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आरपीएफ-जीआरपी

Buxar-Tata Super Express में अपराधियों का तांडव, अटेंडर को धमकाकर लूट ले गये दर्जनों कंबल

  • बक्सर से चढ़े एक दर्जन से अधिक अपराधियों ने दिया घटना को अंजाम, नहीं दिखी आरपीएफ की टीम 

PATNA. दानापुर डिवीजन में आरपीएफ की सुरक्षा व्यवस्था इन दिनों सवालों के घेरे में है. बीते माह आरपीएफ की स्कॉट पार्टी के जवानों पर ही छिनतई के आरोप लगे, जिसकी प्राथमिकी बक्सर रेल थाना में दर्ज करायी गयी. इस मामले की जांच अभी चल ही रही थी कि मंगलवार 30 सितंबर को अपराधियों ने बढ़े हुए मनोबल के साथ 18184 डाउन Buxar-Tata Super Express में लूटपाट का अंजाम दिया.

हालांकि इस बार अपराधियों के निशाने पर यात्री नहीं बल्कि रेलवे के एसी कोच में रखे कंबल के बंडल थे. अपराधी ने 25 से अधिक कंबल लूटकर आसानी से ट्रेन की चेन पुलिंग कर फरार हो गये. पूरे मामले में दिलचस्प बात यह रही कि ट्रेन में आरपीएफ की स्कॉट पार्टी कहीं नजर नहीं आयी. ऐसे में इस घटना के बाद सवाल यह उठ रहा है कि अपराधियों के निशाने पर अगर यात्री होते तो उन्हें आरपीएफ किस तरह सुरक्षा दे पाती?

उधर रेलवे ने माना कि ट्रेन में घटना तो हुई लेकिन यह सामान्य चोरी हैऔर बक्सर रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी फुटेज से युवकों की पहचान करने का पुलिस प्रयास कर रही है. हालांकि रात अंधेरे में रवाना होने वाली बक्सर-टाटा एक्सप्रेस में आरपीएफ टीम नहीं होने और यात्रियों की सुरक्षा के सवाल पर रेलवे के आला अधिकारी अब भी मौन है.

12 से अधिक की संख्या में थे अपराधी 

जानकारी के अनुसार 18184 बक्सर-टाटा एक्सप्रेस सुबह 3.30 बजे बक्सर से रवाना हुई तभी उसमें एक दर्जन से अधिक युवक सवार हो गये थे. ये युवक M1 कोच में आ गये. ट्रेन सुबह 3.50 बजे के डुमरांव से रवाना हुई तब युवकों ने M1 कोच अटेंडेंट सुधीर कुमार को अपने कब्जे में ले लिया और कम्बल निकालने लगे. तब तक ट्रेन रघुनाथपुर स्टेशन से आगे बढ़ गयी और बिहिया के बीच थी. इस दौरान 25 से अधिक कंबल कोच से बाहर फेंककर सभी युवक चेन पुलिंग कर नीचे उतर गये. 

ट्रेन में नहीं थी आरपीएफ की टीम 

यात्रियों ने रेलहंट को बताया कि जिस समय युवक कोच अटेंडर से उलझ रहे थे वहां आरपीएफ की टीम नहीं थी. स्वयं टीटीई भी यह कहकर कोच से निकल गये कि उनकी ड्यूटी चेयरकार में है. इस बीच युवकों ने हाथापाई कर आसानी से कंबल नीचे फेंक दिया. हालांकि उनका विरोध ड्यूटी से लौट रहे एक आरपीएफ के ऑफ डयूटी जवान ने करने का प्रयास किया लेकिन संख्या बल के आगे उसकी नहीं चली और आसानी से अपराधी कंबल लूटकर नीचे उतर गये. हालांकि अब आरपीएफ इस मामले को सामान्य चोरी बताकर सुरक्षा उपायों से पल्ला झाड़ने की कोशिश कर रहा है.

बड़ा सवाल अगर यात्रियों से लूटपाट होती तो ….

इस घटना ने दानापुर डिवीजन में यात्री ट्रेनों की सुरक्षा को सवालों के घेरे में लाकर खड़कर कर दिया है. बीते 17.08.2025 को आरपीएफ की एस्कार्ट पार्टी पर यात्री के बैग से ₹1.50 लाख रुपए छीनने का आरोप लगा था. यह घटना विभुति एक्सप्रेस में बक्सर-दानापुर के बीच ही घटी थी. अब बक्सर और बिहिया के बीच रेलवे कंबल की लूट सामने आयी है. अब सवाल यह उठ रहा है कि अपराधियों की मंशा यात्रियों को लूटने की होती तो उनका बचाव कौन करता? इसके लिए कौन जिम्मेवार है? तड़के 3.30 बजे रवाना होने वाली ट्रेन में आपीएफ की स्कॉट पार्टी की ड्यूटी क्यों नहीं दी गयी थी ?

रेलवे ठेकेदार ने कहा – कंबल रखने की जगह भी नहीं 

कंबल लूट की घटना पर एसी कोच में लिलेन आपूर्ति करने वाले एजेंसी संचालक ने चिंता जतायी है. दिवाकर शर्मा ने रेलहंट से बातचीत में सुरक्षा पर सवाल उठाये और कहा कि एकमात्र अटेंडेंट के भरोसे पूरा कोच होता है. नये इकोनोमी वाले कोच में कंबल और चादर रखने के लिए मुक्कमल व्यवस्था तक नहीं है. ऐसे में अगर यह घटनाएं होती है तो उनका कर्मचारी बेबश होने की अलावा कुछ नहीं कर सकता है. यह यात्री सुरक्षा के लिए भी गंभीर बात है.

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