- जबलपुर–वेरावल एक्सप्रेस में चढ़ने की कोशिश के दौरान बिगड़ा संतुलन, कोच की सीढ़ियों के पास लटका यात्री
- अहमदाबाद स्टेशन पर टेक्नीशियन महेश ने अपनी बिना जान की परवाह किए रेलकर्मी ने खींचकर बचाया
Ahmedabad. अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर सोमवार सुबह उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश कर रहा एक यात्री अचानक अपना संतुलन खो बैठा और कोच की सीढ़ियों के पास लटक गया. कुछ सेकंड की देरी भी यात्री की जान पर भारी पड़ सकती थी, लेकिन मौके पर मौजूद रेलवे के एक टेक्नीशियन ने अदम्य साहस दिखाते हुए उसकी जिंदगी बचा ली.
घटना ट्रेन नंबर 11464 जबलपुर–वेरावल एक्सप्रेस के B-3 कोच से जुड़ी है. जानकारी के मुताबिक ट्रेन अहमदाबाद स्टेशन से रवाना हो रही थी. इसी दौरान एक अधेड़ यात्री ने चलती ट्रेन में चढ़ने का प्रयास किया. पैर और शरीर का संतुलन बिगड़ते ही वह प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच खतरनाक स्थिति में पहुंच गया तथा कोच की सीढ़ियों के पास लटक गया.
यात्री को जिंदगी और मौत के बीच जूझते देख प्लेटफॉर्म पर यांत्रिक विभाग में तैनात टेक्नीशियन श्री महेश परमार की नजर उस पर पड़ी. स्थिति की गंभीरता को समझते हुए उन्होंने तत्काल प्रतिक्रिया दी. महेश परमार ने बिना समय गंवाए यात्री की ओर दौड़ लगाई और चलती ट्रेन के साथ लटक रहे यात्री को पकड़ लिया. इसके बाद उन्होंने पूरी ताकत लगाकर उसे प्लेटफॉर्म की ओर खींचा और सुरक्षित स्थिति में पहुंचाया.
मौके पर मौजूद लोगों के लिए यह पूरा घटनाक्रम कुछ ही क्षणों में हुआ, लेकिन उन क्षणों में महेश परमार की सूझबूझ और साहस ने एक बड़ी दुर्घटना को टाल दिया. घटना के बाद रेल कर्मचारियों के बीच टेक्नीशियन महेश परमार की बहादुरी की जमकर सराहना हो रही है. वेस्टर्न रेलवे एम्प्लाइज यूनियन (WREU) समेत रेल परिवार के लोगों ने उनकी तत्परता और मानवीय संवेदना की प्रशंसा की है.
महेश परमार ने यह साबित कर दिया कि रेलवे कर्मचारियों की जिम्मेदारी सिर्फ निर्धारित ड्यूटी तक सीमित नहीं होती. संकट की घड़ी में उनकी सतर्कता और त्वरित कार्रवाई किसी की जिंदगी बचाने में निर्णायक साबित हो सकती है. हालांकि घटना यात्री की लापरवाही के कारण हुई, लेकिन समय रहते रेलकर्मी की नजर पड़ना और तत्काल बचाव करना बेहद अहम रहा.
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