BANDAMUNDA. बंडामुंडा रेल खंड के आर-केबिन और ए -केबिन के बीच रेलवे ठेकेदार द्वारा कुछ दिन पहले लगाए गए क्रशर को आखिर हटाना पड़ा है. कपाटमुंडा पंचायत क्षेत्र के आदिवासी ग्रामीणों ने तीन दिन पहले रेल ठेकेदार द्वारा लगाए गए क्रशर के पास जाकर कामकाज बंद करने की चेतावनी दी थी.
बड़ी संख्या में ग्रामीण क्रशर के पास धरना-प्रदर्शन कर रहे थे. ग्रामीणों की माने तो चार दिन पहले ही एनसीएसटी कोर्ट ने रेलवे विभाग समेत ओड़िशा प्रदेश सरकार को निर्देश जारी किए है कि कपाटमुंडा पंचायत क्षेत्र के डिस्प्लेस आदिवासी ग्रामीणों को उनका हक 45 दिनों के अंदर दी जानी चाहिए.
ऐसे में एनसीएसटी कोर्ट के निर्देश के बाद रेलवे विभाग ने आदिवासियों को उनके हक देने के बजाए उल्टा आदिवासियों के जमीन पर चल रहे निर्माण कार्य के गति को पहले से ज्यादा तेज कर दिया है. रेलवे प्रशासन की इस हरकत का आदिवासी ग्रामीणों ने विरोध जताते हुए निर्माण कार्यस्थल पर धरना पर बैठ गए थे. इसके बाद ठेकेदार द्वारा क्रशर को उक्त स्थल से हटा दिया गया है.
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