- रात के अंधेरे में पत्थरबाजी एवं फायरिंग की आवाज से 25 मिनट तक दहशत में रहे यात्री
- शराब तस्करी रोकने पर पहले भी माफियाओं ने आरपीएफ जवानों की कर दी थी हत्या
- घटनास्थल से तीन खोखा बरामद, RPF जवान ने 10-10 अज्ञात पर दर्ज करायी प्राथमिकी
PATNA. बिहार में शराब पर घोषित रूप से रोक है लेकिन इसके अवैध कारोबार में संलिप्तों लोगों का मनोबन लगातार मिल रहे संरक्षण से काफी ऊंचा हैं. इस संरक्षण में रेलवे से जुड़े लोग और आरपीएफ के मौन संरक्षण ने स्थिति को बद से बदतर बना दिया है. इसका आलम है कि बेखौफ अपराधी शराब तस्कारी के लिए ट्रेनों का उपयोग तो करते ही है रोक-टोक होने पर सुरक्षा बलों पर हमला करने से भी गुरेज नहीं करते. अवैध तस्करी में बाधक बनने वाले आरपीएफ जवानों की हत्या पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर मंडल के दानापुर दीनदयाल उपाध्याय खंड में 20 अगस्त 2024 को कर दी गयी थी.
अभी ताजा मामला 21.12.2025 की रात 01.25 बजे रेलवे सुरक्षा बल दानापुर के क्षेत्राधिकार अन्तर्गत आरा – कुल्हड़िया स्टेशन के बीच किमी. संख्या 586/19 पर गाड़ी संख्या 12488 डाउन (आनंद बिहार – जोगबनी Seemanchal Express) में घटी जब शराब तस्कर चेन पुलिंग कर शराब उतार रहे थे. ट्रेन में आरपीएफ एस्कार्ट पार्टी थी जो डीडीयू से दानापुर तक 01+04 की संख्या में चल रही थी.
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सीमांचल एक्सप्रेस की जमीरा हाल्ट एवं चालिसवा पुल के बीच चेन पुलिंग हुई तब एस्कॉर्ट के आरपीएफ जवान संजीव कुमार ने ट्रेन से उतर कर टॉर्च जला देखा. वहां दस-बारह से अधिक लोग मौजूद थे. जवान को देखते ही बदमाशों ने पहले पत्थरबाजी की फिर उनके द्वारा तबातोड़ फायरिंग की गयी. हालांकि फायरिंग एवं पत्थरबाजी के दौरान कोई हताहत नहीं हुआ. बताया जाता है कि इस दौरान शराब तस्करों ने कुछ बैग उतारा.
घटना के कारण उक्त गाड़ी संख्या 12488 समय 01.15 बजे से 01.40 बजे तक घटना स्थल पर विलंबित रहीं. मामले की जांच रेलवे सुरक्षा बल दानापुर द्वारा की जा रही है. सवाल यह उठता है कि शराब तस्करों का हौसला इस सेक्शन में इतना बुलंद है कि 25 मिनट तक रात के अंधेरे में पत्थरबाजी एवं गोलीबारी से यात्रियों को दहशत में रखा. उधर, सूचना मिलते ही आरा सदर एसडीपीओ-वन राजकुमार साह, मुफस्सिल थानाध्यक्ष दीपक कुमार, रेल डीएसपी कंचन राज एवं रेल थाना की प्रभारी थानाध्यक्ष जगरानी कुमारी ने सुबह घटनास्थल की जांच की. वहां पुलिस को तीन खोखा मिले.
इधर, मुफस्सिल थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि शनिवार की मध्य रात्रि करीब दो जब सीमांचल एक्सप्रेस ट्रेन पर पत्थरबाजी व फायरिंग की गई है. इसकी सूचना पुलिस को सुबह में मिली. पुलिस मामले की छानबीन शुरू कर दी है. घटनास्थल से तीन खोखा भी बरामद हुआ है. वहीं दूसरी ओर सीमांचल एक्सप्रेस ट्रेन पर एस्कॉर्ट में रहे आरपीएफ जवान संजीव कुमार के लिखित आवेदन के आधार पर दस-बारह अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है.
क्या है आरपीएफ की प्राथमिकी
दर्ज प्राथमिकी में आरपीएफ जवान संजीव कुमार द्वारा बताया गया है कि जैसे ही सीमांचल एक्सप्रेस ट्रेन शनिवार की नवरात्रि करीब दो बजे जमीरा हाल्ट के समीप पहुंची, तभी ट्रेन का ब्रेक डाउन कर दिया गया. जब वह एवं उनके साथ रहे अन्य जवान ट्रेन से उतरकर देखा तो वहां दस-बारह की संख्या में अज्ञात लोग खड़े थे. तभी पुलिस को देख उन्होंने सीमांचल एक्सप्रेस ट्रेन पर पत्थरबाजी और फायरिंग कर दी. प्राथमिक दर्ज उपरांत पुलिस अपराधियों की पहचान करने एवं मामले की छानबीन में जुट गई है.
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