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रेलवे के स्क्रैप का खेल… किसके आदेश पर RPF ASI करवा रहा था ऑक्सन ! … IVG से क्या हुई चूक… नजरें आईजी के एक्शन पर

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RAIPUR. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन के बिलासपुर रेल मंडल में रेलवे के एक स्क्रैप के खेल को आरपीएफ की आईवीजी टीम ने पकड़ा है. लेकिन उनकी एक छोटी सी चूक इस खेल के जिम्मेदारों को सजा पहुंचाने में संभवतः नाकाम साबित हो रही है.

हुआ कुछ यूं कि शहडोल में रेलवे का स्क्रैप ऑक्सन हो रहा था. ऑक्शन के बाद जब डिलीवरी शुरू हुई और गुरूवार (3 अप्रैल) को उसकी अंतिम तिथि थी तो लोडिंग के बाद कथित रूप से माल का वजन तय मानकों से कम आया.

इस बीच शहडोल में आईवीजी की एंट्री होती है. जैसी ही इसकी भनक शडोल आरपीएफ के स्टॉफ को लगती है आनन-फानन में दस्तावेजी कार्रवाई पूरी करने की तैयारी शुरू होती है. इसी बीच रेलवे की एक गाड़ी रेलवे डिपो से कुछ और स्कैप भरती पकड़ी जाती है.

जब आईवीजी उनसे पूछताछ करती है तो ये कहा जाता है कि रेलवे के अधिकारियों ने ऑक्सन में माल कम होने की बात कह रही है कि इसलिए वो माल लोड कर रहे है. आईवीजी पूरे मामले की सूचना उच्च अधिकारियों को देती है, उधर से निर्देश आते है कि आरपीयूपी (रेलवे के माल चोरी करने की धारा) लगाई जाए. लेकिन तकनीकी कारणों से धारा नहीं लग पाती.

क्योंकि जो लोग रेलवे का स्क्रैप भर रहे होते है वह सभी रेलवे से जुड़े होते है और उक्त ट्रक को आईवीजी ने रेलवे स्थल से निकले बिना ही पकड़ लिया होता है, इसलिए मामला दर्ज नहीं होता है.

आरपीएफ ये सूचना बिलासपुर डीआरएम को देती है और वहां से भी एक टीम शहडोल पहुंचती है. हालांकि अभी पूरे मामले की जांच जारी है और इस मामले में अधिकृत रूप से कोई भी जानकारी नहीं देने को तैयार नहीं है.

आईजी साहब, जांच इस एंगल से होगी तो होगा एक और खुलासा

lalluram.com की रिपोर्ट के अनुसार स्क्रैप जो खरीद रहा था वह अपने आप को आरपीएफ के उच्च अधिकारी का रिश्तेदार बताता है. आईजी आरपीएफ के लिए ये जांच का विषय है कि किसके निर्देश पर शहडोल में एएसआई ऑक्शन करा रहा था, जबकि नियमों के मुताबिक एसआई या उससे उच्च अधिकारी की मौजूदगी में ही ऑक्शन कराया जाता है. अब सवाल ये है कि क्या आईजी इस एंगल से भी जांच करवाएंगे ? या उच्च अधिकारी की पहुंच के आगे सारे नियम कायदे एक बार फिर कागजों में ही रह जाएंगे. हालांकि इसके लिए आईजी आरपीएफ को डीएससी रैंक से ऊपर के अधिकारी को नियुक्त करने की जरूरत पड़ सकती है.

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