- 2010 के पुराने नियमों की जगह लेंगे नए निर्देश. बच्चों की परवरिश और सुखी पारिवारिक जीवन के लिए रेल प्रशासन ने उठाया बड़ा कदम.
NEW DELHI. भारतीय रेलवे में कार्यरत लाखों अराजपत्रित (Non-Gazetted) कर्मचारियों के लिए एक सुखद खबर सामने आई है. रेलवे बोर्ड ने पति-पत्नी को एक ही स्टेशन या आसपास के स्थानों पर पोस्टिंग देने के संदर्भ में नए और व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए हैं. ये नए नियम 2 फरवरी 2010 को जारी किए गए पुराने निर्देशों का स्थान लेंगे. रेल प्रशासन के इस संवेदनशील फैसले का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को सामान्य पारिवारिक जीवन जीने का अवसर प्रदान करना और उनके बच्चों के 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक उनकी समुचित देखभाल सुनिश्चित करना है.
श्रेणीवार बनाए गए स्पष्ट प्रावधान
रेलवे बोर्ड द्वारा जारी नीति में जीवनसाथी के कार्यक्षेत्र के आधार पर अलग-अलग गाइडलाइंस तय की गई हैं.
जब दोनों जीवनसाथी रेलवे में हों: यदि पति और पत्नी दोनों रेल कर्मचारी हैं और एक ही सीनियरिटी यूनिट में कार्यरत हैं, तो प्रशासन उन्हें एक ही स्थान पर पदस्थ करने का प्रयास करेगा. हालांकि, यह शर्त लागू रहेगी कि कोई भी कर्मचारी अपने जीवनसाथी का प्रत्यक्ष अधीनस्थ (Subordinate) बनकर कार्य नहीं करेगा. यदि दोनों की सीनियरिटी यूनिट अलग-अलग है, तो उन्हें ऐसे स्टेशन पर तैनात किया जाएगा जहां दोनों के कैडर में उपयुक्त पद उपलब्ध हों. जरूरत पड़ने पर कर्मचारी के वर्ग परिवर्तन (Category Change) के आवेदन पर भी सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा.
सेंट्रल या ऑल इंडिया सर्विस में जीवनसाथी होने पर: यदि एक साथी रेलवे में है और दूसरा ऑल इंडिया या सेंट्रल सर्विस में कार्यरत है, तो रेल कर्मी की पोस्टिंग उस स्टेशन, मंडल या उत्पादन इकाई में की जाएगी जो जीवनसाथी के कार्यस्थल के अधिकार क्षेत्र में आता हो.
राज्य सरकार और पीएसयू कर्मचारी: राज्य सरकार या सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) में कार्यरत जीवनसाथी के मामलों में भी रेलवे प्रशासन कर्मचारियों के अनुरोध पर सकारात्मक रुख अपनाएगा. यदि संबंधित स्टेशन पर रेलवे का पद खाली नहीं है, तो कर्मचारी का आवेदन जीवनसाथी के विभाग को भेजा जाएगा ताकि वहां से स्थानांतरण की गुंजाइश बन सके.
महिलाओं को बराबरी का अधिकार और स्पष्ट कारण बताना अनिवार्य
इस नीति में महिला और पुरुष कर्मचारियों के अधिकारों में पूर्ण समानता रखी गई है. यदि पत्नी रेल कर्मचारी है और पति किसी अन्य सरकारी सेवा में, तो महिला कर्मचारी को भी वही प्राथमिकताएं मिलेंगी.
इसके अतिरिक्त, पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए रेलवे बोर्ड ने निर्देश दिया है कि यदि किसी स्टेशन पर पद उपलब्ध होने के बावजूद किसी कर्मचारी को प्रशासनिक कारणों से जीवनसाथी के स्टेशन पर पोस्टिंग नहीं दी जाती है, तो कैडर कंट्रोलिंग अथॉरिटी को इसके विशिष्ट और लिखित कारण स्पष्ट करने होंगे.
समयबद्ध शिकायत निवारण और मॉनिटरिंग
कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए शिकायत निवारण प्रणाली को सख्त बनाया गया है. यदि स्थानांतरण न होने पर कोई कर्मचारी आपत्ति जताता है, तो उसकी शिकायत का निपटारा मूल निर्णय लेने वाले अधिकारी से कम से कम एक स्तर वरिष्ठ अधिकारी द्वारा समयबद्ध सीमा में किया जाएगा.
साथ ही, सभी रेल मंडलों और जोनल मुख्यालयों में ऐसे आवेदनों की निगरानी के लिए एक विशेष रजिस्टर बनाया जाएगा, जिसकी समय-समय पर उच्च अधिकारियों द्वारा समीक्षा की जाएगी. रेलवे बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि राजपत्रित (Gazetted) अधिकारियों के नियम यथावत रहेंगे और 2010 के नियमों के तहत पहले से तय हो चुके मामलों को दोबारा नहीं खोला जाएगा.
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