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CKP DIVISION : सरडेगा (MCL) अग्निकांड में लापरवाही और शराबकांड में ‘झूठी गवाही’ देने वाले को भी मिलेगा डीआरएम अवार्ड!

  • रेलकर्मियों का कहना है कि चक्रधरपुर रेलमंडल का पूरा सिस्टम काफी बुरे दौर से गुजर रहा
  • सिस्टम में बैठे उच्च अधिकारी धृतराष्ट्र की तरह आंखे मूंदकर बिना जांच नाम फारवर्ड कर रहे
  • रेलमंडल के 70वां रेल सेवा पुरस्कार के लिए कार्मिक ने 72 रेलकर्मियों की सूची की जारी 

CHAKRADHARPUR. चक्रधरपुर रेलमंडल में 70वें रेल सेवा पुरस्कार 2024-25 यानी डीआरएम अवार्ड 2026 के लिए योग्य रेलकर्मियों के नामों की घोषणा कर दी गयी है. 13 अप्रैल 2026 सोमवार को चक्रधरपुर के महात्मा गांधी शोभाघर में चुनिंदा रेलकर्मियों को यह अवार्ड डीआरएम तरुण हुरिया प्रदान करेंगे.

इसके लिए सीनियर डीपीओ कार्यालय से विधिवत सूचना भी जारी कर दी गयी है. इस साल इसके लिए विभिन्न विभागों के कुल 72 लोगों काे नमित किया गया है. जिनको डीआरएम तरुण हुरिया उल्लेखनीय सेवा के लिए सम्मानित करेंगे.

डीआरएम अवार्ड पाने वालों की सूची में 57वें नंबर पर एक नाम है, जिसे लेकर विभागीय महकमे में चर्चा शुरू हो गयी है. यह नाम है किशोर चंद्र प्रधान का जो सरडेगा (MCL) रनिंग रूम ड्रॉफ्टेड सीसी के नाम पर नामित किये गये हैं. महकमे में इस बात की चर्चा है कि इस साल सरडेगा (MCL) रनिंग रूम की दो बड़ी घटनाएं चक्रधरपुर डिवीजन से लेकर रेलवे बोर्ड तक चर्चा के केंद्र में रही.

अप्रैल 2025 में यहां आगजनी की घटना घटी. रनिंग रूम में किचन में लगी आग पर काबू तो पा लिया गया, लेकिन इसमें दो कर्मचारी झुलस गये जिन्हें एमसीएल के अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. डीआरएम ने भी इसे बड़ी लापरवाही माना था. उस समय रनिंग रूम के लिए दो-दो केयर टेकर दिवाकर कुमार और ड्राफ्टेट सीसी किशोर चंद्र प्रधान ही थे. जिनके जिम्मे रनिंग रूम की पूरी व्यवस्था थी.

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इस साल ही दूसरी बड़ी घटना सरडेगा (MCL) रनिंग रूम में शराबखोरी की सामाने आयी थी. जुलाई 2025 में एक वायरल वीडियो की जांच के बाद लोको पायलट दिवाकर कुमार और शंटर लोरे सिंह मुंडा को रेल प्रशासन ने निलंबित कर दिया गया था. इस मामले में रेलवे मेंस यूनियन के नेता के फंसने के बाद प्रशासन की जांच  शुरू से ही दबाव में रही और आलम यह है कि नौ माह बाद भी मामले की जांच को लटकाकर रखकर गया है.

मामले में दिलचस्प पहलू यह है कि जब घटना की जांच आरपीएफ ने शुरू की तो खुद को सरडेगा (MCL) रनिंग रूम का ड्रॉफ्टेड सीसी बताने वाले किशोर चंद्र प्रधान ने झूठा  बयान तक दे डाला!

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आरपीएफ अधिकारी केके कुंतिया को दिये बयान में सरडेगा रनिंग रूम के सीसी यानी सिर्फ केयर टेकर किशोर चंद्र प्रधान ने बताया कि वायरल वीडियो रेलवे का रनिंग रूम नहीं है और इसमें दिख रहे लोग भी रेलकर्मी नहीं है.

दिलचस्प बात यह रही कि रनिंग रूम के वीडियो को देखकर आला अधिकारियों ने दो रेलकर्मियों की पहचान भी की और उन्हें निलंबित किया उन्हें ड्रॉफ्टेड सीसी केसी प्रधान ने पहचानने तक से इंकार कर दिया था. जबकि इसी मामले में केसी प्रधान झूठा बयान तक दर्ज करा दिया.

इस मामले में आरपीएफ के जांच की भी काफी किरकिरी हुई थी. रेलकर्मियों का कहना है कि ड्रॉफ्टेड सीसी प्रधान को लगभग हर दिन झारसुगुड़ा लॉबी में ही देखा जाता है, वह वहीं से एमसीएल के कार्यों का निष्पादन करते हैं. अगर झारसुगुड़ा लॉबी का सीसीटीवी फुटेज देखा जाये तो गंभीर सच सामने आ सकता है.

अब सवाल यह उठाया जा रहा है कि सरडेगा (MCL) रनिंग रूम में दो बड़ी घटनाओं में सीधे तौर पर संलिप्त पाये गये सीसी केसी प्रधान को किस योग्यता के लिए सीनियर डीईई (ओपी) ने डीआरएम अवार्ड के लिए नामित कर दिया ?

बड़ी बात यह कि सीनियर डीपीओ कार्यालय ने भी बिना किसी जांच अथवा पड़ताल के ही इसे अवार्ड की सूची में शामिल कर लिया ? क्या यह ईमानदार रेलकर्मियों के साथ अन्याय नहीं है? क्या डीआरएम को ऐसे मामले में तत्काल हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए?

रेलकर्मियों का कहना है कि चक्रधरपुर रेलमंडल का पूरा सिस्टम बुरे दौर से गुजर रहा है. सिस्टम में बैठे उच्च अधिकारी धृतराष्ट्र की तरह आंखे मूंदकर फर्जी रिकार्ड फारवर्ड कर रहे. इन सभी को इसके लिए तनिक भी शर्म नहीं आती, क्योंकि ये सभी फर्जी डेटा ऊपर भेज रहे है.

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रेलकर्मियों का कहना है कि इससे पहले भी विभिन्न विभागों में ऐसे कई नाम निकलकर सामने आ चुके हैं जिन्होंने एक दिन भी ईमानदार से अपनी ड्यूटीं नहीं की लेकिन अधिकारियों के चहेतों के लिस्ट में सबसे ऊपर रहे और जीएम से लेकर डीआरएम अवार्ड तक पा चुके हैं. यह उन कर्मचारियों के साथ बड़ा अन्याय है जो साल भर बेहतर कार्य करते हुए सम्मान पाने की उम्मीद पाले रहते है!

यह भी पढ़ें : 

रेल सेवा पुरस्कार 2024-25 के लिए नामित रेलकर्मियों की सूची 

रेलहंट का प्रयास है कि सच रेल प्रशासन के सामने आये. ऐसे में अगर किसी को यह लगता है उसकी बात नहीं सुनी जा रही है तो वह अपना पक्ष whatsapp 9905460502 पर भेज सकते है, उसे पूरा स्थान दिया जायेगा.  

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