सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर यह दावा किया जा रहा है कि इंदौर से महू के बीच चलने वाली एक ट्रेन के लोको पायलट ने सिर्फ समोसे खरीदने के लिए ट्रेन रोक दी.
वीडियो में लोको पायलट ट्रेन से नीचे उतरकर समोसे लेता हुआ दिखाई दे रहा है. इस वीडियो के सामने आने के बाद इंटरनेट पर बहस छिड़ गई, लेकिन अब इस पूरे मामले पर रेलवे का आधिकारिक स्पष्टीकरण आ गया है, जिसने वायरल दावे की पूरी सच्चाई सामने रख दी है.
वायरल वीडियो देखने के लिए क्लिक करें
पश्चिमी रेलवे का आधिकारिक स्पष्टीकरण
वायरल वीडियो पर मचे बवाल के बाद पश्चिमी रेलवे (Western Railway) ने आधिकारिक तौर पर इस दावे का खंडन किया है. रेलवे ने साफ किया है कि सोशल मीडिया पर किया जा रहा दावा पूरी तरह से भ्रामक और गलत है.
रेलवे के अनुसार, यह कोई पैसेंजर ट्रेन नहीं बल्कि एक मालगाड़ी (कॉनकॉर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनस) थी, जिसे लोको संख्या 27237 और 27600 खींच रहे थे. यह ट्रेन राऊ (RAU) यार्ड में चल रहे तय इंजीनियरिंग कार्य के कारण पहले से ही राऊ होम सिग्नल पर रुकी हुई थी. लोको पायलट ने समोसा खरीदने के लिए ट्रेन को नहीं रोका था, बल्कि ट्रेन सिग्नल की वजह से खड़ी थी और उसी दौरान लोको पायलट नीचे उतरा था.
सोशल मीडिया पर जनता की प्रतिक्रिया
इस स्पष्टीकरण के आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स भी दो गुटों में बंट गए हैं:
भ्रामक खबरों की आलोचना: कई यूजर्स ने बिना पूरी सच्चाई जाने खबर चलाने के लिए मीडिया प्लेटफॉर्म्स की आलोचना की है और कहा है कि निष्कर्ष निकालने से पहले पूरी जांच की जानी चाहिए थी.
लोको पायलट का समर्थन: कुछ यूजर्स का कहना है कि लोको पायलट भी इंसान हैं. भीषण गर्मी और लंबे वर्किंग आवर्स के बीच अगर ट्रेन सिग्नल पर रुकी है और वे कुछ खाने के लिए ले लेते हैं, तो इसमें कोई पहाड़ नहीं टूट पड़ा.
रेलवे ने स्पष्ट कर दिया है कि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता नहीं किया गया था और ट्रेन नियमों के तहत सिग्नल पर ही रुकी हुई थी.
- ट्रेन खड़ी कर समोसे लेने चले गये लोको पायलट, सोशल मीडिया पर वायरल दावे पर रेलवे ने बतायी सच्चाई - July 8, 2026
- रेलवे अस्पताल में ‘कैंसर’ का महाघोटाला : महिला डॉक्टर और बाबुओं ने ₹15 हजार के बिल को बना दिया ₹17 करोड़! - July 7, 2026
- ऑपरेशन मातृशक्ति : चक्रधरपुर DRM ने राउरकेला स्टेशन पर सुरक्षित प्रसव कराने वाले RPF और रेल कर्मियों को किया सम्मानित - July 7, 2026




















































































