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    Home » रेलवे की सुरक्षा श्रेणी में ठेकाकरण का विरोध, सात संगठनों ने संयुक्त मीटिंग में पास किया प्रस्ताव
    रेल यूनियन

    रेलवे की सुरक्षा श्रेणी में ठेकाकरण का विरोध, सात संगठनों ने संयुक्त मीटिंग में पास किया प्रस्ताव

    Railhunt News DeskBy Railhunt News DeskJuly 24, 2025
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    BALASORE, JUN 4 (UNI):- Restoration work underway at the site of the accident involving three trains, near Bahanaga Bazar railway station in Balasore district on Sunday. At least 288 people were killed and over 1000 others suffered injuries in the accident, according to officials. UNI PHOTO-40U
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    • सर्व हिंद निजीकरण विरोधी फोरम (AIFAP) ने ऑनलाइन मीटिंग कर तत्काल कर्मचारियों की भर्ती की बतायी जरूरत 
    • IRSTMU समेत सात कैटेगरीकल संगठनों ने किया विरोध, रेलवे बोर्ड को भेजा जाएगा संयुक्त ज्ञापन

    NEW DELHI. “सर्व हिंद निजीकरण विरोधी फोरम” (AIFAP) द्वारा भारतीय रेलवे की सुरक्षा श्रेणी में ठेकाकरण का विरोध और प्रत्येक विभाग (विशिष्ट रूप से सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग) में आवश्यक अतिरिक्त कर्मचारियों की तत्काल भर्ती के लिए एक ऑनलाइन मिटिंग का आयोजन किया गया जिसमें भारतीय रेलवे के सात कैटेगरीकल संगठनों समेत कई संगठनों, इंडियन रेलवे सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन मेंटेनर्स यूनियन (IRSTMU), इंडियन रेलवे एम्प्लाइज फेडरेशन (IREF), कामगार एकता कमिटी (KEC), ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल (AIGC), ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (AISMA), ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA), ऑल इंडिया ट्रेन कंट्रोलर्स एसोसिएशन (AITCA), ऑल इंडिया पॉइंट्समैन एसोसिएशन (AIPMA), तथा ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेंटेनर्स यूनियन (AIRTU) के प्रतिनिधियों ने भाग लिया.

    सभी संगठनों ने संयुक्त रूप से सुरक्षा श्रेणी में विशिष्ट रूप से सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग में ठेकाकरण का विरोध और प्रत्येक विभाग आवश्यक अतिरिक्त कर्मचारियों की तत्काल भर्ती की मांग करते हुए माननीय रेलवे बोर्ड को संयुक्त ज्ञापन भेजने पर सहमति जताई.

    इंडियन रेलवे सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन मेंटेनर्स यूनियन (IRSTMU) के महामंत्री आलोक चन्द्र प्रकाश ने संबोधित करते हुए कहा कि सिगनल एवं दूरसंचार विभाग में यार्ड स्टिक तो खुद रेलवे ही बनाती है पर खुद अपने ही बनाए यार्ड स्टिक को लागू नहीं करती. यह तीसरा मौका है जब यार्ड स्टिक को 2022 संशोधित किया गया है. इससे पूर्व 2010 की यार्ड को भी रेलवे बोर्ड लागू नहीं किया जिसमें सिगनल एवं टेलिकॉम गियरों को DESTU/ZESTU के आधार पर कर्मचारियों के कैडर का निर्धारण किया जाता था परन्तु 2022 में यार्ड स्टिक को रूट बेस्ड कर दिया गया.

    सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग द्वारा इंस्टाल्ड इंरलॉकिंग सर्किट के मैंटेंनेंस एवं समयबद्ध फेलियर का रेक्टिफिकेशन पर ही सभी ट्रेनों का संरक्षित, सुरक्षित एवं समयबद्ध परिचालन संभव है. सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग के सभी कार्यों को केवल और केवल परमानेंट स्किल्ड और विष्टि प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता होती है. जिसे कॉंट्रैक्चुअल वर्कर से नहीं कराया जा सकता है. यहाँ तक कि ART/ARME की यार्ड स्टिक के अनुसार जितना स्टाफ लिखा गया है उतना स्टॉफ भी नहीं रखा जा रहा है जो कि अकस्मात या दुर्घटना के वक्त काम आता है.

    इंडियन रेलवे सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन मेंटेनर्स यूनियन (IRSTMU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नवीन कुमार ने कहा कि यार्ड स्टिक 2022 में नाइट ड्यूटी फेलियर गैंग बनाने का प्रावधान किया है परन्तु तीन साल हो गए यार्ड स्टिक को लागू नहीं किया जा रहा है. इसके अलावा इंजीनियरिंग विभाग के पॉइंट तथा ट्रैक रिन्यूअल कार्य चलते रहते हैं इसके अलावा पॉइंट तथा ट्रैकों की मरम्मत भी होती रहती है इन सभी कार्यों में सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग के कर्मचारी पूरी तरह से इंभॉलव रहते हैं, यार्ड स्टिक 2022 में इन सभी कार्यों के लिए अलग से ट्रैक रिपेयरिंग एंड मैन्टेनेंस गैंग की व्यवस्था करने की बात कही गई है, ये भी आज तक नहीं बनाया गया है. सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग में आपदा और कई बड़े कार्यों को भी अंजाम दिया जाता है जिसमें एल सी गेट पब्लिक के द्वारा तोड़ना, बड़े यार्ड में केबल डालना, पॉइंट मशीन बदलना जैसे कार्य सम्मिलित हैं, के लिए भी हैवी रिपेयर गैंग का प्रावधान किया गया पर यह भी सही तरह से नहीं बनाया गया है. इन सभी कार्यों को केवल और केवल परमानेंट स्किल्ड और विष्टि प्रशिक्षित कर्मचारियों की आवश्यकता होती है. जिसे कॉंट्रैक्चुअल वर्कर से नहीं कराया जा सकता है.

    अतः यात्रियों तथा रेलवे की सुरक्षा एवं संरक्षा के साथ -साथ देश की सुरक्षा और संरक्षा के साथ खिलवाड़ तत्काल बंद किया जाना चाहिए और सिगनल एवं टेलिकॉम विभाग में केवल और केवल परमानेंट स्किल्ड तथा रेलवे द्वारा ट्रैंड परमानेंट कर्मचारियों की ही न्युक्ति होनी चाहिए जिन पर रेलवे के नियम लागू होते हैं.

    IRSTMU के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रबोध कुमार श्रीवास्तव ने ऑनलाइन मिटिंग में जुड़ने वाले सभी कैटेगरीकल संगठनों इंडियन रेलवे सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन मेंटेनर्स यूनियन (IRSTMU), इंडियन रेलवे एम्प्लाइज फेडरेशन (IREF), कामगार एकता कमिटी (KEC), ऑल इंडिया गार्ड्स काउंसिल (AIGC), ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन (AISMA), ऑल इंडिया लोको रनिंग स्टाफ एसोसिएशन (AILRSA), ऑल इंडिया ट्रेन कंट्रोलर्स एसोसिएशन (AITCA), ऑल इंडिया पॉइंट्समैन एसोसिएशन (AIPMA), तथा ऑल इंडिया रेलवे ट्रैकमेंटेनर्स यूनियन (AIRTU) के सभी प्रतिनिधियों तथा सदस्यों का धन्यवाद किया. IRSTMU के प्रतिनिधि के तौर पर दिलीप खड़े, संतराज मौर्य के साथ करीब 300 सदस्यों ने भाग लिया.

    प्रेस विज्ञप्ति 

    Opposition to contracting in the security category of railways seven organizations passed the proposal in a joint meeting
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