आईआरसीटीसी के अधिकारी ने 21 अप्रैल को 1,98,500 रुपये और आठ जून को दो लाख रुपये अराहा हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के पेंडिंग बिल पास कराने में मदद करने के बदले पंजाब नेशनल बैंक अकाउंट में जमा करवाया था.
NEW DELHI. केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुंबई में भारतीय रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (IRCTC) के पश्चिम जोन कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी और कोलकाता की एक निजी कंपनी के निदेशक को लगभग चार लाख रुपये की रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया है. इस कार्रवाई से रेलवे और निजी कंपनियों के बीच सांठगांठ का एक बार फिर पर्दाफाश हुआ है. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान IRCTC का वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी त्रिदिब बनर्जी और कोलकाता स्थित अराहा हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमर ठक्कर के रूप में हुई है.
क्या है पूरा मामला?
अधिकारियों के मुताबिक, सीबीआई ने इस मामले में 22 जुलाई को दोनों आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी. आरोप है कि आईआरसीटीसी के वरिष्ठ अधिकारी ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए निजी कंपनी को अनुचित लाभ पहुंचाया.
जांच में सामने आया है कि अराहा हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड के पेंडिंग बिलों को पास कराने में मदद करने के बदले रिश्वत की रकम का लेनदेन किया गया था. आरोपी अधिकारी ने कथित तौर पर 21 अप्रैल को 1,98,500 रुपये और 8 जून को 2 लाख रुपये लिए थे. यह पूरी रकम पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के खाते में कैश के रूप में जमा कराई गई थी, जिसे कंपनी के निदेशक के एक सहयोगी ने जमा किया था.
तलाशी के दौरान आपत्तिजनक सबूत बरामद
गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने दोनों आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान अपराध से जुड़े कई अहम दस्तावेज, फाइलें और बिल जब्त किए गए हैं. इसके अलावा, आरोपी निजी कंपनी के निदेशक के पास से नकदी से भरा एक बैग भी बरामद हुआ है. साथ ही, दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन से आपत्तिजनक व्हाट्सएप चैट भी मिली हैं, जो इस भ्रष्टाचार की पुष्टि करती हैं.
अदालत ने भेजा सीबीआई हिरासत में
22 जुलाई को गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को विशेष अदालत के समक्ष पेश किया गया, जहां से अदालत ने उन्हें 27 जुलाई तक के लिए सीबीआई की हिरासत में भेज दिया है. जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इस तरह के अन्य कितने बिलों को अवैध रूप से पास कराया गया है.
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