Connect with us

Hi, what are you looking for?

Rail Hunt

रेल न्यूज

रेलवे को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, अब बिजली कंपनियों को चुकाना होगा भारी जुर्माना, बढ़ेगा वित्तीय बोझ

  • रेलवे को ‘डीम्ड डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी’ का दर्जा देने से इनकार

NEW DELHI. भारतीय रेलवे के लिए एक बड़ा कानूनी और वित्तीय झटका सामने आया है. सुप्रीम कोर्ट की एक डिवीजन बेंच ने भारतीय रेलवे द्वारा दायर अपीलों के समूह को खारिज करते हुए अपीलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी (APTEL) के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें रेलवे को ‘डीम्ड डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी’ (Deemed Distribution Licensee) मानने से साफ इनकार कर दिया गया था.

क्या था मुख्य विवाद?

विद्युत अधिनियम (Electricity Act) के तहत भारतीय रेलवे खुद को एक ‘डीम्ड डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी’ के रूप में मान्यता देने की मांग कर रहा था. यदि रेलवे को यह दर्जा मिल जाता, तो वह राज्य बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) को दिए जाने वाले अतिरिक्त शुल्क (Cross-Subsidy Surcharges) से बच जाता और सस्ती दरों पर सीधे बिजली खरीद सकता था.

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि विद्युत अधिनियम के तहत बिजली वितरण लाइसेंसधारक कहलाने के लिए किसी संस्था को केवल वितरण नेटवर्क का संचालन ही नहीं करना होता, बल्कि उसे आम उपभोक्ताओं को बिजली की आपूर्ति भी करनी होती है. अदालत ने पाया कि भारतीय रेलवे ऐसा नहीं करता, क्योंकि वह केवल अपने स्वयं के परिचालन संबंधी आवश्यकताओं (Closed Network) को पूरा करने के लिए बिजली का उपयोग करता है.

फैसले का बड़ा वित्तीय असर

इस फैसले के बाद अब भारतीय रेलवे को विभिन्न राज्यों की राज्य बिजली वितरण कंपनियों (Discoms) को बकाया सरचार्ज और शुल्क का भुगतान करना होगा.

पिछला बकाया भुगतान: रेलवे पर विभिन्न राज्यों के पिछले कई वर्षों के बकाया सरचार्ज का भारी बिल बनेगा.

बढ़ता वित्तीय बोझ: भविष्य में भी बिजली खरीद पर डिस्कोम को शुल्क देना अनिवार्य होगा, जिससे रेलवे के परिचालन खर्च में बढ़ोतरी तय है.

दूसरे एजेंसियों पर क्या पड़ेगा असर

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का असर केवल भारतीय रेलवे तक ही सीमित नहीं रहेगा. यह निर्णय उन सभी सार्वजनिक और निजी संस्थाओं के लिए एक मिसाल बनेगा जो विद्युत अधिनियम के तहत ‘डीम्ड डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंसी’ का दर्जा हासिल करके राज्य बिजली कंपनियों के सरचार्ज से बचने की कोशिश कर रही थीं. अब बंद नेटवर्क (Closed Networks) पर काम करने वाली ऐसी किसी भी संस्था को यह छूट मिलना लगभग असंभव हो जाएगा.

Spread the love

अभी अभी

You May Also Like

जोन/बोर्ड/डिवीजन

• रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला: चिकित्सा परिचर्या नियम (RMAR), 2013 के पैरा 601 (4) में हुआ संशोधन • हार्ट अटैक, दुर्घटना और प्रसव...

आरपीएफ-जीआरपी

मीडिया के सामने दिया बयान, 24 घंटे के भीतर तबादला, अचानक मोदी-शाह को सैल्यूट करने लगे कमांडेंट  AGRA. आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी...

न्यूज हंट

TATANAGAR/CKP. दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर (CKP) रेल मंडल का वाणिज्य (Commercial) विभाग एक बार फिर भेदभावपूर्ण तबादलों और प्रशासनिक विसंगतियों को लेकर सुर्खियों...

आरपीएफ-जीआरपी

वर्दी का रौब पड़ा भारी, स्टेशन मास्टर को केबिन से खींचकर प्लेटफॉर्म पर घसीटा, पीटा, बिना चेन पुलिंग महिला यात्री से 1000 रुपये वसूलने...