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PRAYAGRAJ : लॉबी में चल रहा है कि अल्कोहल रिपोर्ट पॉजिटिव-निगेटिव बनाने का खेल, जिम्मेदार हैं मौन !

  • नेटवर्क में ट्रेंस क्लर्क (टीएनसी), ब्लड सैंपल कर्मचारी तथा जांच करने वाला लैब असिस्टेंट तक शामिल 
  • रेलकर्मियों का दावा : रेल प्रशासन निष्पक्ष जांच कराये तो लॉबी से संचालित नेटवर्क का होगा खुलासा   

PRAYAGRAJ. सुरक्षित परिचालन को लेकर रेलवे बोर्ड के नियमों को ही अब भ्रष्ट कर्मचारियों ने अवैध वसूली का जरिया बना लिया है. यहां जो नियम-कानून रेलवे की सुरक्षा-संरक्षा के लिए बनाये गये अब उनका उपयोग चालक-ट्रेन मैनेजरों को ब्लैकमेल करने के लिए किया जा रहा है. खबर है कि प्रयागराज जंक्शन के गार्ड एवं ड्राइवर लॉबी में धन उगाही का बड़ा खेल चल रहा है. यह खेल है अल्कोहल की जांच रिपोर्ट को पॉजिटिव-निगेटिव बनाने का.

इसके लिए यहां एक संगठित नेटवर्क काम रहा. रेलकर्मियों ने रेलहंट को ऑफ द रिकार्ड बताया कि किसी रेलकर्मी ने अल्कोहल लिया हो या ना लिया हो उसे पॉजिटिव बना दिया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रारंभिक जांच में अल्कोहल की पुष्टि होने के बावजूद रिपोर्ट को निगेटिव बनाने वाला संगठित दलाल नेटवर्क यहां काम कर रहा है. गिरोह की पहुंच लॉबी तक होने के बावजूद रेलवे अधिकारी इससे अनजान हैं.

रेलवे यूनियन नेताओं ने भी इस बात को स्वीकार किया कि प्रयागराज लॉबी में पिछले कुछ दिनों में ऐसी घटनाएं सामने आयी है जहां ब्रीथ एनालाइजर मशीन‌ में अल्कोहल पॉजिटिव आने पर चालक और ट्रेन मैनेजरों को बड़ी राशि देकर रिपोर्ट बदलवाने का झांसा दिया गया. रेलकर्मियों का कहना है कि तकनीकी कारणों से कई बार ब्रीथ एनालाइजर मशीन‌ में अल्कोहल पॉजिटिव आ जाता है जबकि रेलकर्मी ने अल्कोहन नहीं लिया है.

ऐसे में चालक अथवा ट्रेन मैनेजर को ब्लड टेस्ट कराकर सत्यता की पुष्टि करानी होती है. इसी खेल के बीच दलाल नौकरी जाने का डर पैदा कर रेलकर्मी को अपने झांसे में ले लेते हैं. उन्हें बड़ी डिमांड की जाती है. यह भी गारंटी दी जाती है कि अगर मांग पूरी कर दी जाये तो ब्लड टेस्ट में अल्कोहल नहीं आएगा. इस झांसा में कई कई रेलकर्मी फंस चुके हैं.

रेलकर्मियों ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि कई ऐसे चालक और ट्रेन मैनेजर है जो सामान्य तौर पर नियमित अल्कोहल का सेवन करते हैं लेकिन उनकी  ब्लड रिपोर्ट में हमेशा अल्कोहल नेगेटिव आता है? ऐसा कहा जा रहा है कि क्रू में सेटिंग-गेटिंग कर यह धंधा बेखौफ चल रहा है. जो रेलवे सुरक्षा के लिए कभी भी गंभीर खतरा बन सकता है.

जानकारों का कहना है कि इस नेटवर्क में स्टेशन पर कार्य कर‌ रहे एक ट्रेंस क्लर्क (टीएनसी), ब्लड सैंपल लेने वाला कर्मचारी तथा जांच करने वाला लैब असिस्टेंट तक शामिल है. कहां जा रहा कि यहां एक गंभीर खतरा धीरे-धीरे सिस्टम को अपनी आगोश में ले रहा है जिससे ट्रेन परिचालन की सुरक्षा चिंता बढ़ा रही है. रेलकर्मियों का कहना है कि मामले में यथाशीघ्र कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि अवैध उगाही का खेल बंद हो और रेल परिचालन को सुरक्षित बनाया जा सके.

रेलहंट का प्रयास है कि सच रेल प्रशासन के सामने आये. ऐसे में किसी को अपना पक्ष रखना है तो whatsapp 9905460502 पर भेज सकते है, पूरे सम्मान के साथ उसका संज्ञान लिया जायेगा. 

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