NEW DELHI. भारतीय रेलवे से सफर करने वाले देश के करोड़ों रेल यात्रियों के लिए सफर को बेहद सुगम, आधुनिक और तनावमुक्त बनाने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है.
अक्सर स्टेशनों पर आखिरी वक्त में ट्रेन का प्लेटफॉर्म बदले जाने के कारण यात्रियों को भारी-भरकम सामान लेकर एक से दूसरे प्लेटफॉर्म पर दौड़ना पड़ता है.
बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों के लिए यह स्थिति किसी दुःस्वप्न जैसी होती है. यात्रियों की इसी बड़ी परेशानी और स्टेशनों पर होने वाली अफरा-तफरी को हमेशा के लिए खत्म करने के लिए रेलवे प्रशासन एक बड़ा डिजिटल कदम उठाने जा रहा है.
रेलवे अपने सबसे लोकप्रिय और भरोसेमंद नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम (NTES) को पूरी तरह से हाईटेक और अपग्रेड कर रहा है.
इस नए अपग्रेडेशन के बाद, जैसे ही स्टेशन पर किसी ट्रेन का प्लेटफॉर्म नंबर बदलेगा, संबंधित यात्रियों के मोबाइल पर तुरंत ‘लाइव अलर्ट’ (Live Alert) फ्लैश हो जाएगा.
इसके साथ ही, ट्रेन के लेट होने या समय में बदलाव की हर छोटी-बड़ी ताजा जानकारी भी रियल टाइम में सीधे यात्रियों के स्मार्टफोन पर डिलीवर की जाएगी.
पूछताछ केंद्र की भीड़ और लाउडस्पीकर के शोर से मिलेगी मुक्ति
रेलवे द्वारा शुरू किए जा रहे इस डिजिटल फीचर का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को ज्यादा कुछ नहीं करना होगा. यात्रियों को बस अपने स्मार्टफोन में मौजूद एनटीईएस (NTES) ऐप पर जाना होगा.
वहां अपनी ट्रेन को ट्रैक करने के साथ ही उन्हें ‘अलर्ट’ (Alert) के विकल्प को ऑन करना होगा. इसके बाद प्लेटफॉर्म नंबर में होने वाले किसी भी आंशिक या बड़े बदलाव की सूचना तत्काल यूजर की स्क्रीन पर नोटिफिकेशन के जरिए भेज दी जाएगी.
इस डिजिटल तकनीक से यात्रियों को मिलेंगी बड़ी सहूलियतें
भागदौड़ से आजादी : आखिरी समय पर प्लेटफॉर्म बदलने पर होने वाली मानसिक और शारीरिक परेशानी से पूरी तरह मुक्ति मिलेगी. यात्री समय रहते सही प्लेटफॉर्म पर पहुंच सकेंगे.
पूछताछ केंद्रों पर नो-वेटिंग: यात्रियों को अब रेलवे के पूछताछ काउंटरों (Enquiry Counters) पर लंबी-लंबी कतारों में खड़े होने या भीड़ लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी.
अनाउंसमेंट पर निर्भरता खत्म: स्टेशन पर होने वाले भारी शोर-शराबे और कोलाहल के बीच अब बार-बार लाउडस्पीकर पर होने वाले अनाउंसमेंट को ध्यान से सुनने की बाध्यता खत्म हो जाएगी.
वन-क्लिक इन्फॉर्मेशन: इस ऐप के जरिए यात्री ट्रेन की लाइव लोकेशन, आगमन-प्रस्थान का सटीक समय, देरी की स्थिति और पूरा रूट चार्ट महज एक क्लिक पर देख सकेंगे.
हर घंटे 1.19 लाख से अधिक एक्टिव यूजर्स
यह नई डिजिटल सेवा यात्रियों की यात्रा को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है.
प्राप्त आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, वर्तमान समय में ही प्रति घंटे 1.19 लाख से अधिक एक्टिव यूजर्स नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम ऐप का लगातार इस्तेमाल कर रहे हैं.
विशेषकर त्योहारी सीजन (जैसे दिवाली, छठ, ईद), गर्मियों की छुट्टियों और सर्दियों में कोहरे के दिनों में जब स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ती है और ट्रेनें बड़े पैमाने पर री-शेड्यूल होती हैं, तब यह ऐप यात्रियों के लिए सबसे बड़ा मददगार साबित होगा.
शत-प्रतिशत विश्वसनीय है डेटा: रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एनटीईएस पर मिलने वाली सभी तरह की सूचनाएं और जानकारियां सीधे रेलवे के मुख्य कंट्रोल रूम (Main Control Room) से रियल टाइम में सीधे सिंक होकर अपडेट की जाती हैं.
इसलिए इस ऐप पर मिलने वाला डेटा पूरी तरह से प्रामाणिक और शत-प्रतिशत विश्वसनीय है. रेलवे का यह नया कदम ‘डिजिटल इंडिया’ के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए रेल यात्रियों के अनुभव को पूरी तरह बदलने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगा.
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