Connect with us

Hi, what are you looking for?

Rail Hunt

न्यूज हंट

ROURKELA : स्टेशन पर यात्री को चिकित्सा देने में हुई देरी या लापरवाही ! DRM ने डॉक्टर से मांगा स्पष्टीकरण

  • राउरकेला रेलवे अस्पताल से स्टेशन की दूरी 1 KM, डॉक्टर को पहुंचने में लगे 30 मिनट
  • प्लेटफॉर्म संख्या 2 पर जाकर यात्री को नहीं किया अटेंड, एक नंबर पर करते रहे इंतजार    

ROURKELA. राउरकेला रेलवे स्टेशन पर यात्री प्रबोध घोष की मौत का मामला अब गंभीर मोड़ ले चुका है. जिस घटना पर रेलवे ने मीडिया को यह सफाई दी थी कि यात्री को समय पर उचित चिकित्सा उपलब्ध कराई गई थी, अब उसी पर सवाल उठने लगे हैं.

नवीनतम जानकारी के अनुसार, 21 अगस्त को साउथ बिहार एक्सप्रेस पकड़ने के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या दो पर गिरे प्रबोध घोष को चिकित्सा उपलब्ध कराने में रेलवे को आधे घंटे से अधिक का समय लग गया था. सीसीटीवी फुटेज की जांच में यह तथ्य सामने आया कि सूचना मिलने के बाद राउरकेला रेलवे अस्पताल से ऑन ड्यूटी डॉक्टर प्रकाश कुमार (डीएमओ रेलवे) को स्टेशन पहुंचने में 30 मिनट से ज्यादा का समय लगा, जबकि अस्पताल स्टेशन से महज एक किलोमीटर की दूरी पर है.

यह भी पढ़ें : ROURKELA : रेलवे की गलत जानकारी ने ली यात्री की जान, पत्नी ने किया सवाल – कौन लेगा जिम्मेदारी…

फुटेज में यह भी स्पष्ट दिखा कि डॉक्टर ने प्लेटफॉर्म संख्या दो पर जाकर यात्री को अटेंड नहीं किया. बल्कि जब प्रबोध घोष को स्टेचर पर लाकर प्लेटफॉर्म संख्या एक पर लाया गया, तब डॉक्टर ने जांच कर उन्हें मृत घोषित किया.

घटना की गंभीरता को देखते हुए चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया ने स्वयं सीसीटीवी फुटेज की जांच की और रेलवे अस्पताल के डॉक्टर से स्पष्टीकरण मांगा. डीआरएम ने डॉक्टर को तीन दिन का समय दिया है और पूछा है कि आखिर यात्री को अटेंड करने में इतनी देर क्यों हुई. इस मामले की रिपोर्ट दक्षिण पूर्व रेलवे के सीएमडी को भी भेज दी गई है, साथ ही सख्त कार्रवाई की अनुशंसा की गई है.

रेलवे ने समय पर मेडिकल उपल्ब्ध कराने का किया था दावा 

डीआरएम की सक्रियता की स्थानीय लोग सराहना कर रहे हैं. वहीं, इस खुलासे ने रेलवे की पहले दी गई सफाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें दावा किया गया था कि यात्री को समय पर चिकित्सा उपलब्ध कराई गई थी. अब सीसीटीवी फुटेज ने रेलवे के दावे को झूठा साबित कर दिया है.

यह भी पढ़ें : TATANAGAR : अमित पर बरसी आदित्य की कृपा, टाटा पार्सल के फिर बने “चौधरी”

गौरतलब है कि इस घटना के बाद मृतक की पत्नी शिवानी घोष ने आरोप लगाया था कि गलत कोच पोजिशन की उद्घोषणा की वजह से उनके पति को दौड़भाग करनी पड़ी, इसी दौरान वे प्लेटफॉर्म पर गिर गए और उनकी मौत हो गई. हालांकि रेलवे ने गलत उद्घोषणा से इनकार किया था.

यह मामला अब रेलवे की चिकित्सा व्यवस्था और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है.

Spread the love
WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

अभी अभी

You May Also Like

रेल यूनियन

रिस्क एवं हार्डशिप अलाउंस के साथ नाईट ड्यूटी फेलियर रेक्टिफिकेशन गैंग बनाने की मांग  NEW DELHI. इंडियन रेलवे सिगनल एवं टेलिकॉम मैंटेनर्स यूनियन (IRSTMU) ने...

न्यूज हंट

बड़ा सवाल – दानापुर विद्युत विभाग ने रेलवे बोर्ड की गाइड-लाइन और यात्रियों की सुरक्षा को किया दरकिनार ! बड़ा आरोप – एजेंसी चयन...

आरपीएफ-जीआरपी

चक्रधरपुर डिवीजन में सिक्यूरिटी सर्कुलर का अनुपालन सुनिश्चित कराने में लग गये दो माह   RPF डीजी सोनाली मिश्रा की फटकार के बाद जागे कमांडेंट...

जोन/बोर्ड/डिवीजन

बड़ा सवाल : कोर्ट के सुनवाई चलने के दौरान रेलवे ने कैसे ले लिया दोबारा तबादले का निर्णय  MURADABAD. रेलवे बोर्ड ने शनिवार को...