- यात्रियों को ऊंची कीमत पर परोसा जा रहा बासी खाना, निगरानी करने वाले कैटरिंग और काॅमर्शियल इंस्पेक्टर मौन
ROURKELA. चक्रधरपुर रेलमंडल में गर्मी के दस्तक के साथ ही अवैध वेंडरों की धमा-चौकड़ी ट्रेन से लेकर स्टेशनों पर शुरू हो चुकी है. यहां बड़ी मारमारी बिरयानी बेचने को लेकर हैं. यह वह बिरयानी है जिसकी गुणवत्ता की गारंटी देने वाला कोई अधिकारी नहीं ? सड़ा-गला-बासी खाना यात्रियों को ऊंची कीमत पर बेखौफ परोसने वाले अवैध वेंडरों को राउरकेला स्टेशन पर अचानक से इंट्री मिल गयी है. अवैध वेंडरों के मामले को लेकर आरपीएफ के अलावा कॉमर्शियल व कैटरिंग इंस्पेक्टरों का मौन भी संदिग्ध है.
यह भी पढ़ें : स्टील एक्सप्रेस में चला चेकिंग अभियान, 8 बेटिकट के साथ पकड़ाये अवैध वेंडर्स
हालांकि प्लेटफॉर्म से लेकर ट्रेनों में बैखौफ फेरी करने वालों को देखकर यह सवाल उठाये जाने लगे है कि आखिर अवैध वैंडिंग को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति के अनुपालन करने का दावा करने वाला चक्रधरपुर मंडल रेल प्रशासन इस मामले में क्यों मौन है? डीआरएम से लेकर सीनियर डीसीएम तक यह बात पहुंचाने वाले लोग क्यों मौन है? छह माह से अधिक समय से बंद रहने वाले अवैध वेंडर्स की गतिविधियां RPF प्रभारी कमलेश समाद्दार के आते ही क्यों शुरू हो गयी ? इस मामले में आरपीएफ के कमांडेंट साहब क्यों मौन हैं? यह बड़े सवाल है. जबकि स्टेशनों पर दर्जनों सीसीटीवी की निगरानी RPF के जिम्मे है तो क्यों उनमें अवैध हॉकर नजर नहीं आते ?
हालांकि बीते शुक्रवार 18 अप्रैल 2025 को RPF के सहायक कमांडेंट एडी प्रसाद ने अचानक से सुबह उत्कल एक्सप्रेस के आने के साथ ही अभियान चलाकर एक दर्जन से अधिक अवैध वेंडरों को पकड़ लिया. सभी पर विधिवत कार्रवाई सुनिश्चित करायी गयी. RPF ASC की कार्रवाई शुरू होते ही अवैध वेंडर इधर-उधर भागने लगे. कई लोग पार्सल की ओर से भागे तो कई स्टेशन के दूसरे छोर से होकर बाहर निकल गये. हालांकि स्टेशन पर फेरी करने वाले एक दर्जन से अधिक अवैध वेंडरों पर जुर्माने की कार्रवाई की गयी. RPF ASC के अभियान में अवैध वेंडरों के पकड़े जाने पर के बाद यह सवाल स्वभाविक रूप से उठने लगा है आखिर यह खेल किसके ईशारे पर चल रहा है ?

एएससी की कार्रवाई के बाद भागते अवैध वेंडर
अवैध कमाई को लेकर होने लगा टकराव
आरपीएफ के सूत्रों का कहना है कि अवैध वेंडिंग से होने वाली अवैध कमाई को लेकर आरपीएफ के अधिकारियों में ही अनबन शुरू हो गयी है. लगभग तीन दर्जन (36) अवैध वेंडर है जिनसे बड़ी रकम की वसूली आरपीएफ की ओर से की जाती है. यही कारण है कि इसे लेकर आरपीएफ के लोगों में ही टकराव शुरू हो गया है. आरपीएफ ASC की कार्रवाई को भी इसी टकराव का नतीजा बताया जा रहा. वहीं आरपीएफ ओसी ने अवैध वेंडिंग से जुड़े अपने स्पेशल को भी बदल दिया है. इस बदलाव का कारण अब तक स्पष्ट नहीं है?
राउरकेला से झारसुगुड़ा तक ट्रेनों में धड़ल्ले से चल रही अवैध वेंडिंग
राउरकेला से झारसुगुड़ा के बीच ट्रेनों में एक सौ से अधिक वेंडरों की गतिविधियां संचालित हो रही है. जानकारों का कहना है कि दोनों ओर से वेंडरों को ट्रेनों में प्रवेश की पूरी छूट आरपीएफ के राउरकेला प्रभारी कमलेश समाद्दार और झारसुगुड़ा प्रभारी योगेन्द्र कुमार की ओर से मिली हुई है.यही कारण है कि यहां अवैध वेंडरों का मनोबल सांतवे आसमान पर है और वह आम यात्रियों ने उलझने से भी नहीं डरते.
यह भी पढ़ें : सुपरफास्ट गाड़ियों को ”बर्निंग ट्रेन” बना सकता है ”केंदू पत्ता”
रेल प्रशासन का दावा- अवैध वेंडिंग पर जीरो टॉलरेंस की नीति

पूर्व के की गयी कार्रवाई पर डीआरएम का दावा, अब भी ये वेंडर राउरकेला में फेरी कर रहे
चक्रधरपुर मंडल रेल प्रशासन की माने तो अवैध वेंडिंग को लेकर वह गंभीर है और ऐसे मामले में जीराे टॉलरेंस की नीति का अनुपालन सुनिश्चित कराया जा रहा है. पूर्व में चले अभियान में स्वयं डीआरएम ने इस मामले में हस्तक्षेप किया था. तब तत्कालीन एसीएम विनीत कुमार को राउरकेला स्टेशन पर अवैध गतविधियां रोकने की जिम्मेदारी सौंपी गयी थी. उन्होंने सक्रियता दिखाते हुए राउरकेला समेत ट्रेनों में अवैध वेंडिंग पर रोक लगा दी थी. हालांकि एक बार फिर से यह सब कुछ बेखौफ शुरू हो चुका है जिस पर डीआरएम तरुण हुरिया ने सीनियर डीसीएम आदित्य चौधरी को कार्रवाई करने के आदेश भी दिये लेकिन कॉमर्शियल की ओर से कुछ कार्रवाई नहीं की गयी. …. जारी
रेलहंट का प्रयास है कि सच रेल प्रशासन के सामने आये. ऐसे में कोई भी यात्री अवैध वेंडिंग से जुड़ी अपनी परेशानी अथवा उसके साथ हुई घटना की जानकारी whatsapp 9905460502 पर दे सकते हैं. उसे पूरा स्थान दिया जायेगा.
















































































