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    Home » TATANAGAR : 26 साल का एकाधिकार जारी, विजिलेंस और रोटेशन पॉलिसी ढेर, Sr DCM की मेहरबानी से अमित चौधरी बने गुड्स के ‘नये प्रभारी’!
    रेलहंट स्पेशल

    TATANAGAR : 26 साल का एकाधिकार जारी, विजिलेंस और रोटेशन पॉलिसी ढेर, Sr DCM की मेहरबानी से अमित चौधरी बने गुड्स के ‘नये प्रभारी’!

    Railhunt News DeskBy Railhunt News DeskJuly 24, 2026
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    SER/GM AK JAIN AND SR DCM/CKP A CHOUDHARY (PHOTO FILE)
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    TATANAGAR/CKP. दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर (CKP) रेल मंडल के वाणिज्य (Commercial) विभाग में रोटेशन पॉलिसी और पारदर्शी प्रशासन के दावों की धज्जियां उड़ती नजर आ रही हैं. रेलवे बोर्ड की स्पष्ट हिदायतों और विजिलेंस के सख्त दिशा-निर्देशों के बावजूद संवेदनशील पदों पर पसंदीदा रेलकर्मियों को बार-बार ‘प्राइम पोस्टिंग’ देने का सिलसिला बदस्तूर जारी है.
    हालिया आदेश के तहत टाटानगर के मुख्य पार्सल पर्यवेक्षक (CPS) अमित कुमार चौधरी (एके चौधरी) को हटाकर टाटानगर गुड्स शेड (CS/PSTA) का नया सर्वोपरि प्रभारी बना दिया गया है. उन्होंने नया प्रभार ले लिया है. वहीं विश्वजीत मुखर्जी ने मुख्य पार्सल पर्यवेक्षक (CPS) का प्रभार संभाल लिया है. विजिलेंस और जीएम (GM) स्तर से जारी स्पष्ट आदेशों के बावजूद धरातल पर रोटेशन पॉलिसी का अनुपालन न होना चक्रधरपुर रेलवे प्रशासन की मंशा पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.    

    28 में से 26 साल टाटानगर में ही बीता कार्यकाल

    उपलब्ध रेल रिकॉर्ड्स और सूत्रों के दावों के अनुसार, अमित चौधरी अपने लगभग 28 वर्षों के लंबे सेवाकाल में से करीब 26 वर्ष टाटानगर में ही पदस्थापित रहे हैं. इससे पूर्व गुड्स शेड में अपनी लंबी तैनाती के दौरान गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं के कथित आरोपों के बाद उन्हें वहां से स्थानांतरित किया गया था. लेकिन, नियमों के तहत किसी गैर-संवेदनशील पद या मंडल के अन्य दूरस्थ स्टेशन पर भेजने के बजाय, उन्हें पहले टाटानगर पार्सल और अब पुनः गुड्स शेड जैसी कमाऊ सीट की कमान सौंप दी गई है. (खबर देखें)

    DRM के हस्ताक्षेप और विशेषाधिकार से बेपटरी हुआ सिस्टम

    वाणिज्य विभाग की इस बदहाली का सबसे चिंताजनक पहलू शीर्ष प्रबंधन का हस्ताक्षेप माना जा रहा है. विभागीय जानकारों का आरोप है कि मंडल रेल प्रबंधक (DRM) द्वारा अपने विशेष प्रशासनिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए संवेदनशील पदों पर किए गए तबादलों में महज तीन माह बाद ही कर्मचारियों की पूर्व पदों पर वापसी करा दी गई. (खबर देखें)

    शीर्ष स्तर के इस सीधे हस्तक्षेप के बाद चक्रधरपुर मंडल में कमर्शियल विभाग का पूरा प्रशासनिक संतुलन और रोटेशन सिस्टम पूरी तरह बेपटरी हो चुका है. नियम-कायदों की इस ‘क्रैश लैंडिंग’ का टाटानगर गुड्स शेड में हुआ यह हालिया फेरबदल सबसे नायाब उदाहरण बनकर सामने आया है.

    Sr. DCM की भूमिका और पिक-एंड-चूज की नीति पर सवाल

    वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्य प्रबंधक (Sr. DCM) आदित्य चौधरी के इस फैसले से रेलकर्मियों और कर्मचारी यूनियनों में भारी आक्रोश है. गंभीर शिकायतों और विवादों के बावजूद एक ही कर्मचारी को बार-बार राजस्व वाले प्रमुख पदों पर घुमाना ‘पिक एंड चूज’ (Pick and Choose) की कार्यशैली पर मुहर लगाता है. (खबर देखें)

    विधि विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के विशेषाधिकार (Discretionary Powers) असीमित नहीं होते, उन्हें जनहित, पारदर्शिता और रोटेशन गाइडलाइंस के दायरे में ही इस्तेमाल किया जा सकता है. विजिलेंस नियमों की अनदेखी कर किए गए ये तबादले न्यायिक समीक्षा और उच्चस्तरीय जांच के दायरे में आते हैं.

    रेलकर्मियों का कहना है कि डिवीजन कमर्शियल विभाग में 100 से अधिक सीनियर रैंक के सुपरवाइजर लिपिकीय स्तर की जिम्मेदारी निभा रहे है लेकिन उन्हें कभी प्रमोट नहीं किया. सभी (CPS, CGS, CBS, CRS) के पदों पर कुछ लोगों को ही घुमा-फिराकर बैठाया जाता रहा है.

    निष्पक्ष उच्चस्तरीय जांच की मांग तेज, HRCPC 

    विजिलेंस और जीएम (GM) स्तर से जारी स्पष्ट आदेशों के बावजूद धरातल पर रोटेशन पॉलिसी का अनुपालन न होना रेलवे प्रशासन की मंशा पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. इस पूरे घटनाक्रम पर फिलहाल रेलवे के आधिकारिक पक्ष का इंतजार है, परंतु जिस तरह से नियमों को ताक पर रखकर यह फेरबदल हुआ है, उससे पूरे मामले की निष्पक्ष विजिलेंस जांच की मांग तूल पकड़ने लगी है.

    उधर, चक्रधरपुर वाणिज्य विभाग में नियमों को ताक पर रखकर किए गए तबादलों के खिलाफ मोर्चा खुल गया है. HRCPC के सचिव सुनील कुमार मिश्रा ने कहा कि   जल्द ही रेलवे बोर्ड चेयरमैन, डायरेक्टर विजिलेंस, सीबीआई, सीवीसी को शिकायत भेजकर पिछले दो वर्षों में हुए सभी कमर्शियल तबादलों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराने की आधिकारिक मांग की जायेगी. क्रमश : 

    रेलहंट का प्रयास है कि सच रेल प्रशासन के सामने आये. ऐसे में अगर किसी को यह लगता है उसकी बात नहीं सुनी जा रही है तो वह अपना पक्ष whatsapp 9905460502 पर भेज सकते है, उसे पूरा स्थान दिया जायेगा.

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