Kanpur. लखनऊ रनिंग रूम में ड्यूटी पर मौजूद एक लोको पायलट पर खाने की व्यवस्था पर सवाल उठाने को लेकर विवाद हो गया. बताया जाता है की ठेकेदार के लोगों ने लोको पायलट पर सरिया से वार किया, जिससे उसको गंभीर छोटे आयी है. लोको चालकों ने घटना के बाद सुरक्षा की मांग को लेकर विरोध दर्ज कराया है.
लोको पायलटो का कहना है कि घंटों ड्यूटी के बाद वह रनिंग रूम में आराम करने की नीयत से आते हैं जहां उन्हें निम्न स्तरीय गुणवत्ता वाला खाना उपलब्ध कराया जाता है. इन मामलों में शिकायत करने पर ठेकेदार और प्रबंधन के बीच का गठजोड़ उन पर भारी पड़ रहा है.
ऐसे मामलों में लिखित शिकायत करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी प्रबंधन के स्तर पर दी जाती है जबकि रनिंग रूम के व्यवस्था का संचालन लेने वाले ठेकेदारों के उग्र रवैया का सामना भी उन्हें करना पड़ता है. लोको पायलटों ने ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा किए गए हमले को अमानवीय और शर्मनाक बताया. उनका कहना था की यह न केवल एक रेल कर्मचारी पर हमला है, बल्कि पूरे भारतीय रेल परिवार की गरिमा और सुरक्षा पर सीधा आघात है. आज लोको पायलट अगर रनिंग रूम में भी सुरक्षित नहीं है, तो यह पूरे सिस्टम पर सवाल है.
लोको पायलटो का कहना था कि अब समय आ गया है कि सभी लोको पायलट, यूनियनें और रेल कर्मचारी एकजुट होकर इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं. वहीं दूसरी ओर अब तक इस मामले में ठेकेदार अथवा रेल प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आ सका है.
लोको पायलटो ने प्रबंधन के सामने रखी मांग
1. दोषी व्यक्ति को तुरंत गिरफ्तार कर, उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.
2. रनिंग रूम संचालन की ठेकेदारी प्रथा को समाप्त कर, रेलवे के स्थायी और प्रशिक्षित कर्मचारियों की नियुक्ति की जाए.
3. हर रनिंग रूम में लोको पायलटों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट गाइडलाइन और सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए.
4. इस मामले की उच्च स्तरीय जाँच कर कांट्रेक्टर को ब्लैकलिस्ट किया जाए.
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