Raipur/Nagpur. रेलवे अब केवल आम यात्रियों की लाइफलाइन नहीं रही, बल्कि सोने की तस्करी करने वाले अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट के लिए एक ‘सॉफ्ट टारगेट’ बनती जा रही है. हवाई अड्डों पर कस्टम्स और सीआईएसएफ की कड़ी निगरानी और कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल से बचने के लिए तस्करों ने अब देश के रेल नेटवर्क को अपना मुख्य हथियार बना लिया है.
इसका ताजा उदाहरण दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अंतर्गत देखने को मिला, जहां आरपीएफ और डीआरआई ने एक संयुक्त बड़े ऑपरेशन में हावड़ा-मुंबई दुरंतो एक्सप्रेस से करीब 1.96 करोड़ रुपये मूल्य का 1.242 किलोग्राम विदेशी सोना जब्त किया है.
तस्करों को पड़ने के लिए ऐसी बनायी व्यूह रचना
आरपीएफ क्राइम ब्रांच (नागपुर व रायपुर) और डीआरआई (Directorate of Revenue Intelligence) नागपुर को यह सटीक सूचना मिली थी कि गाड़ी संख्या 12262 दुरंतो एक्सप्रेस में विदेशी सोने की एक बड़ी खेप ले जाई जा रही है. सूचना मिलते ही संयुक्त टीमों ने ट्रेन में सघन जांच अभियान चलाया.
रायपुर से नागपुर के बीच जांच के दौरान, बी-12 कोच से भंडारा और नागपुर के बीच दो संदिग्धों को धरा गया. तलाशी लेने पर उनके पास से 7 विदेशी सोने के बिस्किट और 1 सोने की छड़ बरामद हुई. जब्त सोने का कुल वजन 1.242 किलोग्राम है, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत ₹1,96,34,307 बताई गई है. आरोपियों के खिलाफ कस्टम अधिनियम, 1962 की धारा 135 के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
तस्करों के लिए क्यों आसान बन रही है रेलवे?
हाल के वर्षों में रेलवे के जरिए सोने और अन्य अवैध सामानों की तस्करी के मामलों में तेजी आई है. इसके पीछे कई मुख्य कारण हैं:
- विशाल नेटवर्क और भीड़ का फायदा: रोजाना लाखों यात्रियों की आवाजाही के कारण स्टेशनों और बोगियों में संदिग्धों की पहचान करना बेहद चुनौतीपूर्ण होता है.
- एयरपोर्ट्स के मुकाबले कम जांच: हवाई अड्डों की तरह रेलवे स्टेशनों पर हर यात्री और उसके सामान की गहन ‘बॉडी और एक्स-रे’ चेकिंग व्यवस्था नहीं होती, जिसका फायदा तस्कर उठाते हैं.
- प्रीमियम और सुपरफास्ट ट्रेनों का चुनाव: दुरंतो और राजधानी जैसी सुपरफास्ट ट्रेनें कम ठहराव (Stoppages) के साथ लंबी दूरी तय करती हैं, जिससे तस्करों को बीच में पकड़े जाने का खतरा कम महसूस होता है.
इस संयुक्त कार्रवाई से आरपीएफ और डीआरआई ने निश्चित तौर पर एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है, लेकिन यह मामला रेलवे में सुरक्षा और निगरानी तंत्र को और अधिक हाई-टेक बनाने की सख्त जरूरत को रेखांकित करता है.
- पार्सल एक्सप्रेस से ₹6 करोड़ का अवैध तांबा और एल्युमिनियम जब्त, बिना वैद्य चालान के कैसे हुआ लोड ! - August 13, 2026
- रेलवे का हाई-टेक ‘वार रूम’: एआई तकनीक से हो रही देश के प्रमुख स्टेशनों और ट्रेनों की लाइव निगरानी - August 13, 2026
- पटरियों पर ‘गोल्ड रश’: तस्करों का नया सेफ जोन बनीं प्रीमियम ट्रेनें, दुरंतो में पकड़ा गया 2 करोड़ का सोना - August 13, 2026
















































































