- IG संजय कुमार मिश्रा नया मानक तय करते हैं या ECR की तर्ज पर SER में भी होंगे तबादले, इस पर टिकी नजरें
- छह माह में टाटा पोस्ट से ASI आनंता डिला की टाटा सीआईबी में पोस्टिंग, राकेश मोहन के खास माने जाते हैं डिला
KOLKATA. दक्षिण पूर्व रेलवे (south eastern railway) जोन में आरपीएफ इंस्पेक्टरों (RPF/IPF) के तबादले की जारी होने वाली सूची पर महकमे की नजरें टिकी हुई है. इस बार इंस्पेक्टरों का ट्रांसफर आईजी कार्यालय के लिए ”लिटमस टेस्ट” साबित होने वाला है. कारण यह कि हाल में ही ECR जोन में इंस्पेक्टरों के तबादले RPF महकमे में चर्चा का केंद्र बिंदु में रहे हैं. यहां तबादलों में पैसा और पैरवी का बोलबाला रहने की बात सामने आयी. यही वजह है कि SER जोन में आईजी संजय कुमार मिश्रा के लिए आरपीएफ इंस्पेक्टरों (RPF/IPF) का तबादला लिटमस टेस्ट साबित होने वाला है. यहां भी हवा में पैरवी तैर रही है तो पैसा की भी गूंज सुनाई पड़ रही है.
दरअसल, दक्षिण पूर्व रेलवे जोन में कुल 32 इंस्पेक्टरों का ट्रांसफर होना है. इसमें सीआईबी के चार पोस्ट भी शामिल हैं. इसमें दो हेडक्वार्टर के अलावा टाटा और चक्रधरपुर शामिल हैं. इसके अलावा सब इंस्पेक्टर से इंस्पेक्टर में प्रमोट होने वाले पांच इंस्पेक्टर भी इस बार की तबादला लिस्ट में होंगे. कुल मिलाकर लगभग 37 इंस्पेक्टरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग की सूची (DO) जारी होने वाली है जिस पर पूरे महकमे की नजरें टिकी हुई है. हालांकि तबादले की इस सूची में आधा दर्जन पोस्ट ही अहम माने जा रहे हैं जहां पोस्टिंग के लिए चुनिंदा इंस्पेक्टरों ने जोर लगाया है. अब सूची जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आईजी कार्यालय तक मजबूत पकड़ बनाने वाले इंस्पेक्टर कौन रहे ?
हालांकि इस बीच सीआईबी के लिए सब इंस्पेक्टर, एएसआई और कांस्टेबल में कुल 17 लोगों की पोस्टिंग की गयी है. इस पोस्टिंग में भी इंस्पेक्टरों की रुचि का पूरा ख्याल रखने की बात सामने आयी है. इसमें छह माह पूर्व ही झारसुगुड़ा से टाटा पोस्ट आये ASI आनंता डिला की पोस्टिंग भी शामिल है. डिला को CIB/TATA में भेजा गया है. इन्हें टाटा पोस्ट कमांडर इंस्पेक्टर राकेश मोहन का करीबी माना जाता है.
संवेदनशील पदों पर रोटेशन के नियम का होगा पालन !
ECR में इंस्पेक्टरों के तबादलों में पैसा और पैरवी के बोलबाला की चर्चाओं के बीच SER में IG संजय कुमार मिश्रा के सामने भी तबादलों की निष्पक्षता साबित करने की बड़ी चुनौती होगी. इसके अलावा रेलवे बोर्ड और सीवीसी के नियमों के अनुसार संवेदनशील पदों पर रोटेशनल नियमों के पालन भी इन तबादलों में अहम होगा. आम तौर पर यह माना जाता रहा है कि एक अहम पोस्टिंग के बाद ”बीच ऑफ रेस्ट” दिया जाना चाहिए. हालांकि यह नियम अब पैसे और पहुंच की दौड़ में गौण हो चुका है. अब देखना है कि आईजी संजय कुमार मिश्रा द्वारा की जाने वाली पोस्टिंग ”मांग और आपूर्ति” के सिद्धांत पर आधारित होती है अथवा RPF के स्वीकृत नियमों के तहत.
मलय कुमार सन्यासी की पोस्टिंग पर टिकी नजरें
दक्षिण पूर्व रेलवे जोन में इस बार इंस्पेक्टरों की पोस्टिंग में कुछ खास इंस्पेक्टर और पोस्टों पर सबकी नजरें टिकी हुई है. इसमें सबसे अहम है मेचदा के इंस्पेक्टर मलय कुमार सन्यासी. बताया जाता है कि अगर इस बार मलय की पोस्टिंग की अहम पोस्ट पर होती है ताे यह उनकी लगातार की जाने वाली चौथी पोस्टिंग होगी. मलय कुमार की उपलब्धियों में मेचदा में TRD की नौ लाख से 18 लाख की अनुमानित 2800 किलो कॉपर क्वायल के चोरी की घटना जुड़ी हुई है. जिसकी रिपोर्ट तक दर्ज नहीं की गयी और पूरे मामले को ही फाइलों में दफन कर दिया गया. ऐसे में इनकी पोस्टिंग पर महकमे की नजरें टिकी हैं. इसके अलावा चक्रधरपुर पोस्ट के विक्रम सिंह की पोस्टिंग भी अगर किसी पोस्ट पर होती है तो वह लगातार तीसरी पोस्टिंग होगी. इसके अलावा मनपसंद पोस्टिंग की दौड़ में सीनी के लिए शैलेश चंद्रा, भोला सिंह, विक्रम सिंह तो पश्चिम बंगाल में सुधीर कुमार, डीके यादव भी अहम दावेदार हैं.
ये अहम पोस्टों, जिनपर सबसे अधिक दावेदारी
- संतरागाछी जनरल पोस्ट
- आर यार्ड, खड़गपुर
- मेचदा, पश्चिम बंगाल
- खड़गपुर स्टेशन
- सीआईबी में टाटा – चक्रधरपुर
- सीनी
- झाड़ग्राम
- चक्रधरपुर
ये हैं लाइन में
- मलय कुमार सन्यासी
- सुधीर कुमार
- शैलेश चंद्रा
- भोला सिंह
- विक्रम सिंह
- कन्हैया प्रसाद
- डीके यादव
सीआईबी भी अहम, 17 स्क्रीनिंग
- दो हेडक्वार्टर
- टाटा
- चक्रधरपुर


















































































