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सैल्यूट : 55 साल से अधिक उम्र के कर्मचारियों के लिए नया वीआरएस पैकेज लाने की तैयारी

प्रतीकात्मक तस्वीर

रेलंट ब्यूरो, नई दिल्ली

30 साल की सेवा अथवा 55 साल से अधिक की उम्र सीमा वाले कर्मचारियों की सर्विस रिव्यू प्रक्रिया को लेकर उहापोह की स्थिति के बीच एक फिर से रेलवे में वीआरएस पर चर्चा शुरू हो गयी है. इस बार रेलवे एक स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) का नया पैकेज लाने की तैयारी है जिसका नाम ‘सैल्यूट’ होगा. यह पैकेज उम्र दराज लोगों को ध्यान में रखकर लाने की बात कही जा रही जो 55 साल से अधिक उम्र वाले होंगे. इस श्रेणी में ट्रैकमैंटेनर और लोको पायलट को रखा गया है. इस योजना को लेकर रेलवे बोर्ड ने यूनियनों से भी राय मांगी है.

इससे पूर्व समान पदों पर कर्मचारियों के लिए एक वीआरएस पैकेज रेलवे ने लाया था. उसमें सेवानिवृत्त कर्मचारियों के बच्चों को उसी पद पर नियुक्ति देने की व्यवस्था थी. हालांकि रेलवे में रोजगार की आस लगाये युवकों ने अदालत का दरवाजा खटखटाया और रेलवे को इस योजना को रोकना पड़ा. नये (वीआरएस) स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना के पैकेज में आश्रितों के लिए नौकरी का प्रावधान नहीं होगा.

हां, सेवानिवृत्ति की आयु तक कर्मचारियों को मिलने वाले वेतन की आधी राशि , मुफ्त यात्रा पास आदि की सुविधा सेवानिवृत्ति के दिन तक उपलब्ध होगी. रेलवे बोर्ड के सूत्रों के अनुसार 55 वर्ष की आयु के बाद भी कर्मचारियों को भारी काम करने से बचने के लिए वीआरएस पैकेज पेश किया जाता है. मान्यता प्राप्त फेडरेशनों से ‘सेल्यूट’ योजना के बारे में भी राय मांगी गयी है. हालांकि रेलकमिर्यों का कहना है कि नई वीआरएस योजना उनके लिए सलामी नहीं है, बल्कि वर्षों से उनकी सेवा के बदले एक घृणित विदाई होगी. यह कर्मचारियों की संख्या कम करने की रणनीति है. हालांकि फेडरेशन पहले से यह मांग कर रहे है कि आश्रितों को नियुक्ति देने की पुरानी योजना को रेलवे बहाल करें.

मालूम हो कि रेलवे ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना (वीआरएस) के लिए पहले अप्रैल 2020 की तिथि निर्धारित कर सभी जोनों से वर्ष 2019-20 से 2029-30 तक सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की सूची मांगी थी. बीते वर्ष 24 अक्तूबर को जारी इस पत्र के बार सभी जोन और रेलमंडलों में ऐसे कर्मचारियों की सूची बनाई जा रही थी जिनकी उम्र 55 वर्ष है और 30 वर्ष नौकरी कर चुके हैं. तब इस बात की चर्चा थी कि रेलवे तीन लाख कर्मचारियों को कम करने की योजना बना रहा है. वीआरएस में रेलकर्मियों को कोई भत्ता, बोनस व अन्य सुविधाएं नहीं मिलेंगी. उन्हें हर माह एकमुश्त राशि दी जायेगी. हालांकि उक्त योजना कोरोना के हंगामे में दब गयी थी.

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Railhunt News Desk
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