एक बार फिर उजागर हुई है. कर्नाटक के यशवंतपुर रेलवे स्टेशन से चली एक पार्सल कार्गो एक्सप्रेस ट्रेन (पीसीईटी) के जरिए बिना किसी वैध दस्तावेज, ई-वे बिल और चालान के भारी मात्रा में अवैध माल की तस्करी किए जाने का मामला सामने आया है. दिल्ली माल एवं सेवा कर (डीजीएसटी) विभाग ने रेलवे अधिकारियों के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए ट्रेन से करीब 50 टन अवैध तांबा और 2 टन एल्युमिनियम सिल्लियां जब्त की हैं.

सुरक्षा तंत्र की बड़ी चूक और तस्करी का खेल

यह पूरा मामला रेलवे की पार्सल और फ्रेट सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है. कर्नाटक से रवाना हुई पार्सल कार्गो एक्सप्रेस ट्रेन (संख्या 00629) विभिन्न राज्यों से होते हुए दिल्ली तक पहुंच गई, लेकिन शुरुआती स्टेशनों पर ही इस अवैध तस्करी का पता नहीं चल सका.

तस्करों ने रेलवे के माध्यम से इतनी बड़ी मात्रा में माल भेजने के लिए किसी भी वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया था. डीजीएसटी विभाग को जब इस संदिग्ध परिवहन की भनक लगी, तो उन्होंने ट्रेन की आवाजाही पर लगातार नजर रखी और दिल्ली पहुंचने पर वैगनों की औचक जांच की.

करोड़ों के माल की जब्ती और मूल्यांकन

छापेमारी के दौरान डीजीएसटी और रेलवे अधिकारियों की संयुक्त टीम ने पाया कि माल के परिवहन के लिए कोई भी आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं था. विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीनों वैगनों में रखे माल को अपनी हिरासत में ले लिया:

  • अवैध तांबा/तांबा स्क्रैप: लगभग 50 टन, जिसकी अनुमानित कीमत बाजार में करीब 6 करोड़ रुपये आंकी गई है.
  • एल्युमिनियम सिल्लियां: करीब 2 टन, जिनकी कीमत लगभग 4 लाख रुपये है.

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आंतरिक सुरक्षा और मॉनिटरिंग पर उठते सवाल

यह घटना दर्शाती है कि पार्सल और मालगाड़ियों की लोडिंग के दौरान सुरक्षा और चेकिंग के नियमों में कितनी बड़ी खामियां हैं. यदि समय रहते डीजीएसटी विभाग द्वारा हस्तक्षेप न किया जाता, तो यह अवैध खेप आसानी से बाजार में खप जाती.

फिलहाल, डीजीएसटी विभाग द्वारा जब्त किए गए माल का विस्तृत मूल्यांकन किया जा रहा है और जीएसटी नियमों के तहत आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है. इस घटना के बाद रेलवे और सुरक्षा एजेंसियों को अपनी स्कैनिंग व्यवस्था और पार्सल प्रेषण की सुरक्षा को और अधिक चाक-चौबंद करने की सख्त आवश्यकता महसूस हो रही है.

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