हादसे के बाद सहरसा जंक्शन पर अफरा-तफरी मच गई. घायल कर्मचारियों को एम्बुलेंस से निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया. दोनों को पटना रेफर कर दिया गया है. रेलवे सूत्रों के अनुसार रविवार की सुबह शटिंग की ड्यूटी पर दोनों पॉइंट्समैन थे. उसी समय दो पटरी पर एक साथ दो इंजन आ पहुंचे. पंकज कुमार का पैर इंजन की चपेट में आ गया जबकि मनोज उसे बचाने की कोशिश में आगे बढ़ा तो उसका हाथ दूसरे इंजन की चपेट में आ गया. हादसा इतनी तेजी से हुआ कि किसी को कुछ समझने का मौका नहीं मिला.
यह लापरवाही का मामला, शंटिंग के नियमों का पालन नहीं
हादसे के बाद रेलवे कर्मियों में आक्रोश है. रेलकर्मियों का कहना है कि यह लापरवाही का नतीजा है. इसके लिए जिम्मेदारों लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए. रेलकर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी घटना पहले भी हो चुकी है और तब कई दिशा-निर्देश रेलवे बोर्ड की ओर से दिये गये थे लेकिन इसका पालन नहीं किया गया. इसका नतीजा है दो रेलकर्मियों को हादसे का शिकार बनना पड़ा. हालांकि समस्तीपुर डिवीजन के आला अधिकारी मौके पर पहुंच चुके हैं और घटना के कारणों को चिह्नित किया जा रहा है.
दोनों परिवारों में मातम
हादसे के बाद पंकज और मनोज के परिवारों में मातमी सन्नाटा है. परिजन का रो-रो कर बुरा हाल है. ये लोग रेलवे से न्याय की मांग कर रहे हैं. सहरसा जंक्शन पर कार्यरत अन्य रेलकर्मियों ने भी रेलवे प्रशासन से मांग की है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. अब देखना है इस मामले में रेल प्रशासन क्या कार्रवाई करता है?