- रेलवे की सुरक्षा पर पीड़ित यात्रियों ने उठाये सवाल, कहा- ट्रेन में नहीं थी स्कॉट पार्टी, टीटीई ने बोलने के बाद भी नहीं रोकी ट्रेन
- एक सप्ताह पूर्व उसी मार्ग पर बाघ एक्सप्रेस में दोबारा अपराधियों ने घटना को दिया अंजाम, आरपीएफ को नहीं मिला सुराग
ASANSOL. रेलवे में यात्री सुरक्षा के दावों पर खुशबू के परिवार को अब भरोसा नहीं रहा. अस्पताल में जीवन और मौत से जूझकर बाहर आयी खुशबू उस पल को याद कर आज भी सिहर जाती है जब अपराधियों ने पर्स छीनने के दौरान उसे चलती ट्रेन से नीचे धक्का दे दिया था. अंधेरी रात में चलती ट्रेन से नीचे गिरकर लहूलुहान खुशबू ने हौसला नहीं खोया और घायल अवस्था में ट्रेन की दिशा में एक किलोमीटर तक दौड़ती रही. इस दौरान कुल्टी रेलवे स्टेशन के आउटर पर एक यात्री ने उसे सहयोग किया और वह किसी तरह उसके फोन से अपनी मां तक घटना की सूचना पहुंचा सकी और स्टेशन पर पहुंचकर बेसुध हो गयी.
अंधेरी रात में चलती ट्रेन से नीचे गिरकर लहूलुहान खुशबू ने हौसला नहीं खोया और घायल अवस्था में ट्रेन की दिशा में एक किलोमीटर तक दौड़ती रही. इस दौरान कुल्टी रेलवे स्टेशन के आउटर पर एक यात्री ने उसे सहयोग किया और वह किसी तरह उसके फोन से अपनी मां तक घटना की सूचना पहुंचा सकी और स्टेशन पर पहुंचकर बेसुध हो गयी.
खुशबू अपने पति दीपक कुमार, पुत्र (5वर्ष) और पुत्री (2वर्ष) के साथ Train 18630 (GKP-RNC Weekly Exp) PNR: 2436695618, 2nd Class AC, कोच A1 के 49 और 50 नंबर सीट पर सिवान से 21 जून को रांची के लिए चली थी. सभी सो रहे थे. तभी सुबह (22-जून-25) लगभग 3:30 बजे अचानक चितरंजन और धनबाद रेलवे स्टेशन के बीच कुल्टी के समीप अपराधियों ने नीचली बर्थ पर सो रही खुशबू के हाथ से पर्स छीनना चाहा. ऊपरी सीट पर पति दीपक सो रहे थे. आपाधापी के बीच पर्स को बचाने के लिए खुशबू चोर से भिड़ गयी और हाथापायी में वह उसे दरवाजे तक ले आया और नीचे धकेल दिया. यह घटना ट्रेन के सुरक्षित माने जाने वाले एसी कोच में घट रही थी.
इसी कोच पर यात्रा कर रहा था परिवार

A 1 कोच के 49 और 50 नंबर सीट पर यात्रा कर रहा था परिवार
बेटी का रोना सुनकर दीपक की नींद खुली तो खुशबू को बर्थ से गायब पाया. दोनों बच्चे नीचे सो रहा था. घबराये दीपक ने पत्नी के नीचे गिरने की आशंका जताते हुए टीटीई से ट्रेन रोकने की गुहार लगायी लेकिन उसकी बात तकनीकी कारण बताकर ऑन ड्यटी टीटीई ने नहीं माना. दीपक परेशान ट्रेन में पत्नी को खोजता रहा. इस बीच कुल्टी स्टेशन से मिली सूचना पर छपरा में खुशबू के मायके के परिजनों में अफरातफरी मच गयी. आनन-फानन में लोगों ने दीपक से संपर्क किया तब घटना उसे पता चला कि पत्नी के साथ क्या घटना घटी है. इसके बाद छपरा से रेलवे कंट्रोल को सूचना दी गयी. इस बीच कुल्टी आरपीएफ ने सूचना दी कि महिला को कुल्टी स्टेशन पर सुरक्षित रखा गया है.
चितरंजन से धनबाद के बीच कुल्टी स्टेशन के समीप हुई वारदात, एक माह बाद में अपराधियों तक नहीं पहुंच सकी पुलिस
दिलचस्प है कि घटना एक माह बाद भी रेलवे सुरक्षा और रेल पुलिस इस मामले के आरोपियों को नहीं पकड़ सकी है. यह मामला आसनसोल रेल थाना में दर्ज कराया गया. मामला दर्ज कराने में भी परिजनों को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा. सूचना मिलते ही पति दीपक धनबाद से कुल्टी 12322 (मुंबई-हावड़ा) Exp से पहुंचे. FIR दर्ज कराने के लिए कुल्टी RPF सीतारामपुर स्टेशन ले गयी. वहां से FIR कराने Asansol GRPS जाने को कहा गया.फिर परिवार निजी वाहन से कुल्टी से सीतारामपुर और आसनसोल पहुंचकर 12:15 में Case No: 47/2025 Dt: 22-06-25 U/S-304(02) BNS, FIR और वीडियोग्राफी Asansol GRPS मे दर्ज कराया.
8 लाख के जेवर, 10 हजार नकदी समेत कई सामनों की लूट
रेल पुलिस को दी गयी सूचना के अनुसार लूटपाट में पत्नी के GOLD-Silver के लगभग 8 Lakh के गहने, BOI ATM, iQOO Z9 Mobile के अलावा 10हजार रुपये कैस लूटेरों के हाथ लगे. इसके बाद दीपक पत्नी को सड़क मार्ग लेकर रांची में अस्पताल पहुंचे. यहां Samford Hospital के ICU में उन्हें भर्ती कराना पड़ा. खुशबू के के सिर-कंधे-कमर और हाथ की कोहनी पर काफी चोट आई थी.
10 दिनों को मोबाइल रिंक हो रहा था लेकिन पुलिस व आरपीएफ ने नहीं दिखायी गंभीरता

खुशबू का भाई मनीष छपरा C&W रेल में हैं जाे (Ex CRPF) है. मनीष ने रेलहंट को बताया गया वारदार के बाद 10 दिनों तक लूटा गया मोबाइल रिंग कर रहा था. यह सूचना पुलिस और आरपीएफ को दी गयी लेकिन दोनों स्तर पर उसे ट्रेस करने की पहल नहीं की गयी. Train 18630 के 2nd Class AC (A1) मे ऐसी घटना दुर्भाग्यपूर्ण है जो Railway और Escort सुरक्षा को कलंकित करता है.