Connect with us

Hi, what are you looking for?

Rail Hunt

जोन/बोर्ड/डिवीजन

रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला : सरेंडर नहीं होंगे पद, ‘मैनपावर री-डिस्ट्रिब्यूशन’ पर होगा जोर, सेफ्टी और ऑपरेशनल पोस्ट पर बढ़ेगी तैनाती

सांकेतिक तस्वीर AI

NEW DELHI. भारतीय रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपने मैनपावर रेशनलाइजेशन (Manpower Rationalization) को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है. ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन (AIRF) को भेजे गए एक स्पष्टीकरण पत्र में रेलवे बोर्ड ने साफ किया है कि रेलवे में कुल स्वीकृत पदों (Sanctioned Strength) की संख्या में कोई कटौती नहीं की जा रही है, बल्कि गैर-जरूरी व गैर-सेफ्टी श्रेणियों के खाली पदों को समाप्त करने के बजाय उन्हें अति-आवश्यक, परिचालन (Operational) और सुरक्षा (Safety) से जुड़े पदों पर पुनर्गठित (Redistribute) किया जा रहा है.

जाने रेलवे बोर्ड ने क्या बताया

रेलवे बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर/E(MPP) शिव शर्मा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, रेलवे में कार्यभार (Workload) के बदलाव, आधुनिक तकनीकों के अपनाए जाने, काम करने के तरीकों में बदलाव और नई संपत्तियों/परियोजनाओं के शुरू होने के कारण पदों का पुनर्गठन, पुनर्वितरण और निष्कासन (Surrender) एक निरंतर प्रक्रिया है.

बोर्ड ने बताया कि 24 अप्रैल 2026 को जारी निर्देशों के तहत सभी क्षेत्रीय रेलों को FY 2026-27 के लिए मैनपावर रेशनलाइजेशन का लक्ष्य दिया गया था. इसका मुख्य मकसद नॉन-सेफ्टी कैटेगरी के अतिरिक्त पदों को उसी पे-ग्रेड (Pay Grade) में सेफ्टी और क्रिटिकल कैटेगरी में ट्रांसफर करना है ताकि उपलब्ध मानव संसाधन का सही इस्तेमाल हो सके.

आंकड़ों के साथ दूर की आशंकाएं

यूनियनों और कर्मचारियों के बीच पदों के सरेंडर को लेकर बनी असमंजस की स्थिति पर विराम लगाते हुए बोर्ड ने आंकड़ों का भी हवाला दिया:

  • FY 2024-25: केवल 2550 पद सरेंडर किए गए थे.
  • FY 2025-26: मात्र 694 पद सरेंडर किए गए थे.
  • FY 2026-27: अब मुख्य ध्यान पदों को समाप्त करने के बजाय उनके री-डिस्ट्रिब्यूशन (Redistribution) यानी पुनर्वितरण पर केंद्रित रहेगा.

कर्मचारियों और सुरक्षा व्यवस्था पर क्या पड़ेगा प्रभाव

इस नए फैसले से रेलवे के संरक्षा विभाग जैसे लोको पायलट, ट्रैक मेंटेनर, सिग्नलिंग एवं मेंटेनेंस कर्मचारियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है. पुरानी और गैर-प्रासंगिक शाखाओं से पद हटाकर सुरक्षा और ट्रेन परिचालन से जुड़ी शाखाओं में जोड़े जाने से एक तरफ जहां सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, वहीं दूसरी तरफ रेल संचालन में आ रही जनशक्ति की कमी को भी पूरा किया जा सकेगा. रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि FY 2024-25 से ही इस नीति पर ध्यान केंद्रित किया गया है और इसका उद्देश्य रेलवे की कार्यकुशलता बढ़ाना है.

Spread the love

अभी अभी

You May Also Like

जोन/बोर्ड/डिवीजन

• रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला: चिकित्सा परिचर्या नियम (RMAR), 2013 के पैरा 601 (4) में हुआ संशोधन • हार्ट अटैक, दुर्घटना और प्रसव...

आरपीएफ-जीआरपी

मीडिया के सामने दिया बयान, 24 घंटे के भीतर तबादला, अचानक मोदी-शाह को सैल्यूट करने लगे कमांडेंट  AGRA. आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पर डिप्टी...

न्यूज हंट

TATANAGAR/CKP. दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर (CKP) रेल मंडल का वाणिज्य (Commercial) विभाग एक बार फिर भेदभावपूर्ण तबादलों और प्रशासनिक विसंगतियों को लेकर सुर्खियों...

आरपीएफ-जीआरपी

वर्दी का रौब पड़ा भारी, स्टेशन मास्टर को केबिन से खींचकर प्लेटफॉर्म पर घसीटा, पीटा, बिना चेन पुलिंग महिला यात्री से 1000 रुपये वसूलने...