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रांची रेल मंडल के हटिया में 15 करोड़ से बनेगा पहला ‘इंटीग्रेटेड कमांड सेंटर’, 55 स्टेशनाें का रहेगा लाइव कंट्रोल

RANCHI. झारखंड में रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, आधुनिक और व्यवस्थित बनाने के लिए रांची रेल मंडल ने एक बड़ा कदम उठाया है. रेलवे की कार्यप्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और त्वरित बनाने के उद्देश्य से हटिया स्थित मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय परिसर में करीब 15 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक ‘एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र’ (UCCC) स्थापित किया जा रहा है. मानसून के तुरंत बाद इस प्रोजेक्ट का निर्माण कार्य शुरू होगा, जिसे अगले 18 महीनों में पूरा कर क्रियान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है.

एक ही छत के नीचे होगा 55 स्टेशनों का कंट्रोल

यह नया कमांड सेंटर रांची रेल मंडल का मुख्य ‘नर्व सेंटर’ होगा. इसके शुरू होने के बाद मंडल के सभी 55 रेलवे स्टेशनों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का फीड सीधे इस केंद्र में लाइव दिखाई देगा. इसके लिए सेंटर में विशाल डिजिटल स्क्रीन और वीडियो वॉल लगाई जाएगी, जहां से 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था और प्लेटफॉर्मों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी. किसी भी संदिग्ध घटना या आपात स्थिति में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और संबंधित अधिकारियों को तुरंत सूचित कर मिनटों में कार्रवाई संभव हो सकेगी.

तकनीकी खराबी और लेट-लतीफी पर तुरंत एक्शन

अक्सर देखा जाता है कि सिग्नल फेल होने, ट्रैक की खराबी या तकनीकी कारणों से ट्रेनें अचानक रुक जाती हैं, जिससे रेल यातायात बाधित होता है. नए कंट्रोल सेंटर के माध्यम से अधिकारी रियल-टाइम में ट्रेनों की गति, लोकेशन, समय-पालन और बिजली आपूर्ति पर नजर रखेंगे. यदि किसी रूट पर कोई ट्रेन रुकती है, तो कमांड सेंटर से तुरंत यह निर्णय लिया जा सकेगा कि पीछे आ रही अन्य ट्रेनों को रोकना है या किसी वैकल्पिक मार्ग (डाइवर्ट) से आगे बढ़ाना है. इससे समस्याओं की पहचान से लेकर उनके समाधान का समय काफी घट जाएगा.

यात्रियों को सीधा फायदा: सटीक जानकारी और सुगम सफर

कमांड सेंटर के अस्तित्व में आने से यात्रियों की सबसे बड़ी समस्या ‘सटीक जानकारी का न मिलना’ काफी हद तक दूर हो जाएगी.

  • समय की बचत: ट्रेनों की सही लोकेशन और समय की लाइव अपडेट्स सीधे पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम और मोबाइल ऐप्स से लिंक होंगी, जिससे यात्रियों को स्टेशनों पर घंटों बेवजह इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
  • त्वरित शिकायत निवारण: रेलवे ऐप्स और सोशल मीडिया के जरिए यात्रियों से मिलने वाली शिकायतों की निगरानी भी इसी सेंटर से होगी, जिससे मौके पर ही समाधान सुनिश्चित किया जाएगा.
  • आपात स्थिति में बेहतर समन्वय: दुर्घटना, भारी बारिश या अन्य आपदाओं के दौरान यह केंद्र राहत एवं बचाव कार्यों का मुख्य समन्वय केंद्र बनेगा, जिससे कम से कम समय में जरूरी टीमें घटनास्थल पर भेजी जा सकेंगी.

रांची के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) करुणा निधि सिंह ने बताया कि इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच आपसी तालमेल को मजबूत करना और आपातकालीन स्थिति में रेलवे का ‘रिस्पॉन्स टाइम’ कम करना है, जिससे यात्रियों को एक सुरक्षित और बाधा-रहित यात्रा अनुभव मिल सके.

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