RAIPUR. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR) बिलासपुर जोन में आरपीएफ डीआईजी ने ऐसा जाल बिछाया जिसमें कई इंस्पेक्टर एक साथ उलझ गये हैं. मामला कोयला चोरी के मामलों में कार्रवाई और आरपीएफ इंस्पेक्टरों की मिलीभगत से जुड़ा है. डीआईजी मोहम्मद शाकिब ने कुछ दिन पहले ही कोयला चोरों के खिलाफ विशेष ड्राइव चलाने का फरमान जारी किया था. इस आदेश पर अनुपालन करते हुए बिलासपुर आरपीएफ कमांडेंट ने कंट्रोल ऑर्डर निकाला और सभी स्टेशन और पोस्ट प्रभारियों को कार्रवाई करने के आदेश दिए.
उन्हें समझ नहीं आ रहा कि स्पष्टीकरण में क्या जबाव दे? अगर कोयला चोरों के मुख्यालय के आदेश के बाद पकड़ा गया तो साफ है कि यह चोरी पहले भी हो रही थी. तब सवाल यह उठता है कि इंस्पेक्टर मौन क्यों थे? हालांकि वरीय इंस्पेक्टर डीआईजी के आदेश पर भड़के हुए है. कई लोगों का कहना है कि सेक्शन में कहां क्या चल रहा है इसकी पूरी जानकारी ऊपर तक होती है. अगर यह जानकारी डीआईजी तक नहीं पहुंची तो इसके लिए पूरी तरह उनके अधीन संचालित होने वाले सीआईबी और आईवीजी के लोग जिम्मेवार है? ऐसे मामलों की जांच उनसे क्यों नहीं करायी गयी?
फिलहाल यह मामला तकनीकी पेंच में फंस गया और अभियान में सक्रियता दिखाने वाले इंस्पेक्टर इस बात का जबाव खोलने में लगे है कि काेयले की चोरी हो रही थी तब वह क्यों अभियान चलाने के आदेश का इंतजार कर रहे थे ?
- दागी रेलकर्मियों के लिए ‘सुरक्षित रास्ता’ बंद, जांच पूरी होने तक नहीं ले सकेंगे VRS - July 10, 2026
- SE RAILWAY : सेवानिवृत्त और दिव्यांगों को भी HRMS से मिलेगा ऑनलाइन पास, मैन्युअल सिस्टम पूरी तरह बंद - July 10, 2026
- खड़गपुर में सीनियर सेक्शन इंजीनियर के आवास पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) का छापा, महकमे में बेचैनी - July 10, 2026



















































































