- ऑन-ड्यूटी वीडियो पोस्ट करने वालों पर होगी सीधी कार्रवाई, Sr DOM ने जारी किया आदेश
- ड्यूटी के समय ब्लॉगिंग, वीडियोग्राफी, लाइव स्ट्रीमिंग को लेकर पहले भी जारी हो चुका है निर्देश
Varanasi. सोशल मीडिया पर ‘लाइक्स’ और ‘व्यूज’ बटोरने के चक्कर में रेलवे की सुरक्षा को ताक पर रखने वाले कर्मचारियों के खिलाफ रेलवे प्रशासन ने पूरी तरह से शिकंजा कस दिया है. पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी रेल मंडल ने एक कड़ा फरमान जारी कर ऑन-ड्यूटी रील, फोटो या वीडियो बनाने वाले रेलकर्मियों को अंतिम चेतावनी दी है.
हालांकि रेलवे ने ड्यूटी के दौरान रेलवे कर्मियों को ब्लॉगिंग, वीडियोग्राफी, लाइव स्ट्रीमिंग और सोशल मीडिया कंटेंट बनाने पर पूरी तरह से रोक लगाने वाला आदेश पहले भी जारी किया था.
रेलवे प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता, सुरक्षा जोखिम और गोपनीयता का उल्लंघन माना था. रेलवे का कहना था कि यह कदम ब्लॉगिंग के विरोध में नहीं है, बल्कि रेलवे सुरक्षा और सार्वजनिक हित के लिए आवश्यक कदम है.
इन नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गयी थी बावजूद यह सब जारी रहा.
सुरक्षा और गोपनीयता से खिलवाड़ पर पूरी तरह रोक
वरिष्ठ मंडल परिचालन प्रबंधक (Sr DOM) द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि ट्रेन संचालन, कंट्रोल रूम और स्टेशनों की परिचालन गतिविधियां बेहद संवेदनशील होती हैं.
इस प्रकार की गोपनीय सूचनाओं या वीडियो को यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म्स पर सार्वजनिक करना रेलवे की सुरक्षा और संरक्षा (Safety and Security) के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर सकता है.
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा से जुड़े किसी भी इनपुट, फोटो या वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करने की अनुमति किसी भी कर्मचारी को नहीं है.
इन पदों पर तैनात रेलकर्मियों पर रहेगी पैनी नजर
रेलवे बोर्ड के इस सख्त रुख के बाद अब जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है. सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे अपने अधीन आने वाले निम्नलिखित स्टाफ से इन नियमों का कड़ाई से पालन करवाएं.
- मुख्य नियंत्रक (Chief Controllers)
- स्टेशन अधीक्षक (Station Superintendents) और स्टेशन मास्टर
- यातायात निरीक्षक (Traffic Inspectors)
- ट्रेन मैनेजर (Guards) चालक सहित समस्त परिचालन कर्मचारी
प्रशासन ने दो टूक कहा है कि यदि कोई भी कर्मचारी इन आदेशों की अवहेलना करता पाया गया, तो उसके खिलाफ बिना किसी ढिलाई के तत्काल अनुशासनात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
पूरे देश में ‘रीलबाय’ रेलकर्मियों के खिलाफ चलेगा महा-अभियान
रेलवे महकमे में यह कड़ा पत्र इस समय भारी चर्चा का विषय बना हुआ है. दरअसल, पिछले कुछ समय में रेल कर्मचारियों के बीच कार्यस्थल ही नहीं ट्रेन के भीतर भी ऑन ड्यूटी के दौरान रील बनाने का चलन तेजी से बढ़ा है.
इसे रोकने के लिए अब केवल वाराणसी ही नहीं, बल्कि पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ और इज्जतनगर मंडल सहित पूरे भारतीय रेलवे स्तर पर एक विशेष अभियान चलाया जाएगा. इस मामले में आदेश तो कई बार जारी किये गये लेकिन कभी कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जा सकी है.
हाल ही में हुई कुछ बड़ी कार्रवाइयां
नई दिल्ली स्टेशन: उत्तर रेलवे प्रशासन ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करने के मामले में नई दिल्ली स्टेशन पर तैनात एक महिला टीटीई को सख्त चेतावनी जारी की है.
गोरखपुर जंक्शन: पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर जंक्शन पर ड्यूटी के दौरान रील बनाने के आरोप में एक महिला टीटीई पर तत्काल गाज गिरी. उन्हें फ्रंटलाइन प्लेटफॉर्म ड्यूटी से हटाकर सीधे बुकिंग काउंटर पर भेज दिया गया.
रेलवे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ट्रेनों का निर्बाध और सुरक्षित संचालन होता रहे और यात्रियों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो.
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