GORAKHPUR. यांत्रिक कारखाना गोरखपुर में गुरुवार की शाम मरम्मत के दौरान पावरकार में लगी आग ने एक बार फिर सुरक्षा उपायों को सवालों के घेरे में लाकर खड़ा कर दिया है. यांत्रिक कारखाना में मरम्मत के दौरान एक कोच में आग लगने की घटना कुछ माह पहले भी हुई थी. पिछले साल भी कारखाने में आग लगने की घटना हुई थी. लगातार आग लगने की घटनाएं यांत्रिक कारखाने की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ी कर रही हैं.
गुरुवार की घटना में अचानक आग की लपटे और धुआं उठता देख कारखाना कर्मचारियों में भगदड़ मच गई. अफरातफरी के बीच रेलवे सुरक्षा बल के जवान, अधिकारी और कर्मचारी आग बुझाने में जुट गए, लेकिन आग और विकराल रूप धारण करने लगी. आग की लपटें देख कारखानाकर्मी डर गए. दमकल की तीन गाड़ियों ने कड़ी मशक्त के बाद आग पर काबू पायी. इसके साथ ही बड़ी दुर्घटना टल गई.
शाम 05:30 बजे के आसपास कुछ कर्मचारी पावरकार में मरम्मत के लिए वेंल्डिंग का कार्य कर रहे थे. इसी दौरान उठी चिंगारी धधक उठी. कर्मचारी अभी कुछ समझ पाते कि आग पूरी पावरकार में फैल गई. पावरकार धूं-धूं कर जलने लगी. पावरकार में उच्च क्षमता के जनरेटर में पर्याप्त मात्रा में डीजल थी था.
आग अभी डीजल के पास पहुंचती कि उसपर काबू पा लिया गया. अन्यथा, आग और भयावह रूप ले लेती. आग दूसरे शापों तक पहुंच जाती. मौके पर पहुंची दमकल की टीम ने तेजी से बचाव कार्य किया और कड़ी मशक्कत के बाद रात 07:30 बजे के आसपास आग को पूरी तरह बुझा लिया.
हालांकि अब भी यह सवाल अनुत्तरित है कि बार-बार यांत्रिक कारखाना में मरम्मत के दौरान अगलगी की घटनाओं को रोकने के लिए क्या-क्या उपाय किये गये है? अगर उपाय सही और सुरक्षित है तो ये घटनाएं कैसे घट रही है? इसके लिए कौन लोग जिम्मेदार है? रेल प्रशासन भविष्य के लिए सुरक्षा उपायों को लेकर क्या पहल कर रहा है.
















































































