NEW DELHI. भारतीय रेलवे ने तत्काल टिकट बुकिंग में आधार कार्ड आधारित ओटीपी (वन-टाइम पासवर्ड) सत्यापन को अनिवार्य करने की योजना को अगस्त 2025 तक के लिए टाल दिया है. पहले यह नियम 15 जुलाई से लागू होने वाला था, लेकिन साफ्टवेयर अपडेशन और डेटा सत्यापन में देरी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया. उत्तर मध्य रेलवे (NCR) के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शशिकांत त्रिपाठी ने बताया कि तकनीकी चुनौतियों के कारण यह बदलाव अब अगस्त में लागू होगा. तब तक यात्री पुराने नियमों के तहत ही तत्काल टिकट बुक कर सकेंगे. हालांकि उन्होंने इसके लिए कोई निर्धारित तिथि नहीं बतायी है.
तत्काल टिकट बुकिंग भारतीय रेलवे की एक लोकप्रिय सेवा है, जो आपात स्थिति में यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए है. इस सुविधा के तहत टिकट यात्रा से एक दिन पहले बुक किए जा सकते हैं, लेकिन दलालों और फर्जी बुकिंग की समस्या के कारण आम यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलना मुश्किल हो जाता है. इस समस्या से निपटने के लिए रेलवे ने आधार-आधारित ओटीपी सत्यापन शुरू करने का फैसला किया था, ताकि बुकिंग प्रक्रिया पारदर्शी और सुरक्षित हो सके.
ऐसे काम करेगी नई व्यवस्था
नई प्रणाली में तत्काल टिकट बुक करने के लिए यात्रियों को अपने RRCTC अकाउंट को आधार कार्ड से लिंक करना होगा. बुकिंग के समय आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा जाएगा, जिसके सत्यापन के बाद ही टिकट जारी होगा. यह नियम ऑनलाइन बुकिंग के साथ-साथ रेलवे के कम्प्यूटरीकृत पीआरएस काउंटर और अधिकृत एजेंटों पर भी लागू होगा.
बुकिंग शुरू होने के पहले 30 मिनट तक केवल आधार सत्यापित यूजर्स ही टिकट बुक कर सकेंगे, जिससे एजेंटों और बाट्स द्वारा टिकटों की होड़ पर रोक लगेगी. क्यों हुई देरी? रेलवे के अनुसार, सॉफ्टवेयर अपडेशन और आधार डेटा को आइआरसीटीसी सिस्टम के साथ जोड़ने में तकनीकी चुनौतियां सामने आई हैं. केवल 10 प्रतिशत RRCTC यूजर्स के अकाउंट ही आधार से लिंक हैं, जिसके कारण डेटा सत्यापन में समय लग रहा है. इसके अलावा, सभी रेलवे जोन और काउंटरों में एक समान सिस्टम लागू करने के लिए प्रशिक्षण और समन्वय की जरूरत है.
क्या होगा लाभ और क्या पड़ेगा प्रभाव
आधार-ओटीपी प्रणाली लागू होने से फर्जी बुकिंग और कालाबाजारी पर लगाम लगेगी. यह आम यात्रियों, खासकर आपात स्थिति में यात्रा करने वालों के लिए फायदेमंद होगा. विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम रेलवे की टिकटिंग प्रक्रिया को डिजिटल और सुरक्षित बनाएगा. हालांकि, यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे अपने आइआरसीटीसी अकाउंट को आधार से लिंक करें और तेज इंटरनेट का उपयोग करें.














































































