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ECR : रेलवे चीफ इंजीनियर के लिए घूस लेकर आये एचजी इंफ्रा के जीएम समेत चार को सीबीआई ने दबोचा, 45 लाख जब्त

  • सीबीआइ की महिला अफसर पटना की डीएसपी रूबी चौधरी को दी गयी जांच की जिम्मेदारी  
  • एचजी इंफ्रा को गया से डेहरी आन सोन तक ट्रैक के नीचे गिट्टी बिछाने व निर्माण का चल रहा ठेका 
  • पूर्व मध्य रेलवे में लगातार सीबीआई की दबिश और भ्रष्टाचार से रेलवे विजिलेंस कटघरे में खड़ा  

PATNA. पूर्व मध्य रेलवे निर्माण के चीफ इंजीनियर अनिल कुमार को 7.79 लाख रुपए की घूस देने पहुंचे एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमि. के जीएम अनूप सिंह, सहायक महाप्रबंधक गौरव कुशवाहा, अकाउंटेंट आकाश पात्र और बिचौलिया धीरज विरमानी को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया. छापेमारी के दौरान 45 लाख नकद बरामद किया. पूर्व मध्य रेलवे में लगातार सीबीआई की छापेमारी और नये-नये भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा होने से रेलवे विजिलेंस की पूरी कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में आ गयी है.

बजाया जाता है कि वर्तमान SDGM के कार्यकाल में ECR में छठवीं और कंस्ट्रक्शन विभाग में तीसरी CBI की रेड हैं. इसमें भ्रष्टाचार का सीधे तौर पर खुलासा हुआ है.

सीबीआई ने चारों को महेंद्रू घाट रेल परिसर से उस वक्त दबोचा, जब वे बिल पास कराने के लिए अनिल कुमार को रिश्वत देने उनके महेंद्रू घाट स्थित कार्यालय जा रहे थे. सीबीआई ने अनिल कुमार से भी पूछताछ की. सीबीआई ने कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारियों, बिचौलिया धीरज विरमानी और अनिल कुमार के मोबाइल फोन सर्विलांस पर ले रखे थे. एजेंसी कई दिनों से सभी की गतिविधियों पर नजर रख रही थी. जैसे ही सीबीआई को सूचना मिली कि घूस की रकम लेकर आरोपी अनिल कुमार से मिलने जा रहे हैं, टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई.

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गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने अनूप सिंह, गौरव कुशवाहा, आकाश पात्र और धीरज विरमानी को पटना सिविल कोर्ट स्थित सीबीआई की विशेष अदालत में पेश किया. सीबीआई ने विशेष न्यायाधीश अविनाश कुमार की अदालत में सात दिन की रिमांड की मांग की. कोर्ट ने अर्जी स्वीकार करते हुए चारों को 7 दिनों के लिए रिमांड पर भेज दिया. मामले में अनिल कुमार समेत कुल 11 को नामजद अभियुक्त बनाया गया है.

सीबीआइ की टीम आरोपितों से रिमांड अवधि पूछताछ करेगी. सीबीआइ पटना की डीएसपी रूबी चौधरी को जांच की कमान सौंपी गयी है. सीबीआइ की कार्रवाई के तहत पटना के महेंन्द्र घाट स्थित पूर्व मध्य रेलवे के निर्माण कार्यालय और रोहतास जिले के डेहरी आन सोन समेत एक दर्जन से अधिक ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की गई. इस दौरान करीब 45 लाख रुपये नकद बरामद किए गए. जांच एजेंसी का आरोप है कि निर्माण परियोजना से जुड़े कार्यों के बिलों का भुगतान स्वीकृत करने के एवज में यह घूस दी जा रही थी.

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सीबीआइ की एक टीम बुधवार से ही महेन्द्र घाट स्थित कार्यालय में डटी थी. छापेमारी के दौरान मुख्य अभियंता समेत कई पदाधिकारी और कर्मचारियों से पूछताछ की गई. बताया जा रहा है कि निर्माण विभाग से जुड़े कई अन्य अधिकारी-कर्मी भी जांच के दायरे में हैं. सूत्रों ने बताया कि सीबीआइ लंबे समय से रेलवे परियोजनाओं में अनियमितता और घूसखोरी की शिकायतों की पड़ताल कर रही थी. सीबीआइ ने जाल बिछाकर एचजी इंफ्रा के एमडी अनूप सिंह को उनके सहयोगियों के साथ रिश्वत की राशि के साथ पकड़ा है.

गौरतलब है कि एचजी इंफ्रा को गया से डेहरी आन सोन तक रेलवे ट्रैक के नीचे गिट्टी बिछाने समेत अन्य निर्माण कार्यों का ठेका मिला हुआ था. छापेमारी के दौरान परियोजना से जुड़े पुराने बिल और दस्तावेजों की भी जांच की गई, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं. सीबीआइ अपने साथ कई दस्तावेज और पुराने बिल लेकर गई है.

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