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गांव बसा नहीं लुटेरे पहले आ गए : नवीन कुमार

  • संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस दिये जाने की रेलवे बोर्ड में हलचल
  • इंडियन रेलवे एस एंड टी मैंटेनरर्स युनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन कुमार ने सहयोगियों से एकता का किया आहवान
  • रिस्क अलाउंस के समर्थन में 09.02.2019 को एक दिवसीय उपवास एवं काला दिवस मनाने की घोषणा

नई दिल्ली. गाँव बसा नहीं लुटेरे पहले आ गए, प्रस्तुत प्रकरण संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस दिये जाने से जुड़ा हुआ है. मामला कुछ ऐसा है कि संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस दिये जाने के लिए रेलवे बोर्ड में हलचल शुरू हो चुकी है परन्तु अभी तक इस संदर्भ में कोई घोषणा नहीं हुई है. फिर भी अभी से अलग-अलग संगठनों ने अपनी अपनी दावेदारी शुरू कर दी है जबकि संकेत एवं दूरसंचार विभाग को रिस्क अलाउंस दिये जाने के लिए सार्थक प्रयास मात्र एक और केवल एक संगठन इंडियन रेलवे एस एडं टी मैंटेनरर्स युनियन पुरज़ोर तरीके से हर मोर्चे पर आवाज़ उठाते हुए कर रही है. बावजूद इसके विभिन्न मान्यता प्राप्त युनियनों तथा ऐसोसिएशनों में मानों जैसे क्रेडिट लेने की होड़ सी लग गई है. इंडियन रेलवे एस एंड टी मैंटेनरर्स युनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन कुमार ने सोशल मीडिया पर सहयोगियों से एकता का आहवान करते हएु अपनी बात कही हे.

नवीन कुमार ने कहा है कि सभी कर्मचारियों को भलीभांति ज्ञात है कि वर्षों से संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारी आजादी के बाद भी गुलामी की जिंदगी जी रहे हैं तथा बिना नाईट ड्यूटी अलाउंस, बिना ओवर टाइम अलाउंस या बिना किसी अतिरिक्त भत्ते के वर्षों से बंधुआ मजदूर जैसी नौकरी करने को विवश हैं फिर भी किसी भी मान्यता प्राप्त युनियन या एसोसिएशन ने संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों की सुध नहीं ली. परन्तु साल 2016 में संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों ने खुद मोर्चा संभालते हुए “इंडियन रेलवे एस एडं टी मैंटेनरर्स युनियन” (IRSTMU ) की स्थापना कर काम शुरू किया तथा पाँच बार पुराने रेलवे बोर्ड अध्यक्ष श्री आश्वनी लोहानी जी से चक्रधरपुर, इंदौर, गांधीनगर, कोटा तथा बांदीकुई में संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस दिये जाने के लिए मांग पत्र सौंपा इसके अलावा माननीय रेल राज्य मंत्री श्री मनोज सिन्हा जी से 13 अप्रैल, 2018 को मुलाकात कर संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस दिये जाने की मांग की.

02 जनवरी, 2019 को नव नियुक्त रेलवे अध्यक्ष वीके यादव से मुलाकात कर रिस्क अलाउंस दिये जाने के लिए ज्ञापन सौंपा ठीक. दूसरे ही दिन दिनांक 03 जनवरी, 2019 को रेल मंत्री पीयुष गोयल जी से संसद भवन में मुलाकात कर संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस दिये के लिए विस्तृत रूप से चर्चा की. इतना ही नहीं इंडियन रेलवे एसएडंटी मैंटेनरर्स युनियन के महासचिव आलोक चन्द्र प्रकाश तथा अध्यक्ष नवीन कुमार ने अध्यक्ष रेलवे बोर्ड तथा रेल मंत्री को संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस दिये जाने के लिए कई पत्र लिखें है. जिसमें दिनांक 27.11.2018 को रेलमंत्री जी के पर्सनल सेक्रेटरी मुरली जी के समक्ष लिखा पत्र मिल का पत्थर साबित हो रहा है.

जिसके उपर त्वरित कार्यवाही करते हुए नवनियुक्त माननीय AM (Signal) सर ने रेलवे बोर्ड ज्वाईन करते ही पहले दिन पहला पत्र सभी जोनों के PCSTE को लिखा तथा पिछले तीन सालों में रन ओवर हुए संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों की जानकारी मांगी. इसके अलावा रेलवे बोर्ड ने सभी जोनों के महाप्रबंधकों से पिछले तीन सालों में रन ओवर हुए संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों की जानकारी मांगी है.

इंडियन रेलवे एस एडं टी मैंटेनरर्स युनियन के पदाधिकारियों ने विभिन्न सांसदों तथा मंत्री जी को भी संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस तथा नाईट ड्यूटी फेलियर गैंग की स्थापना के लिए ज्ञापन सौंपा है. जिसके बाद ग्रामीण विकास राज्य मंत्री तथा पाटलिपुत्रा के सांसद माननीय श्री राम कृपाल यादव जी, के द्वारा दिनांक 21.12.2018 को माननीय रेल मंत्री श्री पीयुष गोयल जी को पत्र लिखा एवं टेलिफोन पर बात कर S&T कर्मचारियों को रिक्स एलाउंस दिये जाने की मांग की. जिसके परिणामस्वरूप 21.12.2018 को ही रेलवे बोर्ड के Jt. Director (P&A) के द्वारा सभी जोनों के GM Sir को पत्र लिखा जिसका विषय “Grant of Risk Allowance to S&T staffs of Railways… reg.” दिया गया. पिछले तीन सालों में रन ओवर हुए S&T कर्मचारियों की जानकारी मांगी. इसके अलावा जमशेदपुर से सांसद विद्युत बरण महतो, नालंदा के सांसद कौशलेन्द्र कुमार, वाल्मीकि नगर के सांसद सतीश चन्द्र दुबे ने इंडियन रेलवे एस एडं टी मैंटेनरर्स युनियन की माँगों के समर्थन में रेलमंत्री जी को पत्र लिखकर संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस दिये जाने की मांग की है.

इसके अलावा इंडियन रेलवे एस एडं टी मैंटेनरर्स युनियन लगातार संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस तथा नाईट ड्यूटी फेलियर गैंग की स्थापना के लिए खेड़ा जिले के सांसद देवू सिंह चौहान जी, समस्तीपुर के सांसद रामचन्द्र पासवान जी से लगातार संपर्क में है तथा उनसे हर प्रकार से मदद भी मिल रही है. नालंदा के सांसद कौशलेन्द्र कुमार ने इंडियन रेलवे एस एडं टी मैंटेनरर्स युनियन के पदाधिकारियों की मुलाकात रेलमंत्री से करवाई तो वहीं दो कदम आगे बढ़ हम संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों की आवाज़ को मजबूत करने के लिए खुद चल कर दिनांक 09.01.2019 को जमशेदपुर के सांसद विद्युत बरण महतो रेलवे बोर्ड अध्यक्ष वीके यादव से मिले एवं संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस तथा नाईट ड्यूटी फेलियर गैंग की स्थापना की माँग की. जिसके कारण सभी जोनों से दिनांक 10.01.2019 तक रिपोर्ट भेजने के लिए दबाव दिया गया.

साथियों इतना प्रयास करने वाली एक मात्र संस्था Indian Railways S&T Maintainers’ Union (IRSTMU) अकेली है परन्तु IRSTMU द्वारा किए जा रहे प्रयासों का श्रेय लेने की मानों होड़ सी लग गई है. अत: Indian Railways S&T Maintainers’ Union (IRSTMU) के सभी साथीगण से विनम्र निवेदन है कि जब तक हमें मंजिल मिल नहीं जाती अपनी लड़ाई को और मजबूत करना है तथा संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को उसका हक रिस्क अलाउंस दिये जाने तक अपना संघर्ष जारी रखना है. इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए तथा संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को रिस्क अलाउंस दिये जाने के समर्थन में दिनांक 09.02.2019 को सभी संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारी एक दिवसीय उपवास एवं काला दिवस मनायेगें तथा स्व. संजय शर्मा जी के शहादत दिवस पर उनकी शहादत को तथा संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों के अपमान को जाया नहीं जाने देंगे.

साथियों हम संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारी कभी भी उस काली रात को भूल नहीं सकते जिस दिन हमारे साथी स्व. संजय शर्मा जी के रन ओवर हो जाने के बाद उनकी डेड बॉडी के उपर से 19 ट्रेन पास कर प्रशासन ने हम संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों को जानवरों से भी बदतर समझने का काम किया. अतः साथियों रिक्स एलाउंस की मांग को पूरा कराने के लिए अचार संहिता लागू होने से पहले सरकार पर दबाव बनाने के लिए एक दिवसीय उपवास एवं काला दिवस दिनांक 09 फरवरी, 2019 को सफल बनाना ही होगा.

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