- चक्रधरपुर में दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस यूनियन के महाधिवेशन से AIRF ने किया 8वें वेतन आयोग पर शंखनाद
- कम कर्मचारियों से ज्यादा काम का बोझ अब और बर्दाश्त नहीं, 5 हजार रिक्त पद तुरंत भरे रेलवे बोर्ड
- जब जान पर खेलकर ट्रैक बचा रहा ट्रैकमैन, तब उसे पीने के पानी तक को तरसाना रेलवे की संवेदनहीनता
- कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी की तो पहिए ठप कर देगा लाल झंडा, शिवगोपाल का अल्टीमेटम
Chakradharpur/Tatanagar : चक्रधरपुर में आयोजित दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस यूनियन (SERMU) के महाधिवेशन में AIRF महासचिव शिवगोपाल मिश्रा यूनियन की पुरानी आक्रामक राजनीति की छाप दिखी. उन्होंने न केवल केंद्र सरकार और रेलवे बोर्ड पर कड़ा प्रहार किया, बल्कि स्थानीय रेल प्रशासन को भी सीधे कटघरे में खड़ा कर दिया.
मंडल मुख्यालय स्थित महात्मा गांधी सभागार में शुक्रवार को आयोजित महाधिवेशन में शिवगोपाल मिश्रा ने आक्रामक तेवर दिखाते हुए कहा कि रेलवे को ‘ठेकेदारों की जागीर’ नहीं बनने दिया जाएगा और निजीकरण व आउटसोर्सिंग के खिलाफ अब AIRF आर-पार का संग्राम में उतरेगा.
रेलवे के अति-महत्वपूर्ण और सेफ्टी से जुड़े कार्यों को भी लगातार आउटसोर्स किये जाने पर उन्होंने चिंता जतायी और कहा कि ठेकेदारों के अनियंत्रित हस्तक्षेप से न केवल काम की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है, बल्कि ट्रेन परिचालन की सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है.
शिवगोपाल मिश्रा ने 20 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद चक्रधरपुर पहुंचने को यादगार बताते हुए कहा कि 17 वर्षों तक कार्यालय बंद रहने के बावजूद संगठन को जीवित रखने का श्रेय कार्यकर्ताओं को जाता है. उम्मीद जतायी कि यूनियन नेता व कैडर निजी दुर्भावना छोड़कर एकजुट होंगे और तभी आने वाले चुनाव में यूनियन का झंडा बुलंद रह सकेगा.

मेंस यूनियन ठेका प्रथा को पूरी तरह खत्म करने और रेलवे के कार्य केवल स्थायी कर्मचारियों से ही कराने की मांग को लेकर अपने राजनीतिक संघर्ष को तेज करेगी. शिवगोपाल
चक्रधरपुर डिवीजन से बोर्ड तक रेलवे मैनपावर पर फोकस
शिवगोपाल मिश्रा ने चक्रधरपुर मंडल डिवीजन में 5,000 पद रिक्त होने के कारण एक-एक रेलकर्मी पर दो-तीन लोगों का काम थोपे जाने व कार्य दबाव की चर्चा की. कहा कि नई ट्रेनें तो चलाई जा रही हैं, लेकिन संरक्षा और रखरखाव के लिए मैनपावर नहीं दिया जा रहा. नई नियुक्तियों पर बोर्ड का रुख परेशान करने वाला है. रिक्त पदों को तुरंत भरने के लिए उन्होंने बोर्ड और सरकार को घेरने की रणनीतिक तैयारी की बात भी कही.
20 साल का ‘इंतजार’ खत्म, पर क्या दक्षिण पूर्व रेलवे में मेंस यूनियन के बिखराव रोक पाएंगे शिवगोपाल!
DRM तरुण हुरिया से किया सीधा संवाद
महाधिवेशन में एआईआरएफ महासचिव ने महाधिवेशन के मंच पर मौजूद चक्रधरपुर मंडल रेल प्रबंधक (DRM) तरुण हुरिया से सीधा संवाद किया. उन्होंने कई बिंदुओं पर उनसे सवाल किये और जबाव भी पाया.
शिवगोपाल के सवाल
- सुदूर क्षेत्रों और गैंग में काम करने वाले रेलकर्मियों को बुनियादी पीने का पानी तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, प्रशासन इतना संवेदनहीन क्यों है?
- चक्रधरपुर मंडल की कार्य परिस्थितियां इतनी कठिन क्यों हैं कि कर्मचारी यहाँ से तबादला कराकर भागने की ताक में रहता है ?
- आवास आवंटन, प्रमोशन और सेटलमेंट ड्यूज में कर्मचारियों को बेवजह परेशान क्यों किया जाता है?
- खराब आवास, जर्जर क्वार्टर और कार्यस्थल पर मूलभूत नागरिक सुविधाओं की कमी के कारण कर्मियों में रेल प्रशासन के असंतोष है.
डीआरएम हुरिया बोले – पारदर्शिता और समाधान पर उनका फोकस
चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया ने अधिवेशन में कहा कि चक्रधरपुर मंडल बेहद पुराना और महत्वपूर्ण मंडल है. यहां कार्यक्षेत्र जटिल है, लेकिन रेलकर्मी पूरी मेहनत और समर्पण के साथ जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं. राउरकेला, टाटानगर समेत अन्य अस्पतालों के साथ चिकित्सा सुविधाओं को लेकर कई बड़े अस्पतालों से सम्बद्ध किया गया है. व्यवस्थाओं में पारदर्शिता लाने का प्रयास है. कमियों को चरणबद्ध तरीके से दुरुस्त किया जा रहा. कर्मचारियों की समस्याओं के निराकरण का लगातार प्रयास जारी है. क्वार्टर आवंटन, प्रमोशन और कर्मचारियों के सेटलमेंट ड्यूज जैसे मामलों में भी पारदर्शिता के साथ काम हो रहा.
8वें वेतन आयोग का ऐलान: शिवगोपाल मिश्रा ने स्पष्ट संदेश दिया कि 1 जनवरी 2026 से 8वां वेतन आयोग हर हाल में लागू कराया जाएगा. इसके साथ ही भत्तों में बढ़ोतरी की मांग को यूनियन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है.
महाधिवेशन में उपस्थित अधिकारी व यूनियन नेता
दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस यूनियन संगठनात्मक ताकत और प्रशासनिक उपस्थिति दर्शाने के लिए मंच पर यूनियन और रेल प्रशासन के कई प्रमुख चेहरे एक साथ नजर आए. शिवगोपाल मिश्रा के अलावा दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस यूनियन (SERMU) के महासचिव गौतम मुखर्जी, चक्रधरपुर डीआरएम तरुण हुरिया, सीनियर डीपीओ डॉ. ऋषभ सिन्हा के अलावा दक्षिण पूर्व रेलवे मुख्यालय (गार्डन रीच) सहित आद्रा, खड़गपुर, रांची और चक्रधरपुर मंडल के विभिन्न शाखाओं के केंद्रीय व मंडलीय स्तर के यूनियन पदाधिकारी अधिवेशन में शामिल हुए.
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