NEW DELHI. भारतीय रेलवे ने सेवानिवृत्त रेलकर्मियों, पारिवारिक पेंशनरों और दिव्यांग कर्मचारियों के हित में एक बेहद महत्वपूर्ण फैसला लिया है. अब Post Retirement Complimentary Pass (PRCP) और PTO (Privilege Ticket Order) प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन HRMS (Human Resource Management System) पोर्टल के साथ-साथ पारंपरिक मैनुअल (ऑफलाइन) व्यवस्था भी चालू रहेगी.
यह नई व्यवस्था अगले 6 महीनों के लिए प्रभावी की गई है, जिसके बाद रेलवे बोर्ड स्थितियों का पुनर्मूल्यांकन करेगा. इस फैसले से लाखों पेंशनरों और कर्मचारियों को यात्रा पास की जटिल डिजिटल प्रक्रियाओं से तात्कालिक राहत मिली है.
क्यों लेना पड़ा यह फैसला?
रेलवे बोर्ड ने 29 मई 2026 को HRMS पोर्टल के जरिए डिजिटल पास जारी करने का अनिवार्य आदेश दिया था. हालांकि, प्रक्रिया को सुगम बनाने के उद्देश्य से लागू की गई इस व्यवस्था में कई व्यावहारिक और तकनीकी चुनौतियां सामने आईं:
- डिजिटल साक्षरता की कमी: बड़ी संख्या में बुजुर्ग पेंशनर और पारिवारिक पेंशनर ऑनलाइन पोर्टल व स्मार्टफोन ऐप का सहजता से उपयोग नहीं कर पा रहे हैं.
- नेटवर्क और कनेक्टिविटी: कई ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी के कारण ई-पास आवेदन में रुकावट आ रही थी.
- अधूरी तैयारियां: कई रेलवे इकाइयों में पूरी तरह से ई-पास प्रणाली लागू करने की तैयारियां अभी भी प्रक्रियाधीन थीं.
विभिन्न रेलवे यूनियनों और पेंशनर संघों द्वारा इन समस्याओं को रेलवे बोर्ड के समक्ष उठाए जाने के बाद, बोर्ड ने पुराने और नए दोनों तरीकों को साथ में जारी रखने की मंजूरी दी.
किसे मिलेगा इस छूट का लाभ?
रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह विकल्प विशेष रूप से उन पेंशनरों और कर्मचारियों के लिए है, जिन्हें डिजिटल पास प्राप्त करने में परेशानी हो रही है:
| श्रेणी | स्थिति / नियम |
| नए/असक्षम पेंशनर | अपनी सुविधानुसार HRMS या मैनुअल में से किसी भी माध्यम को चुन सकते हैं. |
| डिजिटल उपयोगकर्ता | जिन्होंने पहले ही HRMS से पास लेना शुरू कर दिया है, उन्हें अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम ही अपनाना होगा. |
| कार्यरत दिव्यांग कर्मचारी | इनके लिए भी दोनों माध्यमों (ऑनलाइन एवं ऑफलाइन) का विकल्प खुला रहेगा. |
रेलवे स्टेशनों और कार्यालयों में बनेंगे स्पेशल हेल्पडेस्क
सुविधा को और बेहतर बनाने के लिए रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे, उत्पादन इकाइयों, IRCTC और CRIS को विशेष निर्देश जारी किए हैं. जिन स्थानों पर मैनुअल पास जारी किए जाएंगे, वहां पात्र लाभार्थियों की सहायता के लिए समर्पित हेल्पडेस्क (Helpdesk) और सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे. इन केंद्रों पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे ताकि बुजुर्ग व दिव्यांग रेलकर्मियों को किसी भी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.
भविष्य की योजना
फिलहाल यह राहत 6 महीनों के अंतरिम समय के लिए दी गई है. छह महीने पूरे होने पर रेलवे बोर्ड व्यवस्था की समीक्षा करेगा और जमीनी स्तर पर HRMS की तैयारियों का जायजा लेने के बाद आगे की स्थायी नीति तय की जाएगी. तब तक पेंशनर अपनी सुविधा के अनुसार पास और PTO ले सकेंगे.
SE RAILWAY : सेवानिवृत्त और दिव्यांगों को भी HRMS से मिलेगा ऑनलाइन पास, मैन्युअल सिस्टम पूरी तरह बंद
- रेलवे बोर्ड का बड़ा फैसला : पेंशनरों और कर्मचारियों को बड़ी राहत, अब e-Pass के साथ मिलेगा मैनुअल पास का भी विकल्प! - August 1, 2026
- इंडियन रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन को मद्रास हाई कोर्ट से बड़ी राहत, ₹353 करोड़ का GST टैक्स डिमांड नोटिस रद्द, जानें क्या है पूरा मामला - July 31, 2026
- RAC में दो यात्रियों को मिला सिर्फ 1 बेडरोल! यात्री पहुंचा कोर्ट, रेलवे को देना होगा ₹25,000 का हर्जाना - July 31, 2026
















































































