ECR के दानापुर मंडल में लोको पायलट (गुड्स) से लोको पायलट (पैसेंजर) में दिये गये प्रमोशन आदेश को रद्द करने पर बड़ा बबंडर उठ खड़ा हुआ है. इस आदेश पर कार्मिक विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है. यहां सीनियर डीपीओ अतुल कुमार हैं.
PATNA. भारतीय रेलवे के पूर्व मध्य रेलवे (ECR) ज़ोन के दानापुर मंडल में कार्मिक विभाग की कार्यशैली एक बार फिर गंभीर प्रशासनिक सवालों के घेरे में आ गई है. मंडल में लोको पायलट (गुड्स) से लोको पायलट (पैसेंजर) के पद पर पूर्व में दिए गए प्रमोशन को सक्षम अधिकारी के आदेश का हवाला देते हुए अचानक रद्द कर दिया गया है, जिससे रेल कर्मियों में भारी असंतोष है.
कार्यालय द्वारा जारी पत्र (दिनांक 10.09.2026) के अनुसार, कार्यालय आदेश सं. 81’A’/2026 (दिनांक 03.05.2026) और 15.04.2026 को अनुमोदित पैनल के तहत दी गई पदोन्नति को “अपरिहार्य कारणों” का हवाला देकर निरस्त कर दिया गया है.
कैडर रिव्यू का अजीब तर्क और मनमाने फैसले
विभाग का तर्क है कि इस प्रक्रिया के बीच लोको पायलट (पैसेंजर) का कैडर रिव्यू (Cadre Review) किया गया, जिसके बाद अतिरिक्त रिक्तियां पाई गईं. इस फेरबदल के नाम पर पूर्व में प्रकाशित और स्वीकृत वरीयता सूची को सिरे से खारिज कर दिया गया है और इसके स्थान पर एक नई संशोधित प्रोविशनल सीनियरिटी लिस्ट (Provisional Seniority List) जारी कर दी गई है.
जारी आदेश के मुख्य बिंदु
- 7 दिनों का अल्टीमेटम : संबंधित रेल कर्मचारियों को अपनी आपत्ति दर्ज कराने के लिए केवल 07 दिनों का बेहद सीमित समय दिया गया है.
- एकतरफा अंतिम निर्णय : चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय के भीतर आपत्ति दर्ज नहीं कराई जाती है, तो इसी संशोधित वरीयता सूची को अंतिम मानकर अगली पदोन्नति प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
- अधिकारियों के हस्ताक्षर : इस पत्र पर सहायक कार्मिक अधिकारी (APO) के हस्ताक्षर हैं और इसे सभी संबंधित मुख्य क्रू नियंत्रकों तथा मान्यता प्राप्त यूनियनों को प्रेषित किया गया है.
प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल, आखिर पहले सूची क्यों जारी हुई?
महीनों पहले पूरी प्रक्रिया के तहत अनुमोदित पैनल और जारी हो चुके प्रमोशन ऑर्डर को इस प्रकार अचानक रद्द किए जाने से लोको पायलटों में गहरा आक्रोश है. इस मामले को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं:
- लापरवाही किसकी? जब कैडर रिव्यू की प्रक्रिया चल रही थी या विचाराधीन थी, तो उससे पहले पदोन्नति सूचियां जारी ही क्यों की गईं? क्या यह विभागीय अदूरदर्शिता या जानबूझकर की गई त्रुटि है?
- कर्मचारियों का उत्पीड़न: क्या कार्मिक विभाग की लचर कार्यप्रणाली और प्रशासनिक विफलता का खामियाजा अब मेहनती लोको पायलटों को अपनी वरिष्ठता (Seniority) गंवाकर भुगतना पड़ेगा?
- पारदर्शिता पर ग्रहण: इस तरह बार-बार आदेश जारी कर उन्हें निरस्त करने की कार्यशैली से पूरी ट्रांसफर-पोस्टिंग और पदोन्नति प्रणाली पर गंभीर संदेह उत्पन्न होता है.
दानापुर मंडल प्रशासन के इस मनमाने रवैये से कर्मचारियों का मनोबल टूट रहा है. यदि मंडल प्रशासन ने इस विसंगति को जल्द दूर कर पारदर्शी और न्यायसंगत कदम नहीं उठाया, तो कर्मचारियों के पास न्याय के लिए प्रशासनिक मंचों या न्यायालय का दरवाजा खटखटाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा. रेलवे बोर्ड को यह तय करना होगा कि क्या प्रशासनिक लापरवाही की कीमत हमेशा मैदानी स्तर पर काम करने वाले रेल कर्मियों को ही चुकानी पड़ेगी?
- ECR : दानापुर मंडल का नया कारनामा, LP(P) का प्रमोशन रद्द, कैडर रिव्यू के नाम पर हुआ बड़ा खेल! - September 14, 2026
- ‘ट्रेन लेट हो तो क्या, माल तो टाइम पर पहुंचा!’, जाने …क्या है भारतीय रेलवे का ‘5.4% वृद्धि लोडिंग वाला कमाल’ - September 14, 2026
- KOLKATA : रोटरी क्लब ऑफ गार्डन रीच ने मनायी स्वर्ण जयंती, समारोह में दिखा समाज सेवा और उल्लास का संगम - September 13, 2026



















































































