- NFIR के तीन दिवसीय बिलासपुर महाधिवेशन में गूंजा रेलवे में निजीकरण का मुद्दा
- विभिन्न जोन से आये पदाधिकारी-कार्यकर्ताओं ने नेतृत्व के सामने रखी प्रमुख समस्याएं
- महंगाई व विकास को ध्यान रखकर सरकार खुले मन से वेतन आयोग लागू करें : NFIR
BILASPUR. भारतीय रेलवे में उन्होंने भारतीय रेल में बहुत जल्द कैडर रिस्ट्रक्चरिंग की उम्मीद जताई है. उन्होंने कहा कि बहुत जल्द कैडर का रिस्ट्रक्चरिंग कर एक रेलवे को एक नया रूप दिया जाएगा. यह उम्मीद NFIR के जेनरल सेक्रेटरी डॉ राघवैया ने बिलासपुर आयोजित एनएफआईआर के 243वें वर्किंग कमेटी मीटिंग में कहीं. इस मौके पर महामंत्री राघवैया ने सरकार से 3.6 फिटमेंट फार्मूला के तहत आठवां वेतन आयोग को खुले मन से लागू करने का अनुरोध किया. कहा कि महंगाई को देखते हुए कम से कम एक रेलकर्मी को 70 हजार रुपए वेतन का भुगतान होना चाहि.
रेलवे जोन मुख्यालय स्थित रेल क्लब ऑडिटोरियम में 9 से 11 अप्रैल तक चले इस तीन दिवसीय महाधिवेशन में एनएफआईआर के महामंत्री के अलावा अध्यक्ष गुमान सिंह, केंद्रीय पदाधिकारी एसआर मिश्रा के अलावा विभिन्न जोन से पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में माैजूद रहे. महाधिवेशन में न्यू पेंशन स्कीम की जगह ओल्ड पेंशन स्कीम की मांग प्रमुखता से उठायी गयी. विभिन्न रेलवे जोन के पदाधिकारिओं ने रेलकर्मियों की समस्याओं और मुद्दों को केंद्रीय नेताओं के सामने रखा.
इसमें निजीकरण रोकना, रनिंग कर्मचारियों के माइलेज में बढ़ोतरी, महिलाओं को ड्यूटी के दौरान सुरक्षा और सुविधा, सहायक ट्रेन चालकों को रिस्क अलाउंस, रनिंग कर्मचारियों को तय ड्यूटी सीमा से बाहर काम नहीं लेना, नयी नियुक्तियों से रेलकर्मियों पर दबाव कम करना, ट्रेकमेंटेनर की सुरक्षा कड़ी करते हुए पेट्रोलिंग दूरी कम करने, बकाया डीए का भुगतान के अलावा लेबर कोड के खिलाफ भी आवाज बुलंद की गयी. महाधिवेशन में एनएफआईआर के जोनल महासचिव सह एसईआरमसी के चक्रधरपुर मंडल संयोजक शशि मिश्रा, एसईआरमसी नेता आरके मिश्रा के अलावा SER जोन की पूरी टीम मौजूद रही.
NFIR के अधिवेशन में इन मुद्दों पर हुई चर्चा
- 3.6 फिटमेंट फार्मूला के तहत लागू किया जाये 8वां वेतन आयोग
- ओल्ड पेंशन स्कीम के लिए फेडरेशन ने तैयार की आंदोलन की रूपरेखा
- बढ़ता निजीकरण और नयी बहाली नहीं होना रेलवे परिचालन के लिए बड़ा खतरा
- रनिंग कर्मचारियों का माइलेज बढ़ें, महिलाओं को ड्यूटी में सुरक्षा और सुविधा मिले
- ALP रिस्क अलाउंस और रनिंग कर्मचारियों को तय ड्यूटी सीमा सख्ती से लागू हो
- ट्रेकमेंटेनर की सुरक्षा के उपाय हो, पेट्रोलिंग दूरी कम की जाये
- बकाया डीए का भुगतान जल्द से जल्द कराया जाये
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